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Friday, July 11, 2014

"कन्या-भ्रूण हत्या"(चर्चा मंच-1671)

नमस्कार मित्रों, आज के इस चर्चा पर आपका हार्दिक स्वागत है। 
हमारे देश की यह एक अजीब विडंबना है कि सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद समाज में कन्या-भ्रूण हत्या की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। समाज में लड़कियों की इतनी अवहेलना, इतना तिरस्कार चिंताजनक और अमानवीय है। जिस देश में स्त्री के त्याग और ममता की दुहाई दी जाती हो, उसी देश में कन्या के आगमन पर पूरे परिवार में मायूसी और शोक छा जाना बहुत बड़ी विडंबना है।आज भी शहरों के मुकाबले गांव में दकियानूसी विचारधारा वाले लोग बेटों को ही सबसे ज्यादा तव्वजो देते हैं, लेकिन करुणामयी मां का भी यह कर्तव्य है कि वह समाज के दबाव में आकर लड़की और लड़का में फर्क न करे। दोनों को समान स्नेह और प्यार दे। दोनों के विकास में बराबर दिलचस्पी ले। बालक-बालिका दोनों प्यार के बराबर अधिकारी हैं। इनके साथ किसी भी तरह का भेद करना सृष्टि के साथ खिलवाड़ होगा।

खिलने दो खुशबू पहचानो, कलियों को मुसकाने दो
आने दो रे आ ने दो, उन्हें इस जीवन में आने दो

भ्रूणहत्या का पाप हटे, अब ऐसा जाल बिछाने दो
खिलने दो खुशबू पहचानो, कलियों को मुसकाने दो

मन के इस संकीर्ण भाव को, रे मानव मिट जाने दो
खिलने दो खुशबू पहचानो, कलियों को मुसकाने दो
(आइये एक संकल्प लेते हैं ,कन्या भ्रूण -हत्या एक जघन्य अपराध है ,हम सभी को मिलकर साँझा प्रयत्नों एवं जन जाग्रती द्वारा इस कु -कृत्य को जड़ से उखाड़ने के समस्त प्रयत्न करेंगें !यही समय की मांग है !!)

अब चलते है आज की चर्चा की तरफ  .......... 
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स्वप्न मञ्जूषा
वाह री ये दुनियादारी !
कितनी सारी है जिम्मेवारी 
एक साँस लेना है मुश्किल 
दूजा उससे भी भारी
फूल के दर्शन दुर्लभ हो गए
कुँवर कुसुमेश


बुलट और प्रीमियम ट्रेन का कैसे लाभ मिले ?
टिकटों की काला बाज़ारी का जब खेल चले।
दिनेश कुमार अवस्थी 
यह सत्य है कि नई तकनीकी का प्रयोग हमे विकासः शील राष्ट्र के ख़ाने से निकाल कर विकसित देशों के बराबर खड़ा होने में सहायक हो सकता है। क्या बुलेट ट्रेन इस लिये कि वह जापान व चींन
आदि देशो के यहाँ है ? उच्च -कलाश मे सुविधाए , विमान जैसी की जाये अच्छी बात है।
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कौशल लाल 
जब यहाँ कुछ भी नहीं था 
तब भी बहुत कुछ था 
कुछ होने और न होने की 
कयास ही बहुतो के लिए
बहुत कुछ था।
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राजीव चतुर्वेदी
एक दिन ...
जब मुझसे मिल कर तुम्हें लगा था 
कि तुम अकेले नहीं हो 
दरअसल मैं उस दिन बहुत अकेला था 
लेकिन तुम्हें विश्वास दिलाता हूँ 
तुम्हारी बड़ी सी जिन्दगी में एक दिन ...
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रेवा टिबरेवाल 
कभी देखा है 
उन तपड़ते 
बादलों के टुकड़ों को , 
घुमड़ते रहते हैं 
तरसते रहते हैं 
पर बरस नहीं पाते ,
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जगदम्बा के रूप में, रहती है हर ठाँव।
माँ के आँचल में सदा, होती सुख की छाँव।१।

