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Thursday, February 11, 2010

“असली मुद्दा तो भूल ही गए लोग...!” (चर्चा मंच)

"चर्चा मंच" अंक-60
चर्चाकारः डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"


आइए आज का "चर्चा मंच" को सजाते हैं।
Kajal Kumar's Cartoons काजल कुमार के कार्टून
कार्टून :- इस साल असली मुद्दा तो भूल ही गए लोग...!


वासंती दोहे
क्या वसंत का मोल है जब न प्रियतम पास?कोयल की हर कूक में पिया मिलन की आस।।अमराई के संग में पीले सरसों फूल।किसके सर बिन्दी लगे किसी माथ पर धूल।।रस कानों में घोलती मीठी कोयल-तान।उस मिठास के दर्द से प्रायः सब अन्जान।।पतझड़ ने आकर कहा आये द्वार वसंत।नव-जीवन…..

मनोरमा

उड़न तश्तरी ....
एक कहानी: एक कविता

जाने किस आहट से नींद खुल जाती है.कोई थकान नहीं, शायद नींद पूरी हो गई. खिड़की के बाहर झांकता हूँ. सफेद रात. जहाँ तक नजर जाती है, बरफ ही बरफ और रुई के फाहे की तरह गिरती लहराती बरफ अभी भी थमी नहीं है.

घड़ी पर नजर डालता हूँ. ३ बज कर १० मिनट. अब फिर से सोने की कोशिश करना याने सुबह ५ बजे शुरु होने वाली दिनचर्या बिगाड़ना. रसोई में जा कर एक कप गर्म काली कॉफी बना लाता हूँ और फिर सामने कम्प्यूटर. ऐसे ही शुरु होती है अधिकतर दिनचर्या

……
snowing

एक अमर प्रेम,
एक रुढ़ीवादी समाज,
एक संस्कार
माँ बाप
का सम्मान,
धन लोलुपता,
मान्यतायें,
समर्पण..
त्याग…

..

हमारी दिल्ली .......
   फ़िरोज़ शाह कोटला  जामी मस्जिदचौदहवीं शताब्दी के मध्य में भारत की सल्तनत फ़िरोज़ शाह तुगलक (१३५१-१३८८) के कुशल हाथों में रही ...इस्लाम के आगमन से लगभग डेढ़ शताब्दी तक देश का माहौल बड़ा ही अनिश्चित और हिंसा पूर्ण रहा ...लेकिन फ़िरोज़ शाह…..

काव्य मंजूषा

आयो फागनियो (फाग गीत )
रंग रंगीले फूल खिलेपुरवैया ठंडी आएकी आयो फागनियोकी आयो जी फागनियों..लाल हरी चुनर न ओढूबस पिली ओढ़नी भाएरंगादो मोहे फागनियोंकी आयो जी फागनियों...देवरजी जो करे ठिठोरीसैयाजी की याद सताएकी आयो फागनियोंकी आयोजी फागनियो...संग ननद के फाग मैं …….

Kavymanjusha

मसि-कागद

शाबाशी गयी भाड़ में..... पहले ये बताओ कि मुझे धक्का किस कमीने ने दिया था------>>>> दीपक 'मशाल' - आप में से ज्यादातर लोगों ने ये चुटकला तो सुन ही रखा होगा कि- 'एक बार एक नदीं में कोई बच्चा डूब रहा था.. काफी भीड़ जमा हो गयी किनारे पर लेकिन गहरी और ठन्डे...

लावण्यम्` ~अन्तर्मन्`

पापाजी , आपकी बिटिया , आपको सादर प्रणाम करती है और आपकी पुण्य तिथि पर : ११ फरवरी - - *स्वर कोकिला सुश्री लता मंगेशकर* * पँडित नरेन्द्र शर्मा की " षष्ठिपूर्ति " के अवसर पर , माल्यार्पण करते हुए * * * ***पूज्य पापाजी की लिखी एक कविता " पल्लव दल..

GULDASTE - E - SHAYARI

- हम जिए तो कुछ इस तरह से जिए.. के किसीको खबर न थी हमारी, ख़बर थी जिनको.. उन्होंने कभी ख़बर न ली हमारी !

नया ठौर

उत्तमा जी ! मैं आपसे बिल्कुल असहमत हूं - *डॉ. उत्तमा के ब्लॉग कलाजगत (**http://www.kalajagat.blogspot.com/**) पर रुचिका मामले के मुख्य अभियुक्त राठौर पर हमले को लेकर लिखी गई पोस्ट पढ़ने के बाद ख़...

अंतर्मंथन

क्या इतने सारे इत्तेफाक होना भी एक इत्तेफाक है ? - यह भी एक इत्तेफाक है की बहुत पहले , शायद तब हम नए नए डॉक्टर बने थे , हमने स्वर्गीय काका हाथरसी को सुना और उनकी हास्य कविताओं के दीवाने हो गए । बरसों बाद २०...

Rhythm of words...

फितरत!! - जूनून बसता है मेरी आँखों में सुकून कहीं और है मैं चुप करता हूँ लफ़्ज़ों को तो खींचता ख़ामोशी का शोर है रोज होता है कुछ न कुछ ख्वाबगाह में मगर मिलता नहीं कुछ सो...

Science Bloggers' Association

विज्ञान भी चल पड़ा है साधु-संतो की राह पर- 'सब माया है वत्स, सब माया'। यकीन न हो, तो खुद पढ़ लो - विज्ञान की अजीब Theories (2)क्या आपका जिस्म, आपके हाथ पैर वगैरा असली हैं? क्या हमारे आसपास की चीज़ों का वजूद वास्तव में है? अगर कोई इन सवालों का जवाब नहीं मे...

आदित्य (Aaditya)

जुगाड़ लगाओ.. पहुँच बढाओ.. - ये तसवीरें पूरी कहानी बयान कर रही है... मंझा आया!!

कर्मनाशा

राह बस एक - खोजते - खोजते बीच की राह सब कुछ हुआ तबाह। बनी रहे टेक राह बस एक।…

Gyanvani

मुझे क्षमा करना हे ! रघुराई ....... - राम प्रत्येक हिन्दू व्यक्ति के आराध्य हैं और अपने पारिवारिक संस्कारों के चलते मैं भी अंधभक्ति की तरह उनकी पूजा अर्चना करती हूँ ....मगर हमेशा की तरह दिल (जो..

बगीची

डॉक्‍टर कुमार विश्‍वास का जन्‍मदिन है : कैनन एस एक्‍स 120 कैसा रहेगा (अविनाश वाचस्‍पति) - डॉक्‍टर कुमार विश्‍वास का चित्र खींचना है आज जन्‍मदिन है उनका कुमार के विश्‍वास का श्रोताओं की आस का सर्दी में भी उनको पंखों (Fans) की प्‍यास है ए सी नहीं उ..

Albelakhatri.com

दोस्तों ! समय बहुत ख़राब है...दुआ करना सब ठीक हो - चलो जी ! एक बार फिर बैग भर लिया है और टूर पर निकला हूँ बहुत सी जगह लोगों को हँसाना है.......... 10-02-2010 जयपुर 11-02-2010 महेसाणा 12-02-2010 जयपुर ( ...

An Indian in Pittsburgh - पिट्सबर्ग में एक भारतीय

एक वह होली - समापन खंड - एक वह होली की पहली कड़ी में आपने पढ़ा कि दिल्ली से आये वज्रांग ने बरेली की होली में बड़े उत्साह के साथ पहली बार मोर्चा लड़ा था. अब आगे पढ़ें... वज्रांग और उसक..

आरंभ Aarambha

कमाई नहीं धन का एकतरफा प्रवाह है यह - पिछले दिनों छत्तीसगढ के एक आईएएस के घर आयकर विभाग को मिली अनुपातहीन सम्पत्ति और भोपाल के आईएएस दम्पत्ति के घर के कोने कोने से मिले करोडो के नोटों को देखकर...

समाचार:- एक पहलु यह भी

आईपीएल बोले तो भारतीय संस्कृति की.......... - क्रिकेट प्रेमी सहित प्रत्येक भारतवाशी में इन दिनों एक अलग ही तरह की ख़ुशी दिखाई दे रही है. पिछले वर्ष यही ख़ुशी जहा उनके चेहरे से काफूर थी वही अबकी बार मेर..

अंधड़ !

ख्वाईश ! - *हर तलाश तुम्हारी, अंजाम तक पहुचाता ! काश ! अगर मैं भी 'गुगुल सर्च' जैसा बन पाता !! ज्यों तलाशने अपने मन की जिज्ञासा, कोई जिज्ञासू, शीघ्र पहुच जाता है, 'गु...

Dr. Smt. ajit gupta 

घूमने जाते समय रिश्‍तेदार की तलाश या होटल की? - इन गर्मियों की छुट्टियों में बच्‍चों ने कहा कि पापा इस बार हम मसूरी घूमने चले। पापा ने कहा कि देखते हैं। लेकिन एक दिन अचानक ही पापा बोले कि बच्‍चों तुम कह ..

"मेरी पुस्तक - प्रकाशित रचनाएँ : प्रेम फ़र्रुखाबादी"

याद में यार की चाह में प्यार की - याद में यार की चाह में प्यार की ये मेरा दिल है, जो जल रहा है दिल के सिवा और, जलता भी क्या है इसके सिवा और, होता भी क्या है याद में यार की चाह में प्यार की य...

गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष

मौसम के पूर्ण तौर पर ठीक होने के लिए 16 फरवरी का इंतजार करना पड सकता है !! - इस पोस्‍ट का आरंभ करते हुए मैं आपको 9 दिसंबर 2009 को प्रकाशित किए गए पोस्‍ट पर ले जाना चाहूंगी , जिसमें मैने लिखा था कि 3 और 4 फरवरी 2010 के ग्रहीय योग के ज्...

किस्सा-कहानी

मेरी पसंद.... - लीक पर वे चलें..... ----------------- [image: Sarveshwar Dayal Saxena] लीक पर वे चलें जिनके चरण दुर्बल और हारे हैं हमें तो जो हमारी यात्र ऐसे अनिर्मित पन्...

ह्रदय पुष्प 

महाशिवरात्रि - महाशिवरात्रि के पावन पर्व की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं  भस्म रमा रहीं शंकर के  तनि लोचन-मध्य गिरी अहि के     विष की फुसकार लगी शशि के  और अमृत-बूंद ग...

Alag sa

एक सैम्नार ऐसा भी - *रायपुर के मोतीबाग से आयकर भवन जाने वाली सड़क पर कुछ आगे जा कर घने इमली के पेड़ हैं। जिनकी शाखाओं पर ढेरों तरह-तरह के परिंदे वास करते हैं। शाम होते ही जब पक..

नुक्कड़

दैनिक हिन्‍दी सांध्‍य टाइम्‍स नई दिल्‍ली में इंटरनेशनल ब्‍लॉगर्स सम्‍मेलन की सचित्र खबर प्रकाशित हुई है : होली पर भी मिलेंगे - दिनांक 10 फरवरी 2009 को चित्र के साथ पेज 12 पर प्रकाशित हुई है आप देख सकते हैं क्‍योंकि जो दिल्‍ली में हैं  ...

ANALYSE YOUR FUTURE

अच्छे अंक प्राप्त कैसे करे - * आजकल* की इस तेज रफ्तार युग में हर व्यक्ति जल्द से जल्द सफल व संपन्न हो जाना चाहता है जिसके लिए वह अच्छी शिक्षा प्राप्त कर बड़ी से बड़ी नौकरी व आजीविका कर..

भारतीय नागरिक - Indian Citizen

सावधान, खबरदार, जागते रहो. - रोज चेतावनी दी जा रही है देश की जनता को. सब अपना अपना कर्तव्य बखूबी निभा रहे हैं. मन्त्री अपना और प्रधानमन्त्री अपना. अफसर भी इसी दिशा में ..

हिंदी ब्लॉगरों के जनमदिन 

आज कनिष्क कश्यप का जनमदिन है - आज, 11 फरवरी को कबीरा खडा बाज़ार में तथा ब्लॉग प्रहरी वाले कनिष्क कश्यप का जनमदिन है। इनका ईमेल आईडी kanishkakashyap@gmail.com है। बधाई व शुभकामनाएं आन...

ताऊजी डॉट कॉम 

फ़र्रुखाबादी विजेता (191) : सुश्री सीमा गुप्ता

Gyan Darpan ज्ञान दर्पण

उत्तरा की मांग -2 - पिछले का शेष ..... और विदा पाकर अभिमन्यु तीर की भांति चला युद्ध क्षेत्र में | 'सप्य्क सप्य्क क्लाक ' तलवार चल रही थी जैसे मछली पानी में क्रीडा कर रही हों | ...

हास्यफुहार 

दिमाग - * * *दिमाग*** खदेरन ने फाटक बाबू से प्रश्न किया, “अच्छा फाटक बाबू यह बताइए कि कितने प्रतिशत लड़कों के दिमाग होता है ? ” फाटक बाबू ने प्रश्न के उत्तर ..

शिल्पकार के मुख से 

भंग का रंग........जोगी जी.... जरा....बच के.....!!! - होली का माहौल बन रहा है. रंग-अबीर-गुलाल और गारी-ठिठोली भी चलेगी जम कर भंग भी घुटेगी और ठंडाई के साथ छनेगी-चढ़ेगी. ऐसे हालत में कभी कभी लोग अपने घर का ही रा...

क्वचिदन्यतोअपि..........!

रिटर्न टू अल्मोड़ा से ....कृपया ध्यान दें , वयस्क सामग्री है ! - इंटर गवर्नमेंटल पैनेल आन क्लाईमेट चेंज (IPCC ) के मुखिया और इसी संस्थान के लिए नोबेल पुरस्कार झटक लेने वाले अपने राजेन्द्र पचौरी साहब इन दिनों सुर्ख़ियों मे...

तीसरा खंबा

 मुस्लिम तलाक को अदालत में किस तरह से साबित किया जाए? - *फीरोज अहमद साहब ने अपने एक प्रश्न में पूछा था--* 'मुस्लिम तलाक को अदालत में किस तरह से साबित किया जाए? ' *उत्तर-* ** फीरोज़ अहमद जी, एक मुस्लिम तलाक़ क..

दिशाएं

बुझी चिंगारीयों को फिर से हवा मिल रही है.. - बिना कारण कुछ भी तो नही होता.....समस्याए पैदा ही तभी होती हैं जब कोई कारण हो।..यदि समय रहते उस कारण को दूर कर दिया जाए तो यह अंसभव है कि वह समस्या ज्यादा ...

किस से कहें ?

हर एक बात प कहते हो तुम कि तू क्या है : ग़ालिब "कुंदन लाल सहगल" - ग़ालिब की ये ग़ज़ल कई लोगों ने गाई है. आज कुंदन लाल सहगल का अंदाज़ देखिये .... कि सुनिए ....?? हर एक बात प कहते हो तुम कि तू क्या है तुम्हीं कहो कि ये...

देशनामा

सरकार अब मौन है...खुशदीप - चलिए *सरकार की दुकान...* क्या खरीदना है...*पेट के लिए रोटी, हाथ के लिए रोज़गार, सिर के लिए छत...* सरकार की दुकान से जवाब मिलेगा....ये तो नहीं है...*सपने ..

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ऊठ को पहाड़ के नीचे आने दीजिये -बाबा रामदेव करेंगे नेतागिरी -

बाबा राम देव की जय . स्वामी राम देव नाम दाम बटोरने के बाद अब राजनीति को साफ़ करेंगे . और सफाई को घुसकर ही किया जाता है ऐसा ही मानना होगा शायद बाबा का ...

संगीत के असाधारण ताल
जरा याद कीजिये फिल्म काला बाजार के गीत ‘अपनी तो हर आह एक तूफान है…..’ को। या फिल्म दोस्त के गीत ‘गाड़ी बुला रही है…..’ को। कुछ विशेषता नजर आती है इनमें? जी हाँ इन गानों में रेलगाड़ी की आवाज को ताल के रूप में इस्तेमाल…

भारतीय सिनेमा

gazal k bahane
यूं तो वो हमेशा ही दिल के पास में रहापर,उसका जल्वा मुस्तकिल कयास में रहाउसको ही ढूंढते रहे,कैसे थे बेखबरहर वक्त ही जो अपने आस-पास में रहाखुशबू बसी हुई है जिस तरह से फूल में ऐसे ही कुछ वो मेरी सांस-सांस में रहावो जिन्दगी से दूर, बहुत दूर….

gazal k bahane


आज की चर्चा में बस इतना ही!
राम-राम!

12 comments:

  1. काफी कुछ समेटा है आपने, बधाई।

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  2. Kya baat hai ji ....sundar posts se sankalit suvyavsthit Charcha!!
    Aabhar
    http://kavyamanjusha.blogspot.com/

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  3. bahut hi badhiya charcha rahi.........kafi link yahin mil gaye........shukriya.

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  4. बहुत सुंदर चर्चा.

    रामराम.

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  5. बहुत ही बढिया चर्चा...
    आभार्!

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  6. मैं तो यही सोचता रह जाता हूं कि कितनी मेहनत लगती है इस चर्चा पर। कैसे कर लेते हैं?

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  7. विषद चर्चा -आभार !

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  8. बहुत बढ़िया चर्चा किया है आपने! मेरी शायरी को शामिल करने के लिए शुक्रिया!

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