साहित्यकार समागम

मित्रों।
दिनांक 4 फरवरी, 2018 (रविवार) को खटीमा में मेरे निवास पर साहित्यकार समागम का आयोजन किया जा रहा है।

जिसमें हिन्दी साहित्य और ब्लॉग से जुड़े सभी महानुभावों का स्वागत है।

कार्यक्रम विवरण निम्नवत् है-
दिनांक 4 फरवरी, 2018 (रविवार)
प्रातः 8 से 9 बजे तक यज्ञ
प्रातः 9 से 9-30 बजे तक जलपान (अल्पाहार)
प्रातः 10 से अपराह्न 1 बजे तक - पुस्तक विमोचन, स्वागत-सम्मान, परिचर्चा (विषय-हिन्दी भाषा के उन्नयन में
ब्लॉग और मुखपोथी (फेसबुक) का योगदान।
अपराह्न 1 बजे से 2 बजे तक भोजन।
अपराह्न 2 बजे से 4 बजे तक कविगोष्ठी
अपराह्न 5 बजे चाय के साथ सूक्ष्म अल्पाहार तत्पश्चात कार्यक्रम का समापन।
(
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री का निवास, टनकपुर-रोड, खटीमा, जिला-ऊधमसिंहनगर (उत्तराखण्ड)
अपने आने की स्वीकृति अवश्य दें।
सम्पर्क-9368499921, 7906360576

roopchandrashastri@gmail.com

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Saturday, June 19, 2010

ख़ुशबू के छोड़ें फव्वारे! (चर्चा मंच - 189)



नन्हे-मुन्ने, प्यारे-प्यारे!
इस दुनिया में सबसे न्यारे!
हम सब की आँखों के तारे!
ख़ुशबू के छोड़ें फव्वारे!
जिन्हें देख मन कहता गा रे!
जिनके मन में शक्करपारे!
जो हैं सबके राजदुलारे!


कोई कुछ भी कहे,

पर इस दुनिया में सबसे प्यारी

और न्यारी

तो

बच्चों की फुलवारी ही होती है,

क्योंकि यह फुलवारी हमारे

मन को ख़ुशियों के फव्वारे से सराबोर कर देती है!

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आशू अंकल की तरफ से मेरा प्यारा-सा चित्र : पाखी!




एक बार कछुए ने खरगोश को पता है क्या बोला?
और
एक पिल्ले ने अपना गृहकार्य कैसे पूरा किया?




बारिश में इशिता की मनपसंद मस्ती!






बैंकॉक के सफ़ारी वर्ल्ड की सैर कीजिए आदित्य के साथ!




पितृ-दिवस पर चुलबुल का उपहार!






कैसे जन्म हुआ रसगुल्ले का? आइए पता करते हैं!






और अब मिलते हैं उससे, जो बच्चों को सबसे ज़्यादा प्यार करती है!

image





संगीता स्वरूप जी ने एक और मनभावन शिशुगीत रचा है!






माधव ने तो अपने घर की पुताई ही कर डाली !






- एक ख़ुशख़बरी -


आनेवाले रविवार यानि कल से प्रत्येक रविवार को


पर भी नन्हे साथियों की ऐसी ही रंग-रँगीली चर्चा मेरे द्वारा की जाएगी!


17 comments:

  1. बहुत बढ़िया प्रस्तुति ............बेहद उम्दा चर्चा ! आभार !

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  2. बढ़िया प्रस्तुति

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  3. सुन्दर प्रस्तुति

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  4. मनोहारी और रंगबिरंगी चर्चा अच्छी लगी , रसगुल्ले देख कर रहा नहीं गया और सुबह सुबह बेटी से आपने डांट डलवा दी, ऐसे फोटो नहीं लगाना चाहिए ! शुभकामनायें !

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  5. बहुत सुन्दर प्रस्तुति... और ये माधव भाई सारा घर पेंट कर डालेंगे क्या ?

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  6. बहुत सुन्दर प्रस्तुति.

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  7. बहुत सुन्दर प्रस्तुति.

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  8. बज़ (Buzz) से इंदु पुरी गोस्वामी की
    एक बहुत ही मर्मस्पर्शी और प्रभावशाली टिप्पणी --

    indu puri goswami –

    माँ कहती है चरा बकरियाँ
    बापू कहता दो पैसे कमा
    होटल मे कप प्लेटे धो या
    प्लास्टिक,लोहा बीन के ला

    19 Jun 2010

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  9. भाई सतीश जी,
    रसगुल्ला खाने पर तो आवाज़ तक नहीं होती!
    --
    रसगुल्ला अगर हल्ला-गुल्ला करके खाएँगे,
    तब तो ऐसा ही होगा!
    --
    फिर भी मैं आपकी बात का ध्यान रखते हुए
    अब ऐसे फ़ोटो नहीं लगाऊँगा!
    --
    इस बार रसगुल्ले का नहीं,
    इमरती का फ़ोटो लगाने की तैयारी है!

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  10. बहुत सुन्दर प्रस्तुति....

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  11. very nice presentation. you are just rocking. we all are very greatful to you for your generous contribution

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  12. hamesha ki tarah bahut sundar charhca...ek manbhavan charcha aur padhne milegi ye to sabse pyara surprise gift raha...ab to Saturday ke saath saath sunday bhi baal divas ban jayega... :)

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  13. शुभम् जी,
    "सरस पायस" पर पहली "सरस चर्चा"
    प्रकाशित होने में अब कुछ ही देर बची है!
    --
    यह मध्यरात्रि के तुरंत बाद
    12 : 01 AM पर प्रकाशित हो जाएगी!

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  14. कित्ती प्यारी चर्चा है...मजेदार. 'पाखी की दुनिया ' की चर्चा के लिए विशेष आभार !!

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