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Monday, February 01, 2010

“……..पगलिया तक…..” (चर्चा मंच)

"चर्चा मंच" अंक-47

चर्चाकारः डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"

आइए आज के "चर्चा मंच" को सजाते हैं-


आखिर ये `मुहब्बत ' है क्या बला ?
क्या है, न, हमें भी आदत थी , आप में से कईयों की तरह , कि कहीं कोइ बेहतरीन शेर या कविता पढी उसे सहेज लिया - - ऐसी ही किसी घड़ी में, ये शेर , हमने दर्ज कर लिए थे ...शायद आपने पहले भी सुने होंगें , पर आज यही आपके सामने प्रस्तुत करने का मन हुआ ..वीकेंड ,
उड़न तश्तरी ....

ज्ञानदत्त जी की पगली पोस्ट से पगलिया तक - मैने पाया है कि श्री ज्ञानदत्त पाण्डे जी की मानसिक हलचल उनके लिए मानस में चाहे जो भी हलचल मचाती हो मगर उसका एक रुप दूसरे के मन में हलचल मचाने का हमेशा ...
ताऊ डॉट इन

ताऊ पहेली - 59 विजेता : श्री प्रकाश गोविंद - प्रिय भाईयो और बहणों, भतीजों और भतीजियों आप सबको घणी रामराम ! हम आपकी सेवा में हाजिर हैं ताऊ पहेली 59 का जवाब लेकर. कल की ताऊ पहेली का सही उत्तर है - आगा ख..
अपनी बात...

झलकियां - * गण्तंत्र दिवस के अवसर पर मेरे विद्यालय के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने भी रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत * * * *किये. उसी अवसर की कुछ झलकियां आपके लिये लाई...
bhartimayank
"रविवासरीय साप्ताहिक पहेली-18" (अमर भारती) -  * * * *आपको पहचान कर निम्न चित्र का नाम और स्थान बताना है।paheli-18
Tech Prévue: तकनीक दृष्टा

Mozilla Weave 1.0, अब सब कुछ होगा Synchronized - मोज़िला (Mozilla) ने Weave 1.0 रिलीज़ कर दिया है, यह एक फायरफॉक्स (Firefox) extension है जिसका प्रयोग... [यह लेख का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्ट...
Gyan Darpan ज्ञान दर्पण

