Followers

Thursday, January 08, 2015

आज सभी को जागना होगा { चर्चा - 1852 }

आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत है 
आज आमजन इधर-उधर की बहस में उलझे हुए हैं और सत्ताधारी नेता चुपके-चुपके स्वास्थ्य, कृषि के बजट पर कैंची चला रहे हैं । कच्चा तेल सस्ता होता जा रहा है लेकिन बाजार पर निर्भर तेल सरकार पर निर्भर हो गया है । पार्टीबाज़ी से ऊपर उठकर आज निष्पक्ष मूल्यांकन की बेहद जरूरत है । आज सभी को जागना होगा । 
चलते हैं चर्चा की ओर 
My Photo
My Photo
My Photo
धन्यवाद 

7 comments:

  1. बहुत सुन्दर चर्चा आदरणीय दिलबाग सर जी।
    --
    वाकई अभी सरदी बहुत है।

    ReplyDelete
  2. सुप्रभात
    उम्दा चर्चा
    मेरी पोस्ट शामिल करने के लिए धन्यवाद व आभार |

    ReplyDelete
  3. बहुत सुंदर चर्चा ।उम्दा सूत्र सुंदर संयोजन ।

    ReplyDelete
  4. बहुत सुन्दर चर्चा प्रस्तुति
    आभार!

    ReplyDelete
  5. बढ़िया लिंक्स...मेरी पोस्ट शामिल करने के लिए आभार

    ReplyDelete
  6. बहुत सुन्दर लिंक्स..बढ़िया प्रस्तुति ..आभार

    ReplyDelete
  7. बहुत सुन्दर चर्चा प्रस्तुति, धन्यवाद व आभार |

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

जानवर पैदा कर ; चर्चामंच 2815

गीत  "वो निष्ठुर उपवन देखे हैं"  (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')     उच्चारण किताबों की दुनिया -15...