चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

समर्थक

Thursday, December 09, 2010

इज़हार कोई कैसे करे?………………चर्चा मंच

 आ गयी फिर बृहस्पतिवार की चर्चा अपने रंग मे और ज्यादा वक्त बर्बाद नही करती और ले चलती हूँ सीधे चर्चा की ओर्………………

फिर न वापस आऊंगा.
गुजरा हुआ ज़माना आता नही दोबारा

हादसों के शहर में ---संजय भास्कर

ज़रा बच के चलिये हर मोड पर तूफ़ान खडे हैं

इक तारा

किस्मत का मारा

बच्चों का व्यवहार बदलते विज्ञापन....!

इस कुचक्र मे बच्चे ही नही बडे भी फ़ंस जाते हैं…

एक ख्वाइश

ख्वाहिश हो तो ऐसी

वसुंधरा पाण्डेय की कविता
खुद ही जानिये

दर्पण देखो
कौन कौन से दर्पण मे निहारोगे
क्या खुद को पह्चान पाओगे

तेजस्वी और विनम्र क्रियाशील व्यक्ति हमेशा विजयी होता है ...

सत्य वचन

मेरी सांसों में रु-ब-रु हो जा...
ज़िन्दगी की पह्चान बन जा

अनुमति दो माँ ...
आज तुम्हें जाना है
तेरे दर्द को पह्चाना है

ऐसी अदा-ऐ-गुज़ारिश मुझमें है

एक बार आजमा कर तो देख

पेन ड्राइव के बारे में जानकारी
बहु्त जरूरी है

अगला धमाका होने तक ..

आओ सो जायें ……………

जाने क्या है ये!!!!------------------------ दीपक 'मशाल'
यही तो जानना है?

"अखिल भारतीय ब्लागर्स एसोसिएशन" का चुनाव

कौन जीतेगा?

माँ की आवाज़
और ख्वाबों के महल

इस्मत आपा के नाम

एक प्रवाह विचारो का

हैफ!..क्यूँ ...किसलिए
क्या कहें?

लाफ्टर का चौक्का...खुशदीप

लगाये जाओ…………

हमारा आत्मसमर्पण दिवस
जय हो गुलामी की…………

ये सन्निकटता बनी रहे.....

बिल्कुल जी

विचार-८१ :: परम्परा

जरूर निभानी चाहिये………कोई  तो कारण होगा

मुस्कराते भ्रम

इन्ही मे जीने दो

नील कमल की कविताएं
ज़िन्दगी की धारायें

मैं बेटी का हक मांगूंगी.......
क्यों नही……… मगर यहाँ माँगने से कुछ नही मिलता अपना हक छीनना पडता है

आदि शंकराचार्य
नमन है…………॥

राजस्‍थान को मेरी आँखों से देखो, हमें मालूम है प्रेम के मायने – अजित गुप्‍ता

यही तो सच्चा प्रेम है


शाश्वत सत्य

मान लो ………जान लो

जीना आसान हो जायेगा


कोरियर ब्यॉय
ज़िन्दगी का गणित


तुझे सब है पता.... है ना माँ !
और किसे पता होगा?

रोइए जार-जार क्या....कीजिये हाय-हाय क्यूँ !!!
एक दिन ये होकर रहेगा 

आपका सपना सच होकर रहेगा


सबक़ ले लो इश्क़ का मुझसे मेरे हबीब, कुछ साल उम्र में तो तुझसे बड़ा हूँ मैं !
क्या गज़ब करते हो जी


बनारस...
ज़रा झांकना इसके अंतस में

इजहार......

इज़हार कब शब्दो का मोहताज़ हुआ है
ये जज़्बा तो नज़रों से बयाँ हुआ है

चलिये दोस्तों …………हो गयी आज की चर्चा पूरी अब आपके विचारों की प्रतीक्षा है……………

50 comments:

  1. वंदना जी
    एकबार पुनः भपूर कौशल और ठोस- सारगर्भित त्प्पनियों के साथ प्रस्तुत किया गया पठनीय और माननीय पोस्ट. साथ ही ढेर सारे लिंक जो वास्तव में गंभीर हैं और उन्हें पढ़ा जाना चाहिए. आकी पारखी नजर को सलाम, सार्थक श्रम को प्रणाम और मेरी रचना सम्मिलित करने हेतु आभार......

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  2. कई लिंक्स लिए चर्चा बहुत अच्छी रही |
    आशा

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  3. चर्चा का यह अन्दाज अच्छा है

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  4. आपके इस अथक समर्पण को नमन...

    चर्चा में जगह देने के लिए आभार...

    जय हिंद...

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  5. वंदना जी,
    बहुत अच्छा चर्चा मंच सजाया है आज आपने.बहुत सुन्दर,बहुत ही सुन्दर.

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  6. charcha me sthan dene keliye dhanyavad............links padhkar maza aa gaya

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  7. बहुत ही सुन्दर और सार्थक चर्चा है। अच्छे और उपयोगी लिँकोँ के लिए आभार वन्दना जी।

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  8. हमेशा की तरह लाजवाब !

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  9. अच्छे लिंक्स अच्छी सारगर्भित चर्चा।

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  10. उपयोगी लिँकोँ की बहुत अच्छी चर्चा ....चर्चा में जगह देने के लिए...आभार......

