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Wednesday, December 09, 2020

"पेड़ जड़ से हिला दिया तुमने" (चर्चा अंक- 3910)

 मित्रों!
बुधवार की चर्चा में
मेरी पसन्द के कुथ लिंक देखिए।
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सबसे पहले देखिए 2 ताजा खबरें।

ट्विटर के बाद फेसबुक ने अब पुष्टि की है कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर आधिकारिक पीओटीयूएस (प्रेसीडेंट ऑफ द यूनाइटेड स्टेट) अकाउंट को चयनित राष्ट्रपति जो बाइडेन को ट्रांसफर कर देगा। प्लेटफॉर्म 20 जनवरी को बाइडेन द्वारा पदभार संभालने के बाद अकाउंट ट्रांसफर करेगा। ट्विटर ने शुक्रवार को कहा कि जिस दिन वह शपथ लेंगे उस दिन बाइडेन को पीओटीयूएस अकाउंट ट्रांसफर कर दिया जायेगा।

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केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के सीनियर नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनावों के लिये कांग्रेस के घोषणा-पत्र में कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) अधिनियम को रद्द करने और कृषि-व्यापार को सभी पाबंदियों से मुक्त करने का वादा था। राहुल गांधी ने 2013 में सभी कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को निर्देश दिया था कि वे फलों व सब्जियों को एपीएमसी की सूची से हटाएं और उन्हें सीधे खुले बाजार में बेचने की इजाजत दें। 
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ग़ज़ल  "हलाहल पिला दिया तुमने"  
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दर्द का सिलसिला दिया तुमने
आज रब को भुला दिया तुमने
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हमने करना वफा नहीं छोड़ा
नफरतों का सिला दिया तुमने उच्चारण 
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माँ 

"माँ को बेटियों के परिवार में दख़ल  नहीं देनी चाहिए।

बेटियाँ जितनी जल्दी मायके का मोह छोड़ती हैं 

उनकी गृहस्थी उतनी जल्दी फलती-फूलती है।"

माँ आज भी इन्हीं विचारों की गाँठ 

पल्लू से लगाए बैठी है। 

अनीता सैनी, अवदत् अनीता  
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किसान |  

अन्नदाता |  

ग़ज़ल | शायरी |  

ग़ज़लों के आईने में किसान 
 "ग़ज़लयात्रा" में प्रस्तुत कर रही हूं हमारे अन्नदाता किसानों के प्रति समर्पित कुछ चुनिंदा कवियों/शायरों की शायरी और ग़ज़लें। 
काँधे पर हल धरे किसान। 
करता खेतों को प्रस्थान।।

मत कहना इसको इंसान।
यह धरती का है भगवान।।
  - डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' 
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बाँझ हो जाती है ज़मीं नक़ल बाज़ार की करता है जब किसान 
सरकार को आता है पसीना पसीने की कमाई का भाव  जब माँगता है किसान।  
- रवीन्द्र सिंह यादव 
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किसान की कमर पर मार हथौड़ा ,
प्लास्टिक की बनी  सब्जी-तरकारी,
शौहरत की महक में मरी मानवता ,
दिखावे  में  डूबी  जनता  बेचारी, 
   - अनीता सैनी 

डॉ. वर्षा सिंह 

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लघुकथा :  दूसरा इश्क़ 
निवेदिता श्रीवास्तव, झरोख़ा  
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पंचतत्वः  मिट्टी की यह देह  मिट्टी में मिलेगी या जहर में! 
Manjit Thakur, गुस्ताख़ 
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कोरोना संक्रमण एक ऐसी बीमारी है  जो जब तक नही होती ,  तब तक सब नॉर्मल लगता है। इन सब मुसीबतों से बचने के लिए सावधानी बरतना तो ज़रूरी है ही,  साथ ही भगवान से प्रार्थना भी करते रहें
कि आप बचे रहें। इस अनिश्चिताओं के समय मे सोच और कर्मों को सकारात्मक बनाये रखिये, क्योंकि एक स्टेज के बाद आपके या आपके डॉक्टर के हाथ मे भी कुछ नही रहता। सुरक्षित रहें, किसी को गरियाने के लिए तब तक स्थगित कर दें, जब तक कोरोना देश और संसार नही छोड़ देता। 
डॉ टी एस दराल, अंतर्मंथन  
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अभ्यंतर कस्तूरी 
किस मोह में है धावित माया मृग,
खोजता है जीवन, स्वयं के
अंदर स्वयं की ही
प्रतिच्छाया,
किस
लिए इतनी पिपासा, किस मरुधरा
में हैं घनीभूत, सभी भ्रामक
मृग तृष्णा, सहसा
उठें रेत के
झंझा,
सांध्य आकाश में बुझ जाए ध्रुव 
शांतनु सान्याल, अग्निशिखा :  
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दिल नादान, परेशान
सामने वाला हैरान
हो जाये तो क्या,

अपनी धुन में जो
मगन रहा,
उसी का मस्त 
जीवन रहा। 
हो जाए तो क्या? 
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हे लाल देह अंजनी लाल हनुमाना 
रौद्र रुप राम दूत राखे लखन प्राना ।
रोग-शोक चिन्ता भय भेद भावना,
नाश करें पल में भरें भक्ति भावना।। 
gstshandilya, स्व रचना  
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आज के लिए बस इतना ही...।
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11 comments:

  1. आदरणीय शास्त्री जी,
    सादर नमन
    चर्चा मंच पर आज भी सदैव की भांति बेहतरीन लिंक्स का सुंदर संयोजन किया है आपने, साधुवाद 💐

    मेरी पोस्ट को शामिल करने हेतु हार्दिक आभार 🙏💐🙏
    शुभकामनाओं सहित,
    डॉ. वर्षा सिंह

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  2. बहुत अच्छी चर्चा प्रस्तुति

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  3. बहुत सुंदर प्रस्तुति

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  4. बेहतरीन संकलन

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  5. बेहतरीन रचनाओं से सजी लाजबाव प्रस्तुति सर, सभी रचनाकारों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं सादर नमस्कार

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  6. वाह ! बहुत ही सुन्दर सूत्रों से सुसज्जित आज का संकलन ! मेरी रचना को आज की चर्चा में सम्मिलित किया आपका ह्रदय से बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार शास्त्री जी ! सादर वन्दे !

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  7. सुंदर लिंक्स से सुसज्जित चर्चा। मेरी रचना को इस चर्चा में समल्लित करने के लिए हार्दिक आभार।

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  8. आकर्षक संकलन व सुन्दर प्रस्तुति, सभी रचनाएं अपने आप में अद्वितीय हैं, मुझे स्थान देने हेतु ह्रदय तल से आभार - - नमन सह।

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  9. बेहतरीन रचनाओं से सजी लाजबाव प्रस्तुति

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  10. बहुत सुंदर प्रस्तुति .
    मेरी पोस्ट को शामिल करने हेतु हार्दिक आभार....

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