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Wednesday, June 09, 2010

“चर्चा मंच-178” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)


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मित्रों! 

सादर अभिवादन! 
आज मैं अधिक से अधिक ब्लॉगरों की 
पोस्टों को आप तक पहुँचा रहा हूँ!
आज जो छूट गये हैं,
अगले सप्ताह उनकी भी खबर लूँगा!

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♥ आलेख ♥

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दिल्‍ली यात्रा के दौरान सबसे अधिक मौका भतीजे भतीजियों के साथ रहने का मिला। ये है साढे चार वर्षीय यूरी सेठी , तीन वर्ष की उम्र तक खाना ही नहीं जानती थी , 
स...
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*मन हो गया उदास* -- करण समस्तीपुरी 
बहुत दिनों के बाद नहीं हो जब तुम मेरे पास ! 
बहुत दिनों के बाद आज फिर मन हो गया उदास !! 
जान रहा हूँ मैं भी है यह... 
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बिखरे सितारे: सितम यह भी था.. .(गतांक:सब से भयानक बात जो सामने आयी वो यह थी...मेरे डॉक्टर ने मुझे ज़बरदस्त धोखा दिया था....एक डॉक्टर की शपथ को कूड़े में फेंक दिया था...क्यों? क्यों किया ... 
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मेरे शहर के आटो कभी बैठकर देखिये मेरे शहर के आटो पर. क्या खूब हैं, बढ़िया हरा रंग, जिस पर काले रंग से सुशोभित होता है "CLEAN CITY GREEN CITY". और इस हरे रंग तथा इन शब्दों ... 
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भ्रष्ट राजनीति और रसूकदारों की रखैल बनकर रह गई है, हमारी यह न्याय व्यवस्था ! शुरू करने से पहले एक छोटी सी पहेली ; "यू मस्ट ब्रिंग दी चेंज" (You must bring the change !) यह महान वाक्य किसने कहा ? अगर न मालूम हो तो आप इसका उत्तर लेख के...
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हरियाणा में दलितों की तो शामत आ गई लगती है. मिर्चपुर की घटना को हुये अभी लगभग एक महीना ही गुजर पाया था कि पलवल जिले के भिटुकी गांव में एक बार फिर दबंगों ने दलितों ...

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शाबाश लड़की * * *एक लड़की** जो मां की पुरानी खांसी मकान मालिक की धौंस से जानती है निपटना इंच-इंच भर लड़ते हुए एक लड़की जो भाई की बेकारी पिता का दर्द ओढ़ते हुए...
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नैपरविल गाँव का पतंग मेला ... 
इस गाँव को शिकागो का पश्चिमी सबर्ब बोला जाता है और इसका आधिकारिक नाम है
 "सिटी ऑफ़ Naperville ". 
ये शिकागो से लगभग ४० मील की द... 



मेरी आवाज
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*दीद जी का प्रयास साथियों को **
आगे लाने में ही रहता है* भाई दीद जी का मैंने खूब नाम सुना था 
मगर मिलने का पहला मौका इनके अखबार 'टाबर टोल़ी' के लोकार्पण पर...

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♥ लघुकथा ♥

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रोशनी की तलाश ...

एक गलियाराकुछ अंधेराअपने मे समाये हुयेमै चला जा रहा थाइस गलियारे केबीचो बीच रोशनी की तलाश मेआंखे बडी हुईमन मे एक डरशरीर पर एक सिरहनचेहरे मे सिकनरुकती सी धडकन सहसा एक रोशनीधीमे से गलियारे मेफैलने लगीसब कुछ साफनज़र् आने लगागलियारे का स्वरुप अलग सा थामेरी
प्रतिबिम्ब बड़थ्वाल 



बस!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!............................इतनी -सी बात है...................................

एक व्यक्ति दूसरे से -----"आपने इतना अदब कहाँ से पाया?"दूसरे ने जबाब दिया-----"बेअदबों से।"पूछने वाला असमंजस में पड गया।.......उसने कहा-- "यह कैसे?.....भला उनसे कोई क्या सीख सकता है ?"मुस्कराते हुए दूसरे से उत्तर मिला-----"इसमें हैरान होने की क्या बात है

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 रमा के मामा रमेश के घर में कदम रखते ही रमा के पिताजी को लगा कि 
जैसे उनकी सारी समस्याओं का निराकरण हो गया. 
रमेश फ्रेश होने के पश्चात, 
चाय की चुस्कियां लेने ... 
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हरिभूमि में व्यंग्य - लेखन क्षमता का अदृभुत कमाल

//व्यंग्य-प्रमोद ताम्बट//देश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं लेकिन विकट प्रतिभाएँ गिनी-चुनी हैं। एक विकट प्रतिभा का अभी कुछ ही समय पहले आविर्भाव हुआ है। आई.पी.एल,. जिसका फुल-फार्म इंडियन पिसाई लीग, इंडियन पैसा लीग, इंडियन पापी लीग आदि-आदि किया जाकर अब भी
प्रमोद ताम्बट

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♥ काव्य-धारा ♥

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“व्यञ्जनावली-पवर्ग”


कल अन्तस्थ और परसों ऊष्म पर 

मुक्तक लगाने है!
उसके बाद फिर से 
अपने रंग में आ जाऊँगा!

knमानो तो ये महादेव हैं,  बहुत निराले इनके ढंग!!....
"प"

"प" से पर्वत और पतंग!    


पत्थर हैं पहाड़ के अंग!  

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मैं एक कविता बस छोटी सी मैं एक कविता बस छोटी सी हर दिल की तह में रहती हूँ. भावो से खिल जाऊं मैं शब्दों से निखर जाऊं मैं मन के अंतस से जो उपजे मोती सी यूँ रच उठती हूँ. म... 
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ज़िंदगी..........(श्यामल सुमन).................गजल आग लग जाये जहाँ में फिर से फट जाये ज़मीं। मौत हारी है हमेशा ज़िंदगी रुकती नहीं।। आँधी आये या तूफ़ान बर्फ गिरे या फिर चट्टान। उत्तरकाशी भुज लातूर सुनामी और पाकि... 
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जब भी चाहा तुमने दस्तक देना , 
मेरे ख्यालों का दरवाज़ा 
हमेशा तुमको खुला मिला था 
आज मैंने चाहा कि 
ज़रा खटखटा दूँ पर वहाँ एक मौन का... 

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आज तक ....!!! नही मिली .. आज तक वो नही मिली ,जिसकी दरकार थी , झूठी निकली मेरी तमन्ना ,पीड़ मिली हार बार थी ॥ तिनका -तिनका जोड़ परिंदों ने, घर अपना बना लिया , ना मिला कोई मेरे घर को,...

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पहली बरसी पर विशेष :- अश्रुपूरित श्रद्धांजलि आज से ठीक एक साल पहले हिंदी साहित्य और रंग मंच को घोर कठोर आघात लगा था उससे वह आज तक सदमे में है ! आज ही के दिन हिंदी साहित्य और रंग मंच के ४ धुरंधर खिलाडी..
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तुम्हें याद है वो.................. तुम्हें याद है वो मौसम की पहली बारिश में भीगना और इतना भीगना कि हाथ -पैर और होठों का नीला पड़ जाना फिर ठण्ड से ठिठुरना और ठिठुरते -ठिठुरते तेरे आगोश में सि..

वन्दना गुप्ता जी!
आपको जन्म-दिन की हार्दिक शुभकामनाएँ!

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आ,दोनों अपनी उँगलियों से पानी को छेड़े और बैठे बैठे ख़ामोशी को यूँ उधेड़े कि हर लफ्ज़ खुद में कहानी हो जाये इन बूंदों की गिरफ्त में चलो रूमानी हो जाएँ ॥ आ जि...

