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Sunday, December 27, 2020

"ले के आयेगा नव-वर्ष चैनो-अमन" (चर्चा अंक-3928)

 मित्रों रविवार की चर्चा में आपका स्वागत है।
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वर्ष-2020 बस जाने ही वाला है।
कमाना करता हूँ कि नववर्ष-2021
2020 जैसा न हो। 
नये साल में सब स्वस्थ रहें।
इन्हीं मंगलकामनाओं के साथ
आज की चर्चा का प्रारम्भ करता हूँ।
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गीत  "पड़ने वाले नये साल के हैं कदम" 
पड़ने वाले नये साल के हैं कदम!
स्वागतम्! स्वागतम्!! स्वागतम्!!!
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कोई खुशहाल है. कोई बेहाल है,
अब तो मेहमान कुछ दिन का ये साल है,
ले के आयेगा नव-वर्ष चैनो-अमन!
स्वागतम्! स्वागतम्!! स्वागतम्!!!
उच्चारण  
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नव  जीवन  की  आस  ले , आया है नव वर्ष 
माहौल  बने  शान्ति  का , फैले  हर-सू  हर्ष ।
फैले  हर - सू  हर्ष , यही  कोशिश  हो  सबकी 
सुधरें कुछ हालात, मिले न किसी को धमकी ।
संभव  है  बदलाव , अगर  ठानें  सबका  मन 
नए वर्ष के साथ , करें शुरू हम नव जीवन ।
दिलबागसिंह विर्क, Sahitya Surbhi 
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समय समय की बात 

चोट   हृदय   पर  दी  जिसने , 
उसने  खायी  मात। 
बदला   माहौल  सत्ता का ,
उगल  रहा  यही  बात।  
गूँगी गुड़िया-अनीता सैनी दीप्ति
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कठपुतली 
पुरुषोत्तम कुमार सिन्हा,  
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  • "ज़िंदगी का सबक सिखाता "  
  • दिसम्बर और जनवरी का महीना 
  • दिसम्बर  जाता है जनवरी से ये वादा करते हुए फिर मिलेंगे ग्यारह महीने बाद नए साल में नये तजुर्बो के साथ और जनवरी कहती है-- मैं एक नई आस ,नई उमींद और और नये विश्वास के साथ तुम्हारे ढेरों अधूरे ख्वाबों  को पूरा करने का यकीन दिलाती हूँ। वो एक रात जिसमे दिसम्बर और जनवरी का पल भर के लिए मिलन होता है और फिर वो बिछड़ जाते है। उनके मिलन और बिछुड़न के इस दिन को हम दुनियां  वाले जश्न के रूप में  मानते है।  
  • मेरी नजर से कामिनी सिन्हा
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जीवन पथ
घनघोर अँधेरा
चलता चल

ऊँचे पर्वत
निर्जन उपवन
चलता चल 
Meena Bhardwaj, मंथन  
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मत भूलना शहीद हुए जो साथी संघर्षों की राहों में 
वो सुबह भी आएगी जब ख़ुशियाँ झूलेंगीं अपनी बाहों में 
आंदोलन की राहें भले अब और कठिन हो जाएँगीं 

सत्ता के आगे ख़ुद्दार आँखें दया की भीख नहीं माँगेंगीं।  

Ravindra Singh Yadav, हिन्दी-आभा*भारत 

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प्यार की मिसाल कायम करती अनोखी शादी  जो आपने कभी नहीं देखी होगी!!
स्ट्रेचर पर लेटी आरती के साथ लिए फेरे 
अवधेश की इस जिद पर डॉक्टर्स की टीम ने भी घुटने टेक दिए। डॉक्टर्स से परमिशन लेकर आरती को ऐंबुलेंस से घर लाया गया। स्ट्रेचर पर ही लेटी आरती के साथ अवधेश ने शादी की रस्में निभाईं। उसकी मांग भरी और फेरे लिए। उसे वापस लेकर अस्पताल पहुंचा। अगले दिन आरती का ऑपरेशन हुआ और ऑपरेशन के फॉर्म में भी बतौर पति ही अवधेश ने दस्तखत किये। अपनी शादी के बाद से ही पति अवधेश पत्नी की सेवा में हैं और एक पल के लिए भी उनकी नजरों से ओझल नहीं हो रहे हैं। मामले के मद्देनजर सबसे प्यारी बात ये है कि अवधेश आरती को भरोसा दिला रहे हैं कि वो जल्द से जल्द पहले जैसी हो जाएगी। 
वाक़ई जो अवधेश ने किया वो काबिले तारीफ है। यदि आरती की बात की जाएं तो ऐसा सच्चा प्यार करनेवाला पति मिलना तो नामुमकिन ही रहता है। क्योंकि अवधेश का ये प्रेम शब्दों में बांधने से परे है। आज के दौर में जब अधिकतर युवाओं के लिए प्रेम शब्द का अर्थ सिर्फ वासना और हवस की पूर्ति है, इस अंधकार में अवधेश एक सूर्य समान है।  
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आज का उद्धरण 
विकास नैनवाल 'अंजान', एक बुक जर्नल  
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आज के लिए बस इतना ही...!
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11 comments:

  1. सुप्रभात सर।
    बहुत ही सुंदर प्रस्तुति।
    मेरी रचना को स्थान देने हेतु बहुत बहुत शुक्रिया।सभी रचना कारो को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
    सादर प्रणाम

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  2. उम्दा चर्चा। मेरी रचना को चर्चा मंच में शामिल करने करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद,आदरणीय शास्त्री जी।

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  3. बहुत सुन्दर पुष्पगुच्छ सी श्रमसाध्य चर्चा प्रस्तुति । सभी चयनित रचनाकारों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं । चर्चा में मेरे सृजन को मान देने के लिए सादर आभार सर !

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  4. आदरणीय शास्त्री जी,
    नमन 🙏
    नववर्ष की नई उम्मीदों से हुए चर्चा के इस आगाज़ ने मन को वाकई चैनो- सुकून दिया है। उम्मीद है वर्ष 2021 चैनो- अमन से परिपूर्ण होगा।
    आपका चयन -संयोजन सदैव उत्कृष्ट रहता है।
    मेरी पोस्ट को स्थान देने हेतु हार्दिक आभार 🙏
    सादर,
    डॉ. वर्षा सिंह

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  5. बेहतरीन रचना संकलन एवं प्रस्तुति मेरी रचना को स्थान देने के लिए सहृदय आभार आदरणीय 🙏 सादर

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  6. आदरणीय शास्त्री जी, नमस्कार ! उत्कृष्ट रचनाओं के चयन तथा उम्दा प्रस्तुतीकरण के लिए आपका बहुत बहुत आभार व्यक्त करती हूँ , मेरी रचना को शामिल करने के लिए आपका तहेदिल से धन्यवाद..

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  7. बहुत ही सुंदर चर्चा अंक आदरणीय सर, मेरी इस पुरानी रचना को स्थान देने के लिए हृदयतल से धन्यवाद, सभी रचनाकारों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं सादर नमस्कार

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  8. सुन्दर रचनाएं । सुन्दर प्रस्तुति । सभी को बधाई ।

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  9. आदरणीय भाई साहब, सादर नमस्ते
    मेरे संस्मरण को स्थान देने के लिए हृदय से बहुत बहुत आभार ।

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  10. नव वर्ष के लिए सभी रचनाकारों व पाठकों को अग्रिम शुभकामनाएं ! सुंदर चर्चा, आभार !

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