Followers

Saturday, March 02, 2013

इसलिये चर्चा ना आम है ना खास

हर तरफ़ हो रही है ये बात 
अरे करो साहिबा कुछ तो खास
बसन्त ने फ़ागुन को बुलाया है
क्यों नहीं तुममें फ़र्क आया है
अब बनाओ एक आभास 
जिसमें हो हर दिन कुछ खास
मगर ना अभी सुरूर छाया है
इसलिये चर्चा ना आम है ना खास

बस तुम्‍हारी हँसी !!!

जीने का सबब बन गयी

 

"आँसू-कुछ दोहे" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

 ढलकेंगे ही चाहे रूप कोई हो

 

आज कुछ लिखूं या ना लिखूं

 क्या कोई फ़र्क पडेगा?

बेटियाँ (कुछ दोहे)

 जान हैं जहान हैं महान हैं

 

आम बजट : जेब पर हल्ला बोल

 और सरकार की जय बोल

 

आज दो रचनाकारों का जन्‍मदिन है नुसरत मेहदी जी का और वीनस केसरी का, तो आइये इनकी ही रचनाएं आज तरही में सुनते हैं ।

 हमारी तरफ़ से भी हार्दिक बधाइयाँ

 

नेहा महन्त

 अपनी रौशनी से महकता दीप

 

पत्थर का शहर .....न रात न सहर...!!!

 फिर भी बरसा ये कैसा कहर

 

राम ने रामसेतु नष्ट कर दिया था

 तो अब?

 

यही है हमारी नियति


 आज पता चला ?

 क्योंकि फ़ितूर हैं
 दे ना दे क्या फ़र्क पडता है 
कुछ तो लोग कहेंगे

 

कौन है वो 
 आप ही बता दीजिये
 
कुम्भ : एक पक्ष ये भी ! 
 जरूर बताइये
 
रंगरेज 
 कौन से रंग में रंगया चोला मेरा

 बस खुदा बन गया 



 यही है त्रासदी

उसने कहा तो लिख डाला... 
 ओये होये क्या कहने
 
करारे पन्नों पर आयतें सरिस मैंने आँकी कान्हा की बंसी कागज 
 और मोहिनी छिटक गयी ह्रदयांगन पर
 
बजट समझ नहीं आता, ये किस्सा पढ़िए...खुशदीप 
 संता बंता क्या करेंगे समझकर :)
 
पड़ोस का BAMS डॉक्टर 
क्या गुल खिला गया? 
  आज की चर्चा में इतना ही ……अब आज्ञा।
"मयंक का कोना"
(१)
मीडिया के मास्टर माइंड का सच ! 
बात-बात पर मीडिया, करती है हुड़दंग।
देख नजारे देश के, घुटने लगी उमंग।।
(२)
तू किसका है -
सागर से कम है नहीं, आँसू का अस्तित्व।
मोती का संसार में, होता है वर्चस्व।।

21 comments:

  1. आज की चर्चा आम नहीं बहुत खास है।
    आभार वन्दना गुप्ता जी आपका!

    ReplyDelete
  2. समर्पित ,सुन्दर चर्चा की बहुत बहुत बधाईयाँ जी -
    हृदय भींगे हर पल रस- वर्षा होनी ही चाहिए
    क्या हुनर है,किसका है, चर्चा होनी ही चाहिए---

    ReplyDelete
  3. लगभग सारे लिंक्स अन छुए
    आभार वन्दना दीदी
    आज और कल
    दोनों दिन सार्थक हो गए
    सादर

    ReplyDelete
  4. बढिया चर्चा, अच्छे लिंक्स
    मुझे यहां शामिल करने के लिए आभार

    ReplyDelete
  5. अच्छे लिंक्स,बढिया चर्चा,
    .....आभार

    ReplyDelete
  6. बहुत उम्दा चर्चा ...आभार

    ReplyDelete
  7. सार्थकं लिंक्स,बहुत ही सुन्दर चर्चा,धन्यबाद.

    ReplyDelete
  8. आभार..हमारी पोस्ट की चर्चा करने के लिए...
    सरकार की जय तो हर हाल में बोलनी ही पड़ेगी...आखिर सर पर कार ले कर सरदार मौन है...

    ReplyDelete
  9. उम्दा चर्चा ...आभार

    ReplyDelete
  10. बहुत अच्छे लिंक्स....हमारी पोस्ट शामिल करने के लिए आभार.....वन्दना जी!

    ReplyDelete
  11. हमारी ब्लॉग पोस्ट को स्थान देने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद!


    सादर

    ReplyDelete
  12. बेहतरीन लिंक्‍स संयोजित किये हैं आपने ... आभार

    ReplyDelete
  13. बहुत बढ़िया चर्चा मेरी रचना को शामिल करने के लिए हार्दिक आभार प्रिय वंदना जी |

    ReplyDelete
  14. बहुत बढ़िया लिंक्स..सार्थक चर्चा प्रस्तुति ..
    आभार...

    ReplyDelete
  15. आपका दिल से शुक्रिया वंदना जी .. मेरी कविता का ज़िक्र मुझे बहुत ख़ुशी दे गया .
    आभार
    विजय

    ReplyDelete
  16. .................................................................................................
    ..........................................................................................
    charcha manch se nivedan hai ki maine naya blog banaya jispar kahani kavita aur rachna post karunga kirpya aap apne riding list men samil kar len aur iske welcome post kal blog par lagayen taki logo ko pata chal sake mere blog ke baaren me...
    link hai वरुण की दुनिया
    .......................................................................................................
    स्वागत हैं आपका वरुण की दुनिया में यहाँ आपको तकनिकी,मनोरंजन और मेरी रचना मिलेगी कुछ कहानियां और कुछ वर्तमान पर मेरी नजर की अवलोकन।
    ..............................................................................................
    varun sah sanatan
    ......................................................................................

    ReplyDelete
  17. बड़े ही सुन्दर सूत्र

    ReplyDelete
  18. बहुत अच्छे अच्छे लिंक्स मिले और उनके सुन्दर से लेख पढ़ने के लिए आभर. मुझे जगह देने के लिए आभार !

    ReplyDelete
  19. बहुत अच्छे-सुन्दर लिंक्स !!

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

"लाचार हुआ सारा समाज" (चर्चा अंक-2820)

मित्रों! रविवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक। (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')   -- ...