चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

समर्थक

Wednesday, March 13, 2013

फागुन आने को है (बुधवार की चर्चा-1182)

आप सबको प्रदीप का नमस्कार |
आज बुधवार है, चर्चा मंच में मेरे योगदान का दिन है और संयोगवश आज ही (13 मार्च) मेरा जन्मदिन भी है | ऐसा संयोग दुबारा  13 मार्च 2019 को होगा जब बुधवार भी होगा |
-- हमेशा की तरह आज भी आप लोगों के लिए अपने गुलदस्ते में विभिन्न प्रकार के पुष्पों को सजा कर लाया हूँ, आप सब आनंद लीजिये:-
बारिश और मैं ....
- Pallavi saxena
फागुन आने को है
- रश्मि प्रभा
हिन्दी का 'विकि-हाऊ'
- अनुनाद सिंह
होरी नही सुहाय,
- धीरेन्द्र सिंह भदौरिया
"हाथ में खंजर उठा लिया "
- डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

सेहतनामा
- Virendra Kumar Sharma
कार्टून कुछ बोलता है- अब तक का सबसे तीब्र विरोध !
- पी.सी.गोदियाल "परचेत"

शुद्ध श्रद्धा : आत्मविश्वास

 सुज्ञ

पुराने जमाने की बात है। एक शिष्य अपने गुरु के आश्रम में कई वर्षों तक रहा। उसने उनसे शास्त्रों का ज्ञान प्राप्त किया। एक दिन उसने देखा कि उसके गुरु पानी पर चले आ रहे हैं। यह देखकर उसे बहुत हैरानी हुई। जब गुरु पास में आए तो वह उनके पैरों पर गिरकर बोला, 'आप तो बड़े चमत्कारी हैं। यह रहस्य आपने अब तक क्यों छिपाए रखा? कृपया मुझे भी यह सूत्र बताइए कि पानी पर किस प्रकार चला जाता है, अन्यथा मैं आप के पैर नहीं छोडूंगा?' गुरु ने कहा, 'उसमें कोई रहस्य नहीं है। बस भरोसा करने की बात है। श्रद्धा चाहिए। श्रद्धा हो तो सब कुछ संभव है। इसके लिए उसका नाम स्मरण ही पर्याप्त है जिसके प्रति तुम भक्ति रखते हो।
आगे है
"मयंक का कोना"
(1)
क्यों नहीं आते...
मनवा में आते नहीं, हल्के-फुल्के ख्याल।
भारी-भरकम ख्याल से, मन होता बेहाल।।
(2)
चेहरा धड़ से अलग देख रहा हूँ
अब तो बस अलगाव की,चलने लगी बयार।
जीवन जीने का यहाँ, खिसक रहा आधार।।
(3)
बंजर जैसा हो रहा, संसद का अब हाल।
नेताओं ने देश का, लूट लिया सब माल।
(4)

...तुम्हे मैं याद आऊँगा

नहीं देखना चाँद को, आऊँगा मैं याद।
दर्पण से करना नहीं, कोई भी फरियाद।।
आज के लिए बस इतना ही | मुझे अब आज्ञा दीजिये | मिलते हैं अगले बुधवार को कुछ अन्य लिंक्स के साथ |
तब तक के लिए अनंत शुभकामनायें |
आभार |

27 comments:

  1. जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं..
    बढिया चर्चा

    ReplyDelete
  2. बहुत सुन्दर चर्चा प्रदीप जी!
    --
    यह संयोग की ही बात है कि आज 13 मार्च को ही आपके जन्मदिन के साथ आपकी चर्चा का दिन भी है।
    --
    आपको इस खुशी के अवसर पर जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ और बधायी हो!

    ReplyDelete
  3. प्रदीप जी आपको जन्मदिन पर हार्दिक शुह कामनाएं |आज के सूत्र देख कर होली आ असर होने लगा है |
    मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार |
    आशा

    ReplyDelete
  4. प्रदीप जी आपको जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएं...आदेनीय शास्त्री जी के लिए रविकर जी लिखी गयी शानदार पंक्तियों से चर्चा मंच का आगाज बेहद अच्छा लगा..मैं आज बहुत दिनों बाद आपने पसंदीदा मच तक आया इसकी ख़ुशी..आपके द्वारा च्यंत बेहतरीन रचनायें पढने को मिलीं ..सादर बढ़ायी के साथ

    ReplyDelete
  5. बड़े ही सुन्दर सूत्रों से सजी चर्चा..