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' गर , लेकिन ' ( if n buts ) ** *खुरदरे सफ़र ने मिटा दिए ' गर , लेकिन ' चिकनी सतह पर नहीं टिकता कुछ भी* *ज़िन्दगी तेज चली खुशनुमा सफ़र में तो भारी वक़्त जैसे रेंग कर रुक गया हो अभी सा... 
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अलबेला खत्री पर एक नापसंद का चटका लगादे ना भाई ! फोन करके धमकाने वाले 78 फोन पर समझाने वाले 37 फोन पर पुचकारने वाले 12 फोन पर बधाई और शाबासी देने वाले 169 __________
वाह रे हिन्दी ब्लोगिंग ! स्तनो...

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अंधा प्यार - एक कहानी आज एक छोटी सी कहानी कुछ अलग तरह की... रीना ज़िंदगी मुकम्मल तो कभी भी नहीं थी। बचपन से आज तक कहीं न कहीं, कोई न कोई कमी लगातार बनी रही। बाबा कितनी जल्दी हमें ...

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( 1 )
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( 2 )
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( 3 )
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( 4 )
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( 5 )
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( 6 )
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( 7 )
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( 8 )
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चर्चा के अन्त में
♥ कुछ कार्टून्स ♥  

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घर में निरूपमा राय और बाहर मल्लिका शेरावत ...?

>> TUESDAY, JUNE 8, 2010

 ऐसा क्यों है कि भीड़ में या 
सूनसान में  अकेली लड़की को पा कर
                  मर्दो  के अंदर का ‘रावण’ जाग ही जाता है.....  ???? 

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कहीं पे निगाहें, कहीं पे निशाना...(कार्टून धमाका)


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22 comments:

  1. आईये जानें ... सफ़लता का मूल मंत्र।

    आचार्य जी

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  2. वाकई आज तो चर्चा में कुछ और बात है. सुंदर.

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  3. rangon ki chhata dekhne yogy hai...aur saare links laajwaab...
    sach mein aapki baat hi niraali hai shastri ji...
    aapke charan kahan hai...zara choo lun...
    hriday se dhnywaad...

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  4. बेहतरीन विस्तृत चर्चा शास्त्री जी !

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  5. रंग-बिरंगी, सुंदर चर्चा।

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  6. बहुत खूब, लाजबाब !

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  7. बहुत सुन्दर और अच्छी चर्चा....इतने सारे लिंक्स के लिए आभार

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  8. आपने अपनी चर्चा में मेरी पोस्ट शाबाश लड़की को शामिल किया उसके लिए आपका धन्यवाद।
    स्नेह बनाए रखेंगे... आभारी रहूंगा।

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  9. बहुत सुन्दर चर्चा शास्त्री जी!

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  10. bahut umda........

    shaandaar charcha !

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  11. बहुत ही खूबसूरत सी चर्चा ..आभार.

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  12. वाह वाह वाह्………………बेहद आकर्षक चर्चा।मज़ा आ गया।

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  13. बढिया चर्चा शास्त्री जी!

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  14. all above mentioned blogs/links are very interesting and worth reading

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  15. युही अपना आशीष बनाये रखें | प्रणाम !

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  16. बहुत सुंदर चर्चा ,कई रचनाओं के लिंक पानें के लिए आभार |
    आशा

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  17. चर्चा मे शामिल करने के लिए आभार......

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  18. बेहद सशक्त मंच, लाजवाब संकलन,और सुन्दर प्रस्तुति..बधाई !

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  19. ये नया अंदाज़ पहले की चर्चाओं से काफी बेहतर लगा.. आभार

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  20. mujhe to aapki is charcha me hona hi ..mere liye saubhagy ki bat hoti hai ..shastri ji ko mera aabhar.

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  21. badiya rahaa....thx for including my post :)

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"राम तुम बन जाओगे" (चर्चा अंक-2821)

मित्रों! सोमवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक। (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')   -- ...