Followers

Friday, June 25, 2010

"सजना है मुझे, सजना के लिए!" (चर्चा मंच-195)


बहुत दिनों बाद कुछ मूड हुआ कि कुछ लिखा जाये
और आप सब को भी कुछ रचनाओ से रु-ब-रु करा दूं ..
उम्मीद करती हूँ आप इन्हें पसंद करेंगे..

-------------
आज सबसे पहला सन्देश और निमंत्रण राज भाटिया जी का आप सब के लिए ..


My Photo

ब्लांग मिटिंग या फ़िर ब्लांग मिलन..... तो हो जाये..
आज कल मेरे दिल मै एक अजीब सा ख्याल आता है कि क्यो ना मै यहां भी एक ब्लांग मिटिंग करुं, या सीधे शब्दो मै कह ले एक ब्लांगर मिलन..
रेखा श्रीवास्तव जी बता रही हैं बारिश की महत्ता एक किसान और एक गरीब की नजर में..

बादलों की गर्जन
बारिश की टप टप
जंगल में नाचते मोर
गलियाँ भरी
पानी में भीगते
बच्चे मचाते शोर,

कितना विरोधाभास !

http://hindigen.blogspot.com/2010/06/blog-post_23.html

अनीता सिंह (अनु) अपनी भावनाओ और विचारो से खेलती, बतियाती कहती हैं.
मै हूँ ...

क्या करूं क्या करूं इश्क नादान है


दर्द है दिल में और दिल परेशान है
बस यही दर्द अब मेरी पहचान है


हम तेरी आरजू में फना होगये

मेरी चाहत से बस तू ही अनजान है

वाणी जी की लेखनी देखिये क्या सन्देश देती है..



मत रोको उन्हें ...उड़ने दो ...बहने दो ...
मत रोको
उड़ने दो उन्हें
उन्मुक्त गगन में
मुक्त
निर्द्वंद्व , निर्भय , निरंकुश
छू आने दो व्योम के उस छोर को
..



जीशान साहब लाये है एक ऐसा लेख जो आपको दे सकता है नयी नयी जानकारिय...और इस्लाम धरम की खोजे.

http://hamarianjuman.blogspot.com/2010/06/blog-post_21.html
क्या ब्रह्माण्ड में हम अकेले हैं?

क्या पानी पृथ्वी के बाहर मौजूद है?
तमाम आसमानों में समुन्द्र यानि पानी के विशाल ज़खीरे मौजूद हैं। हर ज़खीरे की गहराई कम से कम पाँच सौ सालों की यात्रा के बराबर है।

अभी साइंस ये तय नहीं कर पायी है कि चाँद पर पानी मौजूद है या नहीं। लेकिन इस्लाम कनफर्म रूप से कह रहा है कि ब्रह्माण्ड में पानी के विशाल भंडार मौजूद हैं।

अब चिंता की कोई बात नहीं उन लोगो के लिए जो मारे मारे फिर रहे हैं अपने लिए एक मेचिंग किडनी ढूँढने के लिए..




चलेगी बेमेल ब्लडग्रुप की किडनी

किडनी बदलने के लिए सही ब्लडग्रुप के डोनर का इंतजार करना नहीं पड़ेगा। चेन्नई के एमआईओटी अस्पताल के विशेषज्ञों का दावा है.....

इंदु पूरी गोस्वामी जी की कलम पढ़िए जो नारी प्रेम के कितने ही रूप छुपाये है मन में..

मेरा फोटो

ए बंजारे आवारा बादल !
अपने मन की तूने कह ली
ठहर और देख मैं धरती,माँ, सखी, प्रियतमा सब,सब कुछ हूँ तेरी
तकती हूँ तेरी राह सदा
दूर से देख तुझे हरषाती हूँ

http://moon-uddhv.blogspot.com/
सोनल रस्तोगी जी अपना प्लान बता रही हैं की वो किस किस पर लिखेंगी...जानिए उनका प्लान..




इश्क पर लिखूंगी

हुस्न पर लिखूंगी
दिलों के होने वाले,
हर जश्न पर लिखूंगी


जानिए समीर जी से फोटो के स्लाइड शो कैसे लगाते हैं..
सजना है मुझे, सजना के लिए!!

आइये आज पढ़ते हैं तीजन बाई की जिन्दगी के कुछ पन्ने..जो पढ़ा रहे हैं राजकुमार सोनी जी..

तीजन बाई

image
तीजन की तीन बार शादी हुई लेकिन वह स्वयं मानती है शादी एक छलावे के सिवाय कुछ और नहीं है। देर से ही सही तीजन इस सच्चाई को जान चुकी है कि वह सिर्फ पंडवानी के लिए ही बनी है।

शिखा जी बता रही हैं की हम घर में सुबह शाम शुभ के प्रतीक रूप में दिया क्यों जलाते हैं ...

