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Tuesday, October 16, 2012

मंगलवारीय चर्चा (1034) कैसा ये प्यार है?

आज की मंगलवारीय चर्चा में आप सब का स्वागत है राजेश कुमारी की आप सब को नमस्ते आप सब का दिन मंगल मय हो 

अब चलते हैं आपके प्यारे-प्यारे ब्लॉग्स पर 

"नवरात्र की शुभकामनाएँ" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक')



तुमको सच्चे मन से ध्याता।
दया करो हे दुर्गा माता।।

कैसा ये प्यार है?
Kailash Sharma at Kashish - My Poetry

                         Amit Chandra at ehsas -
             रश्मि प्रभा... at मेरी नज़र से


                                                                         

Dheerendra singh Bhadauriya at काव्यान्जलि 
          नीरज गोस्वामी at नीरज - 
Dr.Ashutosh Mishra "Ashu" at My Unveil Emotions 
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धीरेन्द्र अस्थाना at अन्तर्गगन -                           
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                     ढेरों दान डकार, होंय घपलों में शामिल -

                      रविकर at "लिंक-लिक्खाड़" - 
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            Kumar Radharaman at स्वास्थ्य - 
अधूरे सपनों की कसक (8)रेखा श्रीवास्तव at मेरी सोच - 
                                                        दो पल
MANOJ KAYAL at Manoj Kayal - 
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बस आज की चर्चा यहीं समाप्त करती हूँ अगले मंगल वार फिर मिलूंगी कुछ नए सूत्रों के साथ तब तक के लिए शुभ विदा बाय बाय -                               

35 comments:

  1. सुंदर लिंक्स के साथ बहुत खूब रही आज की चर्चा | आभार |

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  2. मुद्दत के बाद खिली है धूप प्यार की,
    कि धूप ने ओढ़ ली,छाँव की ओढ़नी|

    इन खामोश नजरों को है इन्तजार तेरा,
    कि अश्को ने ओढ़ ली पलकों की ओढ़नी|........अश्कों .......

    मौसम की तरह बदला मेरा मिजाज क्यों,
    कि दिल ने ओढ़ ली है मौसम की ओढ़नी|

    हमने चाहा भूलना तुझको हर हाल में,
    कि मन ने ओढ़ ली यादों की ओढ़नी|

    बहुत सुन्दर प्रस्तुति है .बधाई .



    यादों की ओढ़नी,,,
    Dheerendra singh Bhadauriya at काव्यान्जलि

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  3. बहुत सुन्दर चर्चा!
    नवरात्रों की हार्दिक शुभकामनाएँ!
    कल बाहर गया था इसलिए किसी भी मित्र के ब्लॉग पर जाना नहीं हुआ!
    आभार!

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  4. ऐ लड़की ! वो ख्वाब, वो उम्मीद, वो ख्वाहिश,वो एहसास
    कहीं तू ही तो नहीं???

    लड़की एक जिंदा एहसास ,मगर टूटा टूटा हर पल एक खाब (ख़्वाब ).....बहुत बोझिल एहसास की रचना ,अपने आस पास घटती रोज़ एक दुर्घटना .बढ़िया प्रस्तुति .

    ram ram bha

    i
    मुखपृष्ठ

    मंगलवार, 16 अक्तूबर 2012
    भ्रष्टों की सरकार भजमन हरी हरी ., भली करें करतार भजमन हरी हरी


    उस रोज़... या शायद हर रोज़...
    expression at my dreams 'n' expressions.....याने मेरे दिल से सीधा कनेक्शन.....

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  5. अजी बंदर क्या अब तो सांप भी "आम आदमी" को देख अपनी रणनीति बदल लेता है .हाँ !आप सही समझ रहें हैं यह आम आदमी वही है नरेगा /मरेगा वाला .जो आज भी बापू पे यकीन रखता है .और इसीलिए रोज़ लुटता है .

    कुछ अलग सा

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  6. .बढ़िया प्रस्तुति .कृपया हल्का को हलका कर लें .

    अधूरे सपनों की कसक (8)रेखा श्रीवास्तव at मेरी सोच -

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  7. उम्दा चर्चा |नव रात्री के अवसर पर हार्दिक शुभ कामनाएं |
    आशा
    आशा

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  8. भारत के सन्दर्भ में एक बेहद महत्वपूर्ण आलेख .यहाँ हम यह भी और स्पस्ट करना चाहेंगे जिस बांझपन का ठीकरा परम्परागत भारतीय समाज में महिलाओं के सर फोड़ा जाता रहा है उसके लिए पुरुष भी

    जिम्मेवार होतें हैं .उनके प्रति दिश्चार्ज /इजेक्युलेट स्पर्म काउंट या तो लो रह जातने हैं या मुरदार .ज़ाहिर है पुरुष भी बाँझ होतें हैं .

    लड़का पैदा होता है या लड़की इसमें सारा हाथ मर्द का होता है मर्द एक (एक्स -वाई )गुणसूत्र शख्शियत होता है .A male is X,Y individual ,where as a female is an XX individual .

    मर्द की तरफ से क्या जाता है केवल उसी से लिंग का फैसला होता है गर्भस्थ के .मसलन मर्द ने X दिया तो लड़की और Y दिया तो लड़का .

    बढ़िया और अभिनव जानकारी से भरपूर लेख .बधाई .

    विक्की डोनर बनने से पहले......
    Kumar Radharaman at स्वास्थ्य -

    ReplyDelete
  9. भारत के सन्दर्भ में एक बेहद महत्वपूर्ण आलेख .यहाँ हम यह भी और स्पस्ट करना चाहेंगे जिस बांझपन का ठीकरा परम्परागत भारतीय समाज में महिलाओं के सर फोड़ा जाता रहा है उसके लिए पुरुष भी

    जिम्मेवार होतें हैं .उनके प्रति दिश्चार्ज /इजेक्युलेट स्पर्म काउंट या तो लो रह जातें हैं या मुरदार .ज़ाहिर है पुरुष भी बाँझ होतें हैं .

    लड़का पैदा होता है या लड़की इसमें सारा हाथ मर्द का होता है मर्द एक (एक्स -वाई )गुणसूत्र शख्शियत होता है .A male is an X,Y individual ,where as a female is an XX individual .

    मर्द की तरफ से क्या जाता है केवल उसी से लिंग का फैसला होता है गर्भस्थ के .मसलन मर्द ने X दिया तो लड़की और Y दिया तो लड़का .

    बढ़िया और अभिनव जानकारी से भरपूर लेख .बधाई .

    ReplyDelete
  10. मूल आलेख की व्यथा यहाँ सघन हुई है .बच्चे बड़े होने पर बुढापे से किनारा कर लेते हैं .चिड़िया चिरौंटा फिर से अपनी ज़िन्दगी जीते हैं आदमी मोह माया में फंसा रहता है .गए तो गए .प्रभु भक्ति ही विकल्प

    .दुनिया की यही रीत .यहाँ किस्से कैसी प्रीत .

    क्यों तुम ऐसे मौन खड़े ?
    Rajesh Kumari
    HINDI KAVITAYEN ,AAPKE VICHAAR


    टा टा कर कर के थके, जब जब दायाँ हाथ ।
    बाएं ने कह ही दिया, फिर फिर भोले-नाथ ।
    फिर फिर भोले-नाथ, दर्द पूछो तो दिल का ।
    इतना ही था साथ, करे रोकर दिल हल्का ।
    कर ये नाटक बंद, डाल मुख में दो दाने ।
    बचे हुवे दिन चंद, चले जाएँ बेगाने ।।
    -------
    ढेरों दान डकार, होंय घपलों में शामिल -
    रविकर at "लिंक-लिक्खाड़" -
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    ReplyDelete
  11. बढ़िया गायन शिव शक्तियों का .अर्थ भाव और लय और गति के अन्विति लिए .
    सिद्धिदात्री हो तुम कल्याणी
    सबको दो कल्याणी-वाणी।
    मैं बालक हूँ तुम हो माता।
    दया करो हे दुर्गा माता।।

    "नवरात्र की शुभकामनाएँ" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक')
    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं

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  12. भारत के सन्दर्भ में एक बेहद महत्वपूर्ण आलेख .यहाँ हम यह भी और स्पस्ट करना चाहेंगे जिस बांझपन का ठीकरा परम्परागत भारतीय समाज में महिलाओं के सर फोड़ा जाता रहा है उसके लिए पुरुष भी

    जिम्मेवार होतें हैं .उनके प्रति दिश्चार्ज /इजेक्युलेट स्पर्म काउंट या तो लो रह जातें हैं या मुरदार .ज़ाहिर है पुरुष भी बाँझ होतें हैं .

    लड़का पैदा होता है या लड़की इसमें सारा हाथ मर्द का होता है मर्द एक (एक्स -वाई )गुणसूत्र शख्शियत होता है .A male is an X,Y individual ,where as a female is an XX individual .

    मर्द की तरफ से क्या जाता है केवल उसी से लिंग का फैसला होता है गर्भस्थ के .मसलन मर्द ने X दिया तो लड़की और Y दिया तो लड़का .

    बढ़िया और अभिनव जानकारी से भरपूर लेख .बधाई .
    विक्की डोनर बनने से पहले......
    Kumar Radharaman at स्वास्थ्य -


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  13. हमारे वक्त का सारा विद्रूप इस रचना में मुखरित हुआ है .अब लम्पटगीरी भी माई वेलेंटाइन,माई लव कहलाता है।मासूम चेहरे पे तेज़ाब फैंकने वाला

    लम्पट परले दर्जे का अपराधी प्रेमी कहलाता है न्यूज़ बनती बनती है -प्रेमी ने प्रेमिका के चेहरे पे तेज़ाब फैंका .यह भाषा का दिवालिया पन है .