"एलोवेरा " ब्लॉग ट्रैफिक के लिए भी है खुराक - पिछले कई दिनों से एलोवेरा प्रोडक्ट ब्लॉग पर रामबाबू सिंह एलोवेरा (ग्वार पाठे )के स्वास्थ्य वर्धक गुणों पर प्रकाश डाल रहे है वे बता रहे है कि एलोवेरा (ग्वार...
ज़िन्दगी
बावरा मन - ये मन का उड़ता पंछी आकाश को पाना चाहता है जिस राह की कोई मंजिल नही उस राह को तकना चाहता है प्रणय बंधन में बँधे मनों को प्रेम का नव अर्थ देना चाहता है नामु..
अंधड़ !
मिथ्या ही मान लो कि भगवान सब देखता है पर .. ! - *और यह रही मेरी पहली टिप्पणी अलग से मेरे ही पिछले लेख पर : आज जो हम लोग आम जीवन मे मानवीय मुल्यों का इतना ह्रास देख रहे है, उसकी एक खास वजह यह भी है कि हम...
Alag sa
इंसानियत की कोई जाति नहीं होती. एक सत्य घटना. - चाहे कोई बंगाली हो, पंजाबी हो, गुजराती हो। उसका प्रदेश चाहे छत्तीसगढ़ हो, उड़ीसा हो या आसाम हो। मानवता या इंसानियत को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। आपसी प्रेम क...
गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष
 क्‍या आपको भी विश्‍वास है कि देश के अधिकांश भाग में 3 और 4 फरवरी का मौसम बिगडा रहेगा ??! - काफी दिन पूर्व की बात है , मेरे बगीचे में काम करने वाले एक मजदूर ने किसी काम के लिए मुझसे 100 रूपए लिए और फिर काम पर आना ही बंद कर दिया। सामान्‍य तौर पर 100 ...
नुक्कड़
श्री लिपि एक्‍सपी साफ्टवेयर (अविनाश वाचस्‍पति) - चाहिए ऐसा वर्जन जो एक्‍स पी में चले चले या दौड़े पर काम करने से मुंह न मोड़े श्री लिपि साफ्टवेयर का एक्‍स पी वर्जन जिनके भी हो पास भेज दें मेरी मेल पर पता a...
हास्यफुहार
जोर से बोलो - * * *जोर से बोलो*** *मास्टरजी**,
"**ए फॉर... **?"* *पप्पू**, "**एप्पल।"*** *मास्टरजी**, "**बी फॉर... **?"* *पप्पू**, **धीरे से बोला**, "**बुक।"***
ललितडॉटकॉम
प्राचीन काल के यंत्र-वैज्ञानिक अविष्कार - प्राचीन काल में हमारा विज्ञान उत्कर्ष पर था, वर्तमान से तुलना करें तो हम इतनी वैज्ञानिक प्रगति करने के पश्चात प्राचीन काल की वैज्ञानिक तरक्की के सामने बौने...
अप्रवासी उवाच (Apravasi Uvach)
बोले तो...आज अपुन का डबल हैप्पी बर्डडे है - एक लम्बे अंतराल के बाद लिखने बैठा हूँ... आज एक वर्ष पूर्व १ फरवरी के ही दिन से अपनी व्यक्तिगत ३६वीं सूर्य परिक्रमा के प्रारंभ के साथ मैंने चिठ्ठाकारिता की ...
चिट्ठाकार चर्चा
युवा प्रखर-मुखर मिथलेश दुबे- चिट्ठाकार-चर्चा (ललित शर्मा) - नवयुवाओं के विषय में बुजुर्ग लोग हमेशा सोचते हैं कि इनकी बुद्धि अभी परिपक्व नहीं हुयी है. ज्यादा दूर की नहीं सोच सकते. बिना सोचे समझे उल्टा-सीधा करते रहते...
अमीर धरती गरीब लोग 
ब्लागर मीट के बाद पता चला कि पार्क मे बैठ कर मूंगफ़ली और चना खाने वाले ही ईमानदार होते हैं,और समोसा उससे तो अब नफ़रत हो गई है! -रायपुर मे पहली बार राज्य स्तर की ब्लागर मीट की कोशिश की गई।कुछने इसे सफ़ल माना और कुछ ने……।खैर ये अच्छे संकेत है कि वैचारिक स्वतंत्रता के दूत ब्लागरों ने वै..
नीरज
किताबों की दुनिया - 23 - कोई सत्तर के दशक के आरम्भ की बात होगी. मैं तब कालेज में पढता था. जयपुर की बड़ी चौपड़ पर स्थित मानक चौंक स्कूल के भव्य प्रागण में मुशायरा चल रहा था जिसे कुं...
सच्चा शरणम्
प्राण रच रहे तम का खेला (गीतांजलि का भावानुवाद ) - Clouds heap upon clouds and it darkens. Ah, love, why dost thou let me wait outside at the door all alone ? In the busy moments of the noon-tide work I am ...
दिशाएं
किसी से भी नही गिला..... - संभल कर जब भी चला सिवा ठोकर के मुझे क्या मिला ? लेकिन मुझे इस बात का किसी से भी नही गिला। क्योंकि मेरा संभलना, उन मेरे अपनों के लिए दुखदाई हो जाता है। जिन्..
पर्यानाद्
अब तो अपने बाघों को बचाएं - पिछली शताब्‍दी के आरंभ में बाघों की आबादी करीब 40 हजार थी। अब उनमें से केवल 1411 भारत में बाकी बचे हैं। पिछले वर्ष भारत में 86 बाघों की जान गई। भारत ..
कबाड़खाना
काफ़्का का ’द कासल’ - पियेत्रो सिताती की किताब ’काफ़्का’ के एक अध्याय से आपको पहले रू-ब-रू करवा चुका हूं. आज से उनके उपन्यास पर आधारित इसी किताब के ग्यारहवें अध्याय पर एक सीरीज़ शुर..
अनवरत
हरि शर्मा जी से एक मुलाकात - एक दिन की जोधपुर यात्रा से आज सुबह लौटा हूँ और अब फिर से सामान तैयार हैं शोभा सहित रवाना हो रहा हूँ, फरीदाबाद के लिए। उसे बेटी के पास छोड़ मैं निकल लूंगा द..
Albelakhatri.com
ब्लोगर मित्रो, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को काव्यांजलि दीजिये साथ ही नाम के साथ-साथ नगद नारायण इनाम भी लीजिये - ब्लोगर मित्रो, नमस्कार ! जिनके स्मरण मात्र से हमारी सम्पूर्ण चेतना में राष्ट्रभक्ति का ज्वार उमड़ पड़ता है ऐसे महान स्वाधीनता सेनानी नेताजी सुभाष चन्द्र...
मोहल्ला
रात में पैसे लुट रहे है लूट लो ? - क्या आपने कभी रात 12 बजे के बाद जगने की कोशिश की है, रात को लगभग हर चैनल पर या तो बाबा लोग अपने कवच बेच रहे होते है या फिर कुछ चैनल, लोगों को पैसे लुटवा..
सफ़ेद घर
अमां मुर्गों की लडाई देख रिया था, लो खां तुम भी देखो, वो मुटल्ले को देखो कैसे फडक रिया है ... - अबे पकड ना उसको, साला देखता नहीं क्या रकत आ रेला है। जा ले जा के मालिश कर। थोडा पानी जास्ती मार। ये वह शब्द थे जो मैंने कुछ मुर्गे ल..
समाजवादी जनपरिषद
राष्ट्रमण्डल खेल बनाम शिक्षा का अधिकार - शिक्षा अधिकार मंच, भोपाल के तत्वाधान में 24 जनवरी 2010 को मॉडल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में ’’राष्ट्रमंडल खेल-2010 बनाम शिक्षा का अधिकार’’ विष..
प्रेम का दरिया
ममता और वात्‍सल्‍य की कवयित्री : गेब्रिएला मिस्‍त्राल - साहित्य में नोबल पुरस्कार पाने वाली पहली लेटिन अमेरिकी कवयित्री गेब्रिएला मिस्त्राल का आरंभिक जीवन बड़ी कठिनाइयों में गुजरा। तीन साल की आयु में पिता की मृत..
स्वप्नलोक
कर्ण की घोषणा - मैं कर्ण बल्द श्री अधिरथ, एतत् द्वारा घोषणा करता हूँ कि मेरी और दुर्योधन की मित्रता आज से समाप्त समझी जाय । मेरी तबियत अब कुछ ठीक नहीं रहती लिहाजा मैं म...
मानसी
ओ रे बचपन! - ओ रे बचपन जीवन के संग क्यों कट्टी मिट्ठी करता है बूढ़ी कबड्डी चक्कर घिन्नी अक्कड़ बक्कड़ बम्बई दिल्ली पुलिस पकड़ती अंडा चोरी मां से लड़कर डंडा गिल्ली ओ रे बचपन ..
कुछ हम कहें
रण - पिछले पंद्रह दिनों से झेल रहे अथक तनाव से तंग आ कर सोचा कि आज सनीमा…:) देखा जाए। अखबार तो आज कल बहुत कम देख पाते हैं उस पर फ़िल्मों की रेटिंग वेटिंग देखने ..
निर्मल-आनन्द
दायें या बायें - यह उस फ़िल्म का नाम है जो मेरी समझ में हिन्दी फ़िल्म की एकाश्मी परम्परा से बहुत आगे, और बहुत ऊपर की संरचना में बुनी हुई है। जीवन का इतना गाढ़ा स्वाद औ..
प्रत्यक्षा
द माईलस्टोन ... भाग 2 - ( अब आगे ... ) अगर किसी फिल्म की शूटिंग चल रही होती तो भीड़ होती और वह लौट जाती चुपचाप...लेकिन उसकी नजरें अभी जंगल और नदी तट को छान रही थीं... कहीं ‘कोई’ तो..
मेरी छोटी सी दुनिया
समय चाहे जो भी लिखे, हम तो तटस्थ ही रहेंगे -आजकल जो हिंदी ब्लौग का माहौल बना हुआ है उसमें मेरे हिसाब से यही बात सही बैठती है.. तटस्थ ही रहें और अपनी ढफली बजाते रहने में ही भलाई है.. दो लोगों की..