ममता का जिसकी नहीं, होता कोई अन्त।
माँ के ही दिल में बसा, करुणा-प्यार अनन्त।२।

मतलब का संसार है, मतलब के उपहार।
लेकिन दुनिया में नहीं, माता जैसा प्यार।३।
अनीता जी 
संतजन कहते हैं परमात्मा को अपना प्रेम अर्पित करो तो कृपा रूप में वही वापस मिलेगा. प्रसाद भी वही होता है जो प्रभु के चरणों में अर्पित करके वापस मिलता है. जो हम देते हैं उससे कई गुणा लौटा कर वह हमें देते हैं. परमात्मा का बखान करना सूर्य को दीप दिखाने जैसा ही है फिर भी हृदय चाहता है  ……। 
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विजयलक्ष्मी 

नजरे खोज रही थी तेरी तस्वीर 
उसी दीवार पर....जख्म बकाया दिखे रिसते हुए 
नित्य ही दरवाजे पर बजती हैं घंटी ..लगती हैं निरर्थक सी 
इन्तजार ...इन्तजार ही रहेगा उम्रभर शायद ..लेकिन मन नहीं मानता 
लगता है तुम लौटोगे जरूर ..एक दिन 
न तुम आये न तुम्हारी जिसे तुम उतारकर ले गये 
खाली होकर भी ख़ाली नहीं है 
मेरी रूह टंगी है उसी खूंटी पर उसी दिन से
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प्रतिभा वर्मा 
सोंचती हूँ तुम्हारे बारे में
तुम्हारी सूरत के बारे में...

एक धुंधली सी तस्वीर बनाई है
पर समझ नहीं आता
कि तुम कौन हो।
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फ़िरदौस ख़ान
ज़िंदगी में इंसान को वही मिलता है, जिसके वो क़ाबिल होता है... मुहब्बत का नूर भी हर किसी को नसीब नहीं होता... हमारे Sir कहते हैं कि जो शख़्स किसी इंसान से मुहब्बत नहीं कर सकता, वो ख़ुदा से भी मुहब्बत नहीं कर सकता...
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अंशु त्रिपाठी 
रात का ख़्वाब मेरा 
फिर ढूँढता हर्फ 
बदहवास 
नशीले हर्फ़ या जहर भरे 
दिलनशीं या कहर भरे 
रात का ख़्वाब मेरा
फिर ढूँढता हर्फ 
बदहवास
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
रामाजय शर्मा 
बरफ के गोले जैसी
कुछ मीठी
कुछ खट्टी
कुछ पिघलती सी
ज़िदगी
गरमी में जल्ती धूप
रेगिस्तान में 
पानी के छलावे सी
ज़िदगी
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वाणी गीत 
उस दिन जब वह लॉन की दूब को दांतों से कुरेदती ही तो मिली थी मुझे यहाँ , अपनी व्यग्रता को ही कुरेदती थी जैसे। बाद के दिनों में मुझे बताया उसने। मध्य आयु के स्त्री पुरुषों में जैसे परिवर्तन होते हैं , वैसी ही बेचैनियां लिए बढ़ती उम्र , रिश्तों का ठहरापन , मुट्ठी से फिसली उम्र के बीच कुछ भी अपने मन का न पा सकने की निराशा , जाने क्या -क्या !
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कुशवंश 
कल रात मुझे मिल गया
दर दर भटकता सत्य
मैले कुचैले, फटे कपड़ों मे
मुझे विस्वास ही नही हुआ
सत्य के इस बदहाल रूप पर
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राजीव कुमार झा 
आँखों को लेकर बेहद संजीदा और उम्दा शायरी की गई है.तमाम नए और पुराने शायरों ने आँखों की भाषा पढ़ने की कोशिश की है और तरह तरह की उपमाएं दी हैं.
जर्मन लेखक और कवि मारिया राइनर रिल्के की एक कविता है, जिसका अनुवाद रामधारी सिंह'दिनकर' ने किया था.कविता कुछ इस प्रकार है - 'काढ़ लो दोनों नयन मेरे, तुम्हारी ओर अपलक देखना तब भी न छोडूंगा'.

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नवेदिता दिनकर 
तुम्हारी मीठी मीठी बातों में 
इतना रस घुला हुआ, 
मानों, बन जाती मैं मिट्टी 
सौंधी तरावट सी
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आशा सक्सेना 
घन गरज गरज बरसो
तरसा कृषक देख रहा
आशा निराशा में डूब रहा
कितने जतन किये उसने
कब और कैसे रीझोगे
सुशील कुमार जोशी
समय को लिखने 
वाले लोगों को 
ना तो फुरसत होती है 
ना ही कुछ लिखने 
लिखाने का समय 
उनके पास होता है
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रविकर जी 
कारीगर की कर रहे, बेकारी मंजूर |
मनरेगा से दे गए, घपले का दस्तूर |

घपले का दस्तूर, हुवे मजदूर आलसी |
कागज़ पर तालाब, कमीशन-खोर पालिसी |
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
धन्यवाद 

17 comments:

  1. सुप्रभात
    आज का चर्चा मंच लिए बहुत सी लिंक्स
    पढ़ने को बेताब करे खुशियों से भर दे |
    मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार सर |

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  2. बहुत सुंदर चर्चा ! राजेंद्र जी.
    मेरे पोस्ट को शामिल करने के लिए आभार.

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  3. बहुत मेहनत से तैयार की गयी है आज की सुंदर चर्चा । 'उलूक' के सूत्र 'समय अच्छा या बुरा समय की समझ में खुद नहीं आ रहा होता है' को जगह देने के लिये आभारी हूँ राजेंद्र जी ।

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  4. जी शुक्रिया मुझे स्थान देने के लिए।
    सुन्दर लिंक्स।

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  5. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक आज I.A.S.I.H पोस्ट्स न्यूज़ पर दिया गया है , कृपया पधारें धन्यवाद !

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  6. सुंदर सूत्र व चर्चा , आ. राजेन्द्र भाई , शास्त्री जी व मंच को धन्यवाद !
    Information and solutions in Hindi ( हिंदी में समस्त प्रकार की जानकारियाँ )

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  7. गीत , ग़ज़ल , कहानी आदि की सर्वआयामी चर्चा !
    लिंक शामिल किये जाने का आभार !

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  8. बढ़िया चर्चा-
    सुन्दर लिंक्स-
    आभार आदरणीय-

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  9. बहुत बढ़िया चर्चा प्रस्तुति
    आभार!

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  10. sundar charcha...mujhe bhi inmay shamil kiya....shukriya

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  11. good one !!आपका क्या कहना है साथियो !! अपने विचारों से तो हमें भी अवगत करवाओ !! ज़रा खुलकर बताने का कष्ट करें !! नए बने मित्रों का हार्दिक स्वागत-अभिनन्दन स्वीकार करें !
    जिन मित्रों का आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं और बधाइयाँ !!
    "इन्टरनेट सोशियल मीडिया ब्लॉग प्रेस "
    " फिफ्थ पिल्लर - कारप्शन किल्लर "
    की तरफ से आप सब पाठक मित्रों को आज के दिन की
    हार्दिक बधाई और ढेर सारी शुभकामनाएं !!
    ये दिन आप सब के लिए भरपूर सफलताओं के अवसर लेकर आये , आपका जीवन सभी प्रकार की खुशियों से महक जाए " !!
    मित्रो !! मैं अपने ब्लॉग , फेसबुक , पेज़,ग्रुप और गुगल+ को एक समाचार-पत्र की तरह से देखता हूँ !! आप भी मेरे ओर मेरे मित्रों की सभी पोस्टों को एक समाचार क़ी तरह से ही पढ़ा ओर देखा कीजिये !!
    " 5TH PILLAR CORRUPTION KILLER " नामक ब्लॉग ( समाचार-पत्र ) के पाठक मित्रों से एक विनम्र निवेदन - - - !!
    प्रिय मित्रो ,
    सादर नमस्कार !!
    आपका हार्दिक स्वागत है हमारे ब्लॉग ( समाचार-पत्र ) पर, जिसका नाम है - " 5TH PILLAR CORRUPTION KILLER " कृपया इसे एक समाचार-पत्र की तरह ही पढ़ें - देखें और अपने सभी मित्रों को भी शेयर करें ! इसमें मेरे लेखों के इलावा मेरे प्रिय लेखक मित्रों के लेख भी प्रकाशित किये जाते हैं ! जो बड़े ही ज्ञान वर्धक और ज्वलंत - विषयों पर आधारित होते हैं ! इसमें चित्र भी ऐसे होते हैं जो आपको बेहद पसंद आएंगे ! इसमें सभी प्रकार के विषयों को शामिल किया जाता है जैसे - शेयरों-शायरी , मनोरंहक घटनाएँ आदि-आदि !! इसका लिंक ये है -www.pitamberduttsharma.blogspot.com.,ये समाचार पत्र आपको टविटर , गूगल+,पेज़ और ग्रुप पर भी मिल जाएगा ! ! अतः ज्यादा से ज्यादा संख्या में आप हमारे मित्र बने अपनी फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज कर इसे सब पढ़ें !! आपके जीवन में ढेर सारी खुशियाँ आयें इसी मनोकामना के साथ !! हमेशां जागरूक बने रहें !! बस आपका सहयोग इसी तरह बना रहे !! मेरा इ मेल ये है : - pitamberdutt.sharma@gmail.com. मेरे ब्लॉग और फेसबुक के लिंक ये हैं :-www.facebook.com/pitamberdutt.sharma.7
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    मेरा मोबाईल नंबर ये है :- 09414657511. 01509-222768. धन्यवाद !!
    जो अभी तलक मेरे मित्र नहीं बन पाये हैं , कृपया वो जल्दी से अपनी फ्रेंड-रिक्वेस्ट भेजें , क्योंकि मेरी आई डी तो ब्लाक रहती है ! आप सबका मेरे ब्लॉग "5th pillar corruption killer " व इसी नाम से चल रहे पेज , गूगल+ और मेरी फेसबुक वाल पर हार्दिक स्वागत है !!
    आप सब जो मेरे और मेरे मित्रों द्वारा , सम - सामयिक विषयों पर लिखे लेख , टिप्प्णियों ,कार्टूनो और आकर्षक , ज्ञानवर्धक व लुभावने समाचार पढ़ते हो , उन पर अपने अनमोल कॉमेंट्स और लाईक देते हो या मेरी पोस्ट को अपने मित्रों संग बांटने हेतु उसे शेयर करते हो , उसका मैं आप सबका बहुत आभारी हूँ !
    आशा है आपका प्यार मुझे इसी तरह से मिलता रहेगा !!आपका क्या कहना है मित्रो ??अपने विचार अवश्य हमारे ब्लॉग पर लिखियेगा !!
    सधन्यवाद !!
    आपका प्रिय मित्र ,
    पीताम्बर दत्त शर्मा,
    हेल्प-लाईन-बिग-बाज़ार,
    R.C.P. रोड, सूरतगढ़ !
    जिला-श्री गंगानगर।
    " आकर्षक - समाचार ,लुभावने समाचार " आप भी पढ़िए और मित्रों को भी पढ़ाइये .....!!!
    BY :- " 5TH PILLAR CORRUPTION KILLER " THE BLOG . READ,SHARE AND GIVE YOUR VELUABEL COMMENTS DAILY . !!
    Posted by PD SHARMA, 09414657511 (EX. . VICE PRESIDENT OF B. J. P. CHUNAV VISHLESHAN and SANKHYKI PRKOSHTH (RAJASTHAN )SOCIAL WORKER,Distt. Organiser of PUNJABI WELFARE SOCIE TY,Suratgarh (RAJ.)
    Posted by PITAMBER DUTT SHARMA ********

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  12. सुन्दर चर्चा आदरणीय राजेन्द्र कुमार जी।
    आपका आभार।

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  13. बहुत सुन्दर चर्चा ,सराहनीय है आपकी प्रस्तुति

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  14. बहुत सुन्दर चर्चा, हमेशा की तरह...

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  15. उम्दा लिंक्स !

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  16. बहुत ही मार्मिक विषय के आधार पर आज का संयोजन है !

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  17. सुंदर चर्चा ! बहुत बहुत आभार राजेन्द्र जी ! देर से आने के लिए खेद है

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