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  11. आज की चर्चा जोरदार लगी ...आभार

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  12. चर्चा बहुत ही सुन्दर रही... हमेशा ई तरह आज भी कई अच्छे लेख, रचनाएँ पढने को मिलीं...
    धन्यवाद...
    मेरी छोटी-सी रचना को स्थान देने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया...

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  13. अच्छी चर्चा ....अच्छे लिंक्स मिले ..बस अब जाती हूँ यहाँ से लिंक्स पर :):)

    मेरी रचना लेने के लिए आभार

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  14. वंदना जी एक बार फिर से सम सामयिक विचारों / विषयों पर सोचने को आमंत्रित करती चर्चा के लिए बहुत बहुत आभार|
    http://thalebaithe.blogspot.com

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  15. मेरी रचना लेने के लिए आभार

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  16. चर्चा में जगह देने के लिए आभार..

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  17. charcha manch per meri rachna ko charchit karne ke liye hardik aabhar Vandna ji.

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  18. इस पोस्‍ट को सम्‍भाल कर रख ली है, क्‍योंकि आज चिट्टा जगत बन्‍द है तो आपके परिश्रम का भरपूर उपयोग होगा। आभार।

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  19. This comment has been removed by the author.

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  20. वंदना जी

    वंदना दी कह सकती हूं आपको...
    बहुत समय से देख रहूँ आपको. आप ने हमेशा मेर hounsla बढाया..जो आगे बढने और लिखने में प्रोत्साहन देता है .....
    मेरी रचना का चयन करने के लिए बहुत बहुत शुर्किया...और मुझे इन्फार्म करने के लिए भी तह ए दिल से शुर्किया..

    हाँ..आपके के कारण...मैं यहाँ तक आई....और आज..इतने अच्छे रचनाकारों को पड़ा.......बहुत ही अच्छे लिनक्स chune हैं आपने.....
    शुक्रिया ....और बधाई....बहुत achcha चयन
    फिर से धन्यवाद
    take care

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  21. वन्दना जी आपके चयन को एक बार फिर सलाम। सुंदर लिंक्स दिए हैं।
    हमारे ‘विचार’ को मंच पर स्थान देने के लिए तहे दिल से शुक्रगुज़ार हूं।

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  22. वन्दना जी!
    चर्चामंच पर मेरी रचना को स्थान देने के लिए आभार!
    लाजवाब है,आपका रचनाओं को प्रस्तुत करने का अंदाज़....
    बधाई व धन्यवाद!

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  23. अखिल भारतीय ब्लागर्स एसोसिएशन" का चुनाव
    कौन जीतेगा?

    ताऊ ही जीतेगा !
    वहां एक ही दुकानदार है, तमाशबीन बेवकूफ बनते हैं बेचारे !
    ताऊ की दूकान चलती जायेगी

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  24. कई उपयोगी लिंक्स पढ़ने को मिले। आभार।

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  25. बहुत सुन्दर चर्चा है ..आभार.

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  26. वंदना जी, आपका बहुत आभारी हूं।
    मेरा ब्लॉग- दिव्य प्रकाश, आपका भी है।

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  27. बहुत सुन्दर चर्चा..!

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  28. चर्चा का अन्दाज अच्छा है ...

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  29. सुन्दर चर्चा,वंदना जी !

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  30. वाह बहुत सुन्दर शुक्रिया मेरे लिखे लिंक को लें एके लिए

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  31. बेहतरीन चर्चा.

    रामराम.

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  32. bahut hi sunder charcha
    charchamanch par sthan dene ko sukriya

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  33. मेरी पोस्ट को स्थान देने के लिए आभारी हूँ ...

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  34. सुंदर लिंक्स दिए हैं आभार..चर्चा में जगह देने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद

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  35. सारे लिनक्स पे तो नहीं जा सकी पर जहाँ जहाँ गयी, बिना कुछ कहे वापिस ना आया गया... बहुत अच्छी पोस्ट्स! आपके प्रोत्साहन और अच्छे लिनक्स के लिये शुक्रिया!

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  36. बहुत सुन्दर चर्चा..सुन्दर लिंक्स..आभार

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  37. आदरणीया वंदना जी,
    चर्चा मंच पर आज के सभी लिंक्स बहुत ही अच्छे हैं.
    मेरा सौभाग्य है की आपने आज मुझे भी स्थान दिया.

    सादर

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  38. मैंने अपना पुराना ब्लॉग खो दिया है..
    कृपया मेरे नए ब्लॉग को फोलो करें... मेरा नया बसेरा.......

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  39. बहुत सुंदर चर्चा वंदना जी, चिटठा जगत की कमी पूरी कर दी.

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  40. वंदना जी चर्चा मंच पर मेरी रचना को स्थान देने के लिए बहुत -बहुत धन्यवाद ..आभार ,और आपको ढेरों शुभकामनायें ,आपके इस सुन्दर प्रयास अथक परिश्रम को मेरा नमन ..
    एक बार फिर ढेरों शुभकामनाओं के साथ ...

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  41. itni achhi charcha ke liye dhanyavaad.....

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  42. charcha manch me aakar hamesha achcha hi lagta hai. dher sare links mil gaye fir se. meri post ko bhi jagah dene ke liye dhanywad!.

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  43. vandanaji bahut badiya links mile,sry der se aane ke liye par yaha tak aane ka link nahi mil raha tha....shamil karne ke liye bahut bahut dhanyavad....

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