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Wednesday, December 23, 2020

"शीतल-शीतल भोर है, शीतल ही है शाम" (चर्चा अंक-3924)

मित्रों!
बुधवार की चर्चा में आपका स्वागत है।
देखिये बिना किसी भूमिका के कुछ लिंक।
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दोहे  "सरकारी फरमान" 

रास न आया कृषक को, सरकारी फरमान।
झंझावातों में घिरे, निर्धन श्रमिक-किसान।।

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हुए आज मजबूर हैं, जग के पालनहार।
क्रय-विक्रय का फसल की, उनको दो अधिकार।।
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बिना बहस पारित किया, क्यों ऐसा कानून।
जो किसान हित में नहीं, बदलो वो मजमूनन।।

उच्चारण  
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शायरी मेरी सहेली की तरह |  ग़ज़ल |  डॉ. वर्षा सिंह |  संग्रह - सच तो ये है 

शायरी मेरी सहेली की तरह

मेंहदी वाली हथेली की तरह


ये मेरा दीवान "वर्षा"- धूप का

रोशनी की इक हवेली की तरह

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जब नया साल आने को है 
 हर भोर नयी हर दिवस नया 
हर साँझ नयी हर चाँद नया,
हर अनुभुव भी पृथक पूर्व से 
हर स्वप्न लिए संदेश नया !
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जीवन के वे दौर जो हमें पसंद नहीं जीवन जीने की प्रक्रिया में हम बहुत से दुख सुख से गुजरते हैं, और फिर एक ऐसे मोड़ पर पहुँच जाते हैं, जहाँ पर दुख सुख सब एक समान लगने लगते हैं, किसी के जीवन की यात्रा में यह मोड़ जल्दी आ जाता है, किसी के लिये देर से आता है, और किसी के लिये कभी आता ही नहीं है। सब जीवन के जीने, आसपास घटित हो रही घटनाओं व चिंतन करने की दुरूह प्रक्रिया से निकल कर आता है। 
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How to propose to your first love in new year 2021? 
अगर आपके साथी किताबें पढ़ने के शौकीन हैं तो नए साल में उन्हें अच्छी किताबें Gift करें।  रोमांस से भरपूर उपन्यास हो या कोई रोमांटिक फिल्म, अपनी पसंद के अनुरूप आप enjoy कर सकते हैं। फिर भी अगर तन्हाई पीछा ना छोड़े तो जॉन एलिया को याद कर लें। 
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अंकों का खेल 
चिरपरिचित रहस्यभरी मुस्कान, राज
पथ के दोनों तरफ खड़े हैं
लोग बैसाखियों के
सहारे, ख़ामोश
विस्फारित
नज़रों
से
देखते हैं शाही रथ का महाप्रस्थान... 
शांतनु सान्याल, अग्निशिखा : 
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अपनी भाषा को  पहले हमें ही सम्मान देना है भाषा अभिव्यक्ति का वह सर्वाधिक विश्वसनीय माध्यम या जरिया है, जिसके द्वारा हम आपस में अपने मनोभावों को, विचारों को व्यक्त करते हैं, एक-दूसरे से जुड़ पाते हैं। यह हमारे समाज के निर्माण, विकास, अस्मिता, सामाजिक व सांस्कृतिक पहचान का भी महत्वपूर्ण साधन है। इसके लिये हमारी वाचिक ध्वनियां सहायक होती हैं, जो शब्दों और वाक्यों का समूह बन एक-दूसरे को अपने मन की बात बताती-समझाती हैं। इसके बिना मनुष्य व समाज सर्वथा अपूर्ण हैं ! 
गगन शर्मा कुछ अलग सा 
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"सुनामी" 
गुज़रते लम्हों ने सीखला ही दिया...
मोहब्बत जग में जाहिर की जा सकती है
गम आँसू निजी दामन में छिपाने योग्य होते हैं
समय पर ही वक़्त आता है 
विभा रानी श्रीवास्तव, 
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प्रतीक्षा 
रातें काटी तारे गिन गिन
थके  हारे नैन  ताकते रहे  बंद दरवाजे को
हलकी सी आहाट भी
ले जाती सारा ध्यान उस उस ओर
विरहन जोह रही राह तुम्हारी
कब तक उससे प्रतीक्षा करवाओगे... 
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आज के लिए बस इतना ही...।
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18 comments:

  1. श्रमसाध्य कार्य हेतु साधुवाद व हार्दिक आभार आपका
    वन्दन

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  2. बहुत ही सुंदर श्रमसाध्य प्रस्तुति आदरणीय सर।
    सादर

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  3. सुप्रभात
    मेरी रचना के चयन के लिए आभार सहित धन्यवाद सर |

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  4. उम्दा चर्चा। मेरी रचना को चर्चा मंच में शामिल करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद,आदरणीय शास्त्री जी।

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  5. आदरणीय शास्त्री जी,
    "शीतल-शीतल भोर है, शीतल ही है शाम" शीर्षक यहां मेरे शहर में भी चरितार्थ हो रहा है। कंपकंपाने वाली शीत लहर चल रही है.... ऐसे में साहित्य की गुनगुनी आंच देती आज की चर्चा सार्थक है।
    साधुवाद एवं नमन 🙏
    मेरी पोस्ट को चर्चा में स्थान देने हेतु विनम्र आभार 🙏🌷🙏

    अनेकानेक शुभकामनाओं सहित,
    सादर
    डॉ. वर्षा सिंह

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  6. आपका प्रयास बहुत सराहनीय है। आभार शास्त्री जी.

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  7. बहुत अच्छी चर्चा प्रस्तुति

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  8. बहुत ही सुंदर लिंकों से सजी बेहतरीन प्रस्तुति आदरणीय सर,सभी रचनाकारों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं सादर नमस्कार

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  9. वाह ! विविध विषयों पर आधारित एक से बढ़कर एक रचनाओं के लिंक्स ! आभार आज की चर्चा में मेरी रचना को शामिल करने हेतु

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  10. वाह!उत्कृष्ट रचनाओं का संकलन।
    मेरी रचना को इस मंच पर स्थान देने के लिए हार्दिक आभार माननीय।
    सादर।

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  11. सुभग सुंदर चर्चा प्रस्तुति

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  12. बहुत सुन्दर चर्चा प्रस्तुति ।

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  13. सामायिक शीर्षक ।
    शानदार चर्चा।
    सभी रचनाएं बहुत ही मनहर पठनीय।
    सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई।
    मेरी रचना को शामिल करने के लिए हृदय तल से आभार।

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  14. सुंदर प्रस्तुति....मेरी रचना को यहाँ स्थान देकर मान बढ़ाने के लिये बहुत शुक्रिया

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  15. सुन्दर प्रस्तुति एवं संकलन, मुझे शामिल करने हेतु ह्रदय तल से आभार - - नमन सह।

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  16. रोचक लिंक्स से सुसज्जित चर्चा। मेरी पोस्ट को चर्चा में शामिल करने के लिए हार्दिक आभार।

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  17. अपने बहुत ही अच्छी जानकारी साँझा की है आपके इस पोस्ट को पढ़कर बहुत अच्छा लगा और इस ब्लॉग की यह खास बात है कि जो भी लिखा जाता है वो बहुत ही understandable होता है. Keep It Up

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