क्या मसिजीवी में साहस है इसे पढ़ कर उत्तर देने का? भले ही इधर उधर की पोस्टों में बताया गया हो कि दिल्ली के एक शिक्षण संस्थान में सेवारत विजयेन्द्र सिंह चौहान, मसिजीवी के नामधारी प्रोफाईल के सहारे ब्लॉगिंग क..


Kajal Kumar's Cartoons काजल कुमार के कार्टून
कार्टून :- उफ़्फ़ कितना ज़हरबुझा है ये आदमी...
मसि-कागद

मंदिर में रावण मधुशाला में राम हूँ मैं**********---->>>>>>दीपक 'मशाल' - वफ़ा जो नहीं बेवफा ही सही चलो याद तो रखोगे तुम, मेरी खूबी नहीं खता ही सही चलो याद तो रखोगे तुम. मंदिर में रावण मधुशाला में राम हूँ मैं हालात ना पहचानता इसलि...
बिजली वालों की कृपा हो गई है!
देर से ही सही!
पोस्ट तो लग ही गई है!
 आज इतना ही.....!

11 comments:

  1. अत्यंत सुन्दर चर्चा शास्त्री जी धन्यवाद

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  2. bahut hi sundar chittha charcha rahi......kai chhoote huye link bhi mil gaye ........aabhar.

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  3. सुन्दर चर्चा शास्त्री जी ........ धन्यवाद

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  4. ये चर्चा बड़ी है मस्त-मस्त

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  5. बेहतरीन शानदार चर्चा ...आनन्द आ गया सब लिंक्स पर यहाँ से जाकर.

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  6. आ. शास्त्री जी
    चठ्ठा चर्चा में , मेरी प्रविष्टी को भी स्थान देने के लिए
    आपका बहुत बहुत आभार ..
    ये नेक काम है ..कई अच्छी कविता व नये लिखे
    आलेखों का पता चल जाता है
    - लावण्या

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  7. बेहतरीन चर्चा के लिये आभार ।

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