My Photo

हम दिया ही क्यों जलाते हैं ?
प्रकाश ज्ञान का प्रतीक है ,और अँधेरा अज्ञानता का .ईश्वर ज्ञान प्रमुख है जो हर तरह के ज्ञान को सजीव और प्रकाशित करने का स्रोत है.इसलिए प्रकाश को ईश्वर की तरह ही पूजा जाता है
http://shikhakriti.blogspot.com/2010/06/blog-post_24.html
अप्रवासी जी अपना परिचय कुछ यूं देते हैं...पाँव के भवर ने अपनी माटी से इतना दूर कर दिया कि जिस माटी की सुरभि लाकर जीता हूँ उसने ही मेरा परिचय 'अप्रवासी' कर दिया।....
प्रस्तुत है इनकी एक बहुत ही सुंदर रचना..
My Photo

एक ख्याल की बंदिश पर कई राग सजाते है,
यूँ ही बैठे बैठे, न जाने किंतने आलाप लगाते हैं
वो सरगम गाते हैं जिसका कोई रचनाकार नहीं
नयनो से बड़ा होता कोई शिल्पकार नहीं...
http://jeevankepadchinha.blogspot.com/
2010/06/blog-post_22.html

आज नुक्कड़ पर नज़र डाले..जो इशारा कर रहे हैं. चीन की कारस्तानियो पर..और चिंता जाहिर कर रहे हैं..

http://nukkadh.blogspot.com/

चीन ने भारत के खिलाफ हमेशा पाकिस्तान को उकसाने का काम किया है। भारत कभी उसकी इन हरकतों का खुलकर विरोध नहीं करता। लगता है कि इतने वर्षों बाद भी अभी हमारे मनोमस्तिष्क से 62 का डर निकला नहीं है।

योगेश शर्मा जी बता रहे हैं कि आजकल उनके दिमाग में क्या कुलबुला रहा है...शायद सब के दिमाग में ऐसा ही कुछ चलता हो..

'ब्लागिंग...विश्वामित्र...टिप्पणियां..मेनका और मैं'

मेरा फोटो

स्वच्छ सन्देश: हिन्दोस्तान की आवाज़

भारतीय मुस्लिम समाज की आवाज़
इसमें सलीम खान जी २०७० के बाद की जिन्दगी का आइना दिखा रहे हैं....जरुर पढियेगा..

सन 2070 को लिखा गया एक पत्र, मानवता के नाम !!! Must read !!



मुझे याद है पहले एक दिन में एक व्यस्क व्यक्ति को कम से कम 8 गिलास पानी पीने के लिए सलाह दी जाती थी और आजकल हमें एक दिन में मात्र आधा गिलास पानी ही पीने को मिल पाता है. हमें पहनने के लिए disposable कपड़े मिलते हैं जिसके कारण कूड़े की मात्रा अपने चरम सीमा पर पहुँच चुकी है. अब हम सेप्टिक टैंक प्रयोग कर रहे हैं क्योंकि सीवरेज प्रणाली को पानी की कमी के कारण प्रयोग नहीं किया जाता है.


और अब चलते चलते आप सब का स्वागत है मेरे ब्लॉग पर भी..

My Photo

http://anamika7577.blogspot.com/2010/06/blog-post_24.html

20 comments:

  1. अनामिका जी चर्चा पोस्ट पे लाने का बहुत बहुत शुक्रिया | विनती है कि पोस्ट में मेरा नाम ठीक कर दें, आपने मुझे शर्मा से मिश्रा बना दिया है |अच्छी पोस्ट सजाने कि बधाई |

    ReplyDelete
  2. अनामिका जी!
    आज की सुन्दर चर्चा के लिए आभार!

    ReplyDelete
  3. बहुत ही सुन्दर चर्चा…………काफ़ी लिंक्स मिल गये ………आभार्।

    ReplyDelete
  4. चर्चा मन को लुभा गई

    ReplyDelete
  5. सुन्दर चर्चा ...आभार!

    ReplyDelete
  6. बहुत सुंदर शीर्षक के साथ अच्छी चर्चा!

    ReplyDelete
  7. अच्छे लिंक्स संजोये बहुत सुन्दर चर्चा...
    आभार्!

    ReplyDelete
  8. आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।
    पोस्ट को शामिल करने के साथ-साथ बेहतर चर्चा के लिए।

    ReplyDelete
  9. good links
    &
    सुन्दर चर्चा

    ReplyDelete
  10. मेरी पोस्ट को चर्चा मंच पर लाने के लिए आभार!

    ReplyDelete
  11. खूबसूरत चर्चा ..स्पंदन को शामिल करने का बहुत शुक्रिया.

    ReplyDelete
  12. योगेश शर्मा जी माफ़ी चाहती हूँ गलती के लिए..अब नाम ठीक कर दिया गया है.

    आपकी और सभी पाठक गणों की आभारी हूँ जिन्होंने यहाँ आकर अपनी टिप्पणियों से मुझे प्रोत्साहन दिया.

    अनामिका

    ReplyDelete
  13. अच्छे लिनक्स मिले , मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार

    ReplyDelete
  14. अनामिका जी रचना पोस्ट पे लाने का बहुत बहुत शुक्रिया |

    ReplyDelete
  15. अनामिका जी रचना पोस्ट पे लाने का बहुत बहुत शुक्रिया

    ReplyDelete
  16. upchar.blogspot.com ki post lene ke liye behad aabhari hun. Kripaya sahyog banaye rakhen.Anya links par jaana achha laga hai.

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

"रंग जिंदगी के" (चर्चा अंक-2818)

मित्रों! शुक्रवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक। (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')   -- ...