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Sunday, January 11, 2015

"बहार की उम्मीद...." (चर्चा-1855)

मित्रों।
रविवार की चर्चा में आपका स्वागत है।
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।
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मकर-संक्रांति और लोहड़ी पर्व की खुशियाँ 

आओ हम सब मनाएं !!- 

पीताम्बर दत्त शर्मा 

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इन्द्रधनुष का गोल बना कर
बादल का मैदान जमाकर
सोमवार को हुआ था पोल
मिलकर खेलेंगे  फुटबॉल
हाथी, भालू, बंदर, तोता

मंगल को जंगल कप होता
छम से बिल्ली बुध को आई
जब चूहों की बारी आई
गुरु को हाथी दादा आये
सूंड मार कर बॉल उड़ाए... 
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भूमि अधिग्रहण पर विश्व बैंक का 

किसान विरोधी सुझाव 

शरारती बचपन पर sunil kumar 
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सिलेबस बदलने का समय 

अब सिलेबस बदल दो. 
वर्णमाला,पहाड़े ज़रूरी नहीं हैं, 
बाद में भी सीखे जा सकते हैं,...
कविताएँ पर Onkar 
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कथा सुनो शबाब की 

 कथा सुनो शबाब की

     सवाल की जवाब की

     कली खिली गुलाब की
     बड़े  हसीन  ख़ाब  की

              नया नया विहान था

              घड़ी घड़ी गुमान था

              हसीन सा बहाव था
              जुड़ाव था लगाव था... 
कड़वा भी गप्प पर निर्दोष दीक्षित 
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सफ़ेद मछली 

Sudhinama पर sadhana vaid 
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तेरी आँखें 

इक महका ख्वाब है तेरी आखें 
मेरे ख़त का जबाब है तेरी आँखें... 
यूं ही कभी पर राजीव कुमार झा 
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स्पंदन अशेष 

न रोक नैन के अश्कों कोबह जाते हैं , 
बह जाने दे -वे मौन हुए निःशब्द सही 
कुछ कहते हैं कह जाने दे... 
उन्नयन  पर udaya veer singh
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चंदा मामा 

Fulbagiya पर डा0 हेमंत कुमार 
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भीगी पलकें 

मन का पंछी पर शिवनाथ कुमार 
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yahaan to chappal chal rahi hai  

हिन्दी के एक जाने-माने कवि प्रेमचंद गांधी की इस कविता-पंक्ति ने मुझे बाँध रखा है -- *चप्पल पहन कर सपने में नहीं जाना चाहिए … '' * इतनी कोमलता कविता में ही संभव है...
सतीश का संसार पर satish jayaswal 
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"सूरज और कुहरा" 

15012010056
कुहरे और सूरज में,जमकर हुई लड़ाई।
जीत गया कुहरासूरज ने मुँहकी खाई।।

ज्यों ही सूरज अपनी कुछ किरणें चमकाता,
लेकिन कुहरा इन किरणों को ढकता जाता,
बासन्ती मौसम में सर्दी ने ली अँगड़ाई।
जीत गया कुहरासूरज ने मुँहकी खाई।।

7 comments:

  1. बहुत सुन्दर बहुरंगी लिंक्स.बढ़िया चर्चा

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  2. बहुत बढ़िया लिंक्स-सह चर्चा प्रस्तुति हेतु आभार!

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  3. very nice presentation of links .thanks to give place to my blog here .

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  4. बढ़िया लिंक्स

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  5. सुंदर सूत्रों से सजी चर्चा.
    'यूँ ही कभी' से मेरे पोस्ट को शामिल करने के लिए आभार.

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  6. बहुत बढ़िया सूत्र ! मेरी रचना को शामिल करने के लिये बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार शास्त्री जी !

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  7. आभार सर।
    बहुत सुन्दर चर्चा।

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