    ReplyDelete
  6. बढ़िया चर्चा-
    शुभकामनाएं प्रिय प्रदीप जी -

    ReplyDelete
    Replies
    1. कविवर हे इंजीनियर, प्रभु-प्रिय मित्र प्रदीप |
      बार बार शुभकामना, रहते हृदय समीप |

      रहते हृदय समीप, यशस्वी होवे जीवन |
      सुख समृद्ध सौहार्द, ख़ुशी से किलके आँगन |

      रहो हमेशा स्वस्थ, बढे बल-विद्या रविकर |
      पा प्रभु का आशीष, कीजिये कविता कविवर ||

      Delete
    2. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति का लिंक लिंक-लिक्खाड़ पर है ।।

      Delete
  7. होली के रंगों से सराबोर करती सुन्दर चर्चा !!
    आपको जन्मदिवस कि हार्दिक बधाई और शुभकामनायें !!
    आभार !!

    ReplyDelete
  8. आपको जन्मदिवस कि हार्दिक बधाई और शुभकामनायें !!

    सादर जन सधारण सुचना आपके सहयोग की जरुरत
    साहित्य के नाम की लड़ाई (क्या आप हमारे साथ हैं )साहित्य के नाम की लड़ाई (क्या आप हमारे साथ हैं )

    ReplyDelete
  9. भाई साहब आपकी साख के अनुरूप बहुत उत्तम कुंडली .बधाई .कल तबीयत ज्यादा खराब होने से चर्चा मंच छूट गया था इसीलिए आज कोई जोखिम नहीं उठाया ..

    सुनिए यह चित्कार, बुलाये रविकर पातक -
    तक तक कर पथरा गईं, आँखे प्रभु जी आज |
    कब से रहा पुकारता, बैठे कहाँ विराज |

    बैठे कहाँ विराज, हृदय से सदा बुलाया ।
    नाम कृपा निधि झूठ, कृपा अब तक नहिं पाया |

    सुनिए यह चित्कार, बुलाये रविकर पातक |
    मिटा अन्यथा याद, याद प्रभु तेरी घातक ॥

    ReplyDelete
  10. चर्चा मंच में स्थान देने के लिए आपका शुक्रिया -बढ़िया सेतु चयन संयोजन और प्रस्तुति के लिए बधाई .तबीयत खराब होने की वजह से आज शिरकत कम रहेगी .

    ReplyDelete
  11. प्रदीप जी , सर्वप्रथम आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाये ! मेरा कार्टून सम्मिलित करने हेतु आपका आभार और चर्चा की हेडिंग के बारे में कहूंगा कि कल से चैत्र मास लगने को है :)

    ReplyDelete
    Replies
    1. प्रदीप जी !
      कहीं बँगला कैलेण्डर तो नहीं देख रहे-

      Delete
  12. प्रदीप जी जन्म दिवस की हार्दिक बधाई व शुभकामनायें, सुन्दर लिंक्स से सुसज्जित शानदार चर्चा.

    ReplyDelete
  13. बहुत ही सुन्दर है आज की प्रस्तुतीकरण,जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ प्रदीप जी.

    बहुत बहुत मुबारक है ये समां
    बहुत ही नायाब लग रहा आज यहाँ
    आपसे दूर हूँ स्वीकार कीजिए ये संदेश
    आप के जन्मदिन से सजा है आज सारा जहाँ

    ReplyDelete
  14. जन्मदिन की अनंत शुभकामनाएं ..आकर्षक चर्चा के लिए बधाई..

    ReplyDelete
  15. बहुत सुन्दर चर्चा
    जन्मदिन की हार्दिक शुभकामना

    ReplyDelete
  16. बहुत वधाई जन्मदिन, की हे मीत प्रदीप !
    रहे 'रोशनी' बांटता,जलता 'आयु-दीप' ||

    ReplyDelete
  17. प्रदीप जी सबसे पहले तो आपको जन्मदिन की ढेरो शुभकामनाएं ...बहुत सुन्दर रंगबिरंगी चर्चा ..इतने प्रयासों के लिए बधाई आपको :-)और मेरी कविता को शामिल करने के लिए शुक्रिया :-)

    ReplyDelete
  18. कविवर हे इंजीनियर, प्रभु-प्रिय मित्र प्रदीप |
    बार बार शुभकामना, रहते हृदय समीप |

    रहते हृदय समीप, यशस्वी होवे जीवन |
    सुख समृद्ध सौहार्द, ख़ुशी से किलके आँगन |

    रहो हमेशा स्वस्थ, बढे बल-विद्या रविकर |
    है प्रभु का आशीष, कीजिये कविता कविवर ||

    इस विनम्र प्रतिभा को हमारी भी दिल से बधाई विकसें-खिलें रचना आकाश पर .

    ReplyDelete
  19. प्रदीप जी..जन्‍मदि‍न की बधाई व शुभकामनाएं ...आपने अच्‍छे लिंक्‍स लगाए हैं।

    ReplyDelete
  20. सुंदर लिंकों का चयन,मेरे पोस्ट को मंच में शामिल करने के लिए आभार,,,
    जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ प्रदीप जी.,,,,,,

    ReplyDelete
  21. आपको जन्मदिन की ढेरो शुभकामनाएं
    सुंदर रंगबिरंगी चर्चा

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin