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Wednesday, June 02, 2010

“चर्चा मंच-171” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)

मित्रों!
सादर अभिवादन!
आज मेरा प्रयास पिछले 1-2 दिनों के कुछ महत्वपूर्ण लिंकों से आपको रूबरू कराने का है!
♥♥ टीका-टिप्पणी करने की बजाय मैं अधिक से अधिक ब्लॉगरों की पोस्टों को आप तक पहुँचा रहा हूँ!

चौराहा चौराहा 

छलना...कब तक छलती रहोगी तुम... - छलना! मुझको छलती रही है तू सदियों से माना जिसको सदैव समर्पित हुआ ठीक उसी से, बता... अरे! मैं क्यों तिरस्कृत हुआ...? तिल-तिल, घुट-घुटकर जिसका दु:ख अब तक अपन...
चण्डीदत्त शुक्ल

मीठा है खाना, आज पहली तारीख है......
(उपदेश सक्सेना)टीवी चैनलों पर हर महीने की आखिर में एक विज्ञापन बड़ी धूम मचाता है,दिन है सुहाना, आज पहली तारीख है,खुश है ज़माना, आज पहली तारीख है,करो न बहाना, आज पहली तारीख है,मीठा है खाना, आज पहली तारीख है.....समाज में इस विज्ञापन को अलग-अलग रूप में लिया…
नुक्कड़
  उपदेश सक्सेना
उल्टा चश्मा

क्या आप के कंप्यूटर में निम्बुज़ इंस्टाल है ? - मोबाइल के बाद अब अपने कंप्यूटर मे भी आप निम्बुज़ को इंस्टाल कर सकते है|  डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करे |
ज्योतिष की सार्थकता

कहाँ है वो वैदिक ग्रन्थों में वर्णित "सोम" ??? - वैज्ञानिक निरन्तर इस खोज में रहे हैं कि वो सोमरस की जडी बूटी कहाँ मिले, जिसकी वेदों नें बडी भारी प्रशंसा की है.वेद तो उसकी स्तुति से भरे पडे हैं.उसको देवता...
डॉ.कविता'किरण'(कवयित्री)

अजनबी अपना ही साया हो गया है --वर्तमान पीढ़ी पर कुछ शेर... - अजनबी अपना ही साया हो गया है खून अपना ही पराया हो गया है मांगता है फूल डाली से हिसाब मुझपे क्या तेरा बकाया हो गया है बीज बरगद में हुआ तब्दील तो सेर भी बढ़...
अमीर धरती गरीब लोग

हर कोई स्वागत के लिये तैयार है बरखा रानी के मगर …। - हम जिस बात पर खुश हों ,ज़रुरी नही हर कोई खुश हो जाये!अब बरखा रानी को ही ले लिजिये,किसानो की तो वो जान है!वैसे भी तीन माह की तपा देने वाली गरमी से राहत केवल ...
An Indian in Pittsburgh - पिट्सबर्ग में एक भारतीय
   मनचाहे डाक टिकट - डाक टिकट इकट्ठा करने का शौक तो हम में से बहुत से लोगों को रहा होगा. थोड़ा बहुत मुझे भी है. बहुत से भारतीय टिकट और प्रथम दिवस आवरण अभी भी रखे हुए है. फ्रैंकिं...
सरस पायस
    टर्र-टर्रकर मेढक गाए : सलोनी राजपूत का नया शिशुगीत - *टर्र-टर्रकर मेढक गाए! -----------------------------------------------------* कूद-कूदकर गीत सुनाए, टर्र-टर्रकर मेढक गाए! जहाँ देखता कोई कीड़ा, झट-पट अपनी ...
हास्यफुहार   
निशाना - निशाना पति ने पत्नी के विरूद्ध तलाक का मुकदमा दायर कर दिया। अदालत में पेशी हुई। जज साहब ने पति से पूछा – “बताओ क्या बात है?” पति ने कहा - “ये मेरा ..
मुक्ताकाश....
परती पर परिकथा लिखनेवाले शिल्पी :'रेणु' - [समापन किस्त] स्कूल-कालेज तो आन्दोलन की आंधी में बंद पड़े थे, स्नातक अंतिम वर्ष की मेरी परीक्षा भी डेढ़ वर्ष बाद  ..
देशनामा 
आओ, आपको जंगलमहल ले चलूं...खुशदीप - कल आप से वादा किया था आज आपको *जंगलमहल* का सच बताऊंगा...जंगलमहल नाम सुनकर ऐसी कोई तस्वीर ज़ेहन में मत बनाइए कि ...
मनोरमा
    राष्ट्रवादी - तनिक बतायें नेताजी, राष्ट्रवादियों के गुण खासा। उत्तर सुनकर दंग हुआ और छायी घोर निराशा।। नारा देकर गाँधीवाद का, सत्य-अहिंसा क झुठलाना। एक है ईश्वर ऐसा कहकर,...
ashokvichar
  घटता आत्मविश्वास, बढ़ती आत्महत्याएं - डॉ. अशोक प्रियरंजन आजकल जिस तरह से विद्यार्थियों में आत्महत्याएं करने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, उससे तो यही लगता है कि कहीं न कहीं आत्मविश्वास की कमी के चलते...
मेरी रचनाएँ !!!!
शेक्सपियर ग़लत था.... नाम में बहुत कुछ रखा है.... : महफूज़ -       *दुनिया में इन्सान जब जन्म लेता है, तब वह अपने साथ कोई नाम नहीं लाता.* हाँ! फ़ौरी तौर पर उसका नामकरण कर दिया जाता है. *जैसे:-*          पप्पू, बिल्लू, पिंकी, चिंटू,...
गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष
दिल को खुश करनेवाली रही यह दिल्‍ली-यात्रा - यूं तो पिछले तीन वर्षों से मई या जून महीने में मुझे दिल्‍ली में ही रहने की जरूरत पडती रही है , पर इस वर्ष की दिल्‍ली यात्रा बहुत खास रही । पूरे मई महीने दि...
मनोज   पूछ मत आज मुझसे ये क्या हो गया... ! - कोई चिराग नहीं है, मगर उजाला है ! ग़ज़ल की शाख पे इक फूल खिलने वाला है !! मित्रों ! काव्य-प्रसून में आज आपके पेश-ए-खिदमत है एक ग़ज़ल ! -- करण समस्तीपुरी ...




वो कौन थी ? Voronezh Railway Station.

 *वो कौन थी?..जी ये मनोज कुमार की एक फिल्म का नाम ही नहीं बल्कि मेरे जीवन से भी जुडी एक घटना है. * बात उन दिनों की है जब मैं १२...





सखी री मेरे नैना भये चितचोर
 श्याम को चाहें श्याम को निहारें 
प्रेम सुधा में भीग- भीग जावें 
मुझ बैरन के हिय को रुलावैं 
सखी री मेरे नैना भये चितचोर श्याम...

Alag sa

मेरी खिचडी और अटलबिहारी बाजपेयी जी के गुलाबजामुन -

ललित जी तो निकल लिए चुपचाप दिल्ली के लिए । अपन रह गये वहीं के वहीं वह भी महज एक जिद के कारण।  ..
वर्षा

- यादों की बस्ती में रहना, भटकना, फिरना..कितना अच्छा लगता है। बीती बातों को बुहारने का अपना ही मज़ा है। बार-बार वही बात, वही घटना, वही मंजर,कभी ये नहीं लगत...
ज़िन्दगी      
यूँ आवाज़ ना दिया करो - सुनो यूँ आवाज़ ना दिया करो दिल की बढती धड़कन आँखों की शोखियाँ कपोलों पर उभरती हया की लाली कंपकंपाते अधर तेरे प्यार की चुगली कर जाते हैं...
अप्रवासी उवाच (Apravasi Uvach)
  नई कार - मुनरो - कार उत्पादन के ब्रह्माण्ड के केंद्र बिंदु डेटरोइट के दक्षिण में छोटा सा शहर....इस शहर की जिन्दगी स्थानीय फोर्ड प्लांट से शुरू होकर ...
मुसाफिर हूँ यारों 
रेल एडवेंचर- रेवाडी से अलवर - आज मैं आपके सामने एक सनसनीखेज खुलासा करने जा रहा हूं। आपको ये तो पता है कि इस जाट को रेल यात्रा करना पसन्द है लेकिन...
उड़न तश्तरी ....
हे प्रभु!! ये कैसी दुनिया तेरी! - कमर का दर्द, वैसे तो अब काहे की कमर, कमरा ही कहो, हाय!! बैठने नहीं देता और ये छपास पीड़ा, लिखूँ और छापूँ, लेटने नहीं देती. कैसी मोह माया है ये प्रभु!! मैं..
ताऊजी डॉट कॉम

वैशाखनंदन सम्मान प्रतियोगिता मे : श्री दीपक 'मशाल' - प्रिय ब्लागर मित्रगणों, आज वैशाखनंदन सम्मान प्रतियोगिता में श्री दीपक मशाल की रचना पढिये. लेखक परिचय नाम : दीपक चौरसिया 'मशाल' माता- श्रीमति विजयलक्ष्मी पित...
एक बूँद

उन्हें हमारी जरूरत है - पिछले साल 22 मई को जब इस ब्लॉग की नींव रखी थी, तब यह पता नहीं था कि एक वर्ष बाद उन्ही बुजुर्गों के लिये काम कर रही होउंगी, जिनकी प्रेरणा से ब्लॉग बनाने क...
गीत...............

हे कृष्ण - आओ तुम एक बार - हे कृष्ण - आओ तुम एक बार लेकर कल्की अवतार पापों का नाश कर तुमने पापियों को मुक्ति दी आज पापों के बोझ से अवनि है धंस रही फ़ैल...
मुझे शिकायत हे. Mujhe Sikayaat Hay.

साबधान कही आप अपना पास पोर्ट ना० खुद ही तो नही बता रहे.... - आज कल मुझे सभी जान पहचान वालो की तरफ़ से एक मेल आ रही है, जूस नाम से उस का चित्र मै नीचे दे रहा हुं,कल मैने तंग आ कर इस पर जाना चाहा, तो आगे जा कर यह मेरा ई...
अंतर्मंथन

क्या करूँ कंट्रोल नही होता ---विश्व तम्बाकू रहित दिवस पर एक रचना ---- - लोकोपयोगी व्याखानमाला के उद्घाटन पर बाएं से --डॉ एन के अग्रवाल - अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षिक , डॉ ओ पी कालरा -प्रधानाचार्य यू सी एम् एस , श्री जयदेव सारंगी ...
काव्य मंजूषा   जो बिना खर्चा बिना असलहे के जीत की गारंटी दिलाती है ...... - कहीं मंदिर में घंटी बाजे कहीं अजान सुनाती है पाँच बजे पौ फटते ही वो पानी भरने जाती हैचारों चौहद्दी नलका के मजमा बड़ा लगाती है बाल्टी और देगची की कतार बढ़त...
संस्‍कृतं- भारतस्‍य जीवनम्

एकं इतोपि ददातु कलह: जायमान: अस्ति । - एकदा एक: युवक: एकस्मिन् विपणीं (दुकान में) गत: । स: क्रेतां (दुकानदार) प्रति एकचसक (ग्‍लास) सूप: (जूस) दातुम् उक्‍तवान् । यदा क्रेता तं एकचसक सूप: दत्‍त...

समय देने से मिलेगी सफलता
छत्तीसगढ़ के टेबल टेनिस खिलाडिय़ों को प्रशिक्षण देने आए बंगाल के कोच तन्मय डे का मानना है कि छत्तीसगढ़ के खिलाडि़य़ों में दम-खम की कमी है। राष्ट्रीय स्तर पर सफलता पाने के लिए मैदान में ज्यादा से ज्यादा समय देना होगा। छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ ने प्रदेश के….
राजतन्त्र 
राजकुमार ग्वालानी

माहिये - 3
31. देखी है इबादत जब देखना है हमको उसका तो करिश्मा अब .32. मिलती है खुशी ऐसे मिलकर अपनों से मिसरी हो घुली जैसे .33. दिलबर हैं मेरे आते जा के ले आऊँ मैं धुन गीत मधुर गाते .34. विस्मित कर दूँ उनको हो के खुशी पागल लिपटा लेंगे वह मुझको .35. चाहो जो मिलें…गीत सुनहरे   Kavi Kulwant
और अन्त में देख लीजिए यह व्यंग्य कार्टून-

पत्नी के बाद पेंशन पर बेटी का हक । (व्यंग्य/कार्टून)

Posted by K M Mishra

अम्मा अब कुछ दिनों के लिये सुधा के यहां भी रह आओ । जीजाजी का फोन आया था कि सासू मां की बड़ी याद आ रही है, कुछ हम भी मम्मी की सेवा करलें ।
न्यूज: पत्नी के बाद बेटी को भी मिलेगी पेंशन । केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों के 37 लाख कर्मचारियों के परिजन लाभान्वित होंगे । 1 जनवरी 1990 के बाद के सभी कर्मचारी और पेंशनभोगियों को मिलेगा नियम का लाभ ।

19 comments:

  1. एक विस्तृत चर्चा..अच्छे लिंक मिल गये. आभार.

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  2. पलक की पोस्‍ट की चर्चा नहीं। यह भेदभाव। बुजुर्गबार हम नहीं चाहते कि आपसे भी नीशू तिवारी आमने सामने हों।
    कुडि़यों से चिकने आपके गाल लाल हैं सर और भोली आपकी मूरत है http://pulkitpalak.blogspot.com/2010/06/blog-post.html जूनियर ब्‍लोगर ऐसोसिएशन को बनने से पहले ही सेलीब्रेट करने की खुशी में नीशू तिवारी सर के दाहिने हाथ मिथिलेश दुबे सर को समर्पित कविता का आनंद लीजिए।

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  3. एक से बढ़ कर एक सुंदर पोस्ट..बढ़िया चिट्ठा चर्चा..बधाई शास्त्री जी

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  4. क्रोध पर नियंत्रण स्वभाविक व्यवहार से ही संभव है जो साधना से कम नहीं है।

    आइये क्रोध को शांत करने का उपाय अपनायें !

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  5. शानदार! ढेर सारे लिंक।

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  6. बहुत सुंदर प्रस्तुति। अनेकों अच्छे लिंक।

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  7. बहुत बढ़िया चर्चा....विस्तृत और अच्छे लिंक्स के साथ ....आभार

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  8. बढ़िया विस्तृत चर्चा !

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  9. बढिया सुरूचिपूर्ण चर्चा शास्त्री जी.....आभार्!

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  10. एक विस्तृत चर्चा..अच्छे लिंक मिल गये. आभार

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  11. बहुत ही सुन्दर चर्चा..........काफ़ी लिंक मिल गये.

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  12. एक विस्तृत चर्चा..अच्छे लिंक मिल गये. आभार

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  13. kuch padhe the ..auyr jo nahi padhe unke link mil gaye....:)

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  14. wah kya baat hai ji aaj kal colours ka jamana hai. bahut badhiya charcha. badhayi aapko bhi aur un sab bloggers ko bhi jinki charcha...charcha ka vishay ban gayi.

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  15. bahut hi rangeen...!!
    dhnyawaad..!

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"रंग जिंदगी के" (चर्चा अंक-2818)

मित्रों! शुक्रवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक। (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')   -- ...