चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

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Saturday, May 15, 2010

इंद्रधनुष के सात रंग मुस्काए (चर्चा मंच - 154)


नन्हे-मुन्ने, प्यारे-प्यारे!
इस दुनिया में सबसे न्यारे!
हम सब की आँखों के तारे!
ख़ुशबू के छोड़ें फव्वारे!
जिन्हें देख मन कहता गा रे!
जिनके मन में शक्करपारे!
जो हैं सबके राजदुलारे!

ऐसे मुस्कराते हुए फूलों की 7 चर्चाएँ करने के बाद
मुझे ऐसा लग रहा है, जैसे - मैं इंद्रधनुष से भी ऊपर पहुँचकर
अनगिनत रंगों की आकाशगंगा में गोते लगा रहा हूँ और आप सब भी मेरे साथ हैं!
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आज सबसे पहले बात करेंगे
उस चीज़ की, जो इन फूलों को सबसे अच्छी लगती है!
जी हाँ, बिल्कुल सही सोच रहे हैं आप : अपनी माँ का मुखड़ा!




मुंडा पहाड़ बीच पर नहाना कित्ता अच्छा लगता है!
फिर जब लगती है हल्की-हल्की ठंड, तो और ज़्यादा मज़ा आता है!

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बड़ा हुआ तो ऐसा ही घर पर पालूँगा!
किंतु खिलौना ऐसा मैं हरगिज ना लूँगा!




लविज़ा आपको दिखा रही है -
भोपाल के वन विहार में विहार के कुछ मनभावन दृश्य!

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गिटार के स्ट्रिंग्स को छेड़कर एक नई धुन बनाई, आप भी सुनिए वो धुन!






लीची को पकड़ा, दिखलाया!
भइया को उसने ललचाया!

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अंत में हम मिलवाते हैं : माँ और बेटी की इस सुंदर जोड़ी से!
बेटी का कहना है : रंग-बिरंगी तितली-जैसी, नटखट-सी है मेरी माँ!





19 comments:

  1. अति उत्तम! आपका अंदाज़ निराला है।

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  2. बेहद उम्दा और अलग चर्चा !!

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  3. वाकई इंद्रधनुष

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  4. KYA BAAT HAI !!!
    ZABARDAST HAI JI...

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  5. वाकई, बच्चों के इतने सुंदर चित्र देख कर ही चर्चा का शीर्षक सार्थक हो गया.

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  6. ..अतिसुन्दर ... बेहतरीन... लाजवाब!!!

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  7. बहुत प्यारा इन्द्रधनुष....बधाई

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  8. सात रंगों की खिलती, मुस्काती चर्चा के लिए आभार!

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  9. इन्द्रधनुष से हमारी तुलना कर आपने हमें नया नाम दिया है , धन्यवाद माधव की चर्चा के लिए ,

    मुस्काती चर्चा के लिए आभार!

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  10. वाह ! बच्चों की निराली दुनिया में कितना आनंद आता है.

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  11. अच्छी प्रस्तुति। बधाई।

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  12. bachcho ki ye rang birangi duniya atyant manmohak...

    is sundar charcha ke liye aabhar...

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  13. आप सबकी
    मनभावन टिप्पणियों के लिए आभार!
    --
    आप सबकी आँखों में
    हमेशा ऐसे ही ख़ुशियों से सजे इंद्रधनुष मुस्कराएँ!

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  14. आज तो रवि अंकल ने वाकई सबके चेहरे पर मुस्कान ला दी..इन्द्रधनुषी चर्चा..यहाँ अंडमान में तो आज वाकई इन्द्रधनुष दिखा..खूब बारिश हुई !!

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  15. 'पाखी की दुनिया' की चर्चा के लिए आपको ढेर सारा प्यार व धन्यवाद !!

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  16. भारी-भरकम माहौल में हवा के ये शीतल झोंके बेहद सुकून देने वाले हैं...आभार...

    जय हिंद...

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