    इसी दौर में सहज दैहिक आकर्षण पर पहरा है .नृशंस ह्त्या को कह देतें हैं आनर किलिंग .अरे भैया कैसा आनर ?यह तो डिसआनर है क़ानून व्यवस्था का .


    कैसा ये प्यार है?
    Kailash Sharma at Kashish - My Poetry


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  14. भारत के सन्दर्भ में एक बेहद महत्वपूर्ण आलेख .यहाँ हम यह भी और स्पस्ट करना चाहेंगे जिस बांझपन का ठीकरा परम्परागत भारतीय समाज में महिलाओं के सर फोड़ा जाता रहा है उसके लिए पुरुष भी

    जिम्मेवार होतें हैं .उनके प्रति दिश्चार्ज /इजेक्युलेट स्पर्म काउंट या तो लो रह जातें हैं या मुरदार .ज़ाहिर है पुरुष भी बाँझ होतें हैं .

    लड़का पैदा होता है या लड़की इसमें सारा हाथ मर्द का होता है मर्द एक (एक्स -वाई )गुणसूत्र शख्शियत होता है .A male is an X,Y individual ,where as a female is an XX individual .

    मर्द की तरफ से क्या जाता है केवल उसी से लिंग का फैसला होता है गर्भस्थ के .मसलन मर्द ने X दिया तो लड़की और Y दिया तो लड़का .

    बढ़िया और अभिनव जानकारी से भरपूर लेख .बधाई .
    विक्की डोनर बनने से पहले......
    Kumar Radharaman at स्वास्थ्य -

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  15. भारत के सन्दर्भ में एक बेहद महत्वपूर्ण आलेख .यहाँ हम यह भी और स्पस्ट करना चाहेंगे जिस बांझपन का ठीकरा परम्परागत भारतीय समाज में महिलाओं के सर फोड़ा जाता रहा है उसके लिए पुरुष भी

    जिम्मेवार होतें हैं .उनके प्रति दिश्चार्ज /इजेक्युलेट स्पर्म काउंट या तो लो रह जातें हैं या मुरदार .ज़ाहिर है पुरुष भी बाँझ होतें हैं .

    लड़का पैदा होता है या लड़की इसमें सारा हाथ मर्द का होता है मर्द एक (एक्स -वाई )गुणसूत्र शख्शियत होता है .A male is an X,Y individual ,where as a female is an XX individual .

    मर्द की तरफ से क्या जाता है केवल उसी से लिंग का फैसला होता है गर्भस्थ के .मसलन मर्द ने X दिया तो लड़की और Y दिया तो लड़का .

    बढ़िया और अभिनव जानकारी से भरपूर लेख .बधाई .

    मूल आलेख की व्यथा यहाँ सघन हुई है .बच्चे बड़े होने पर बुढापे से किनारा कर लेते हैं .चिड़िया चिरौंटा फिर से अपनी ज़िन्दगी जीते हैं आदमी मोह माया में फंसा रहता है .गए तो गए .प्रभु भक्ति ही विकल्प

    .दुनिया की यही रीत .यहाँ किस्से कैसी प्रीत .

    बढ़िया गायन शिव शक्तियों का .अर्थ भाव और लय और गति के अन्विति लिए .
    सिद्धिदात्री हो तुम कल्याणी
    सबको दो कल्याणी-वाणी।
    मैं बालक हूँ तुम हो माता।
    दया करो हे दुर्गा माता।।

    सेतुओं की प्रस्तुति और संयोजन बेहतरीन .संक्षिप्त लेकिन सुन्दर चर्चा गुणवत्ता लिए .बधाई .

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  16. बहुत ही सुन्दर तरीके से ज्ञानवर्धक लिंक्स के लिए आभार

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  17. राजेश जी ,,, आज आपकी चर्चा पढ़ कर बहुत अच्छा लगा और आपको चर्चा करते देख... अभी लिनक्स पर जा रही हूँ..........आप सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं..

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  18. कुछ चर्चाकार अपनी पोस्ट भी शामिल करते हैं। आपकी पोस्ट क्यों तुम ऐसे मौन खड़े निश्चय ही और अधिक ध्यानाकर्षण डिजर्व करती है।

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  19. नवरात्र की शुभकामनाएँ

    बहुत सुंदर चर्चा !

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  20. सबको शुभकामनायें नवरात्रि की...

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  21. बहुत सुन्दर चर्चा ………नवरात्रि की शुभकामनायें।

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  22. बहुत अच्छे अच्छे लिंक्स से सजी हुई है आज की चर्चा.राजेश कुमारी जी का इस स्नेह के लिए धन्यवाद.और ढेरों शुभकामनायें.


    मोहब्बत नामा
    मास्टर्स टेक टिप्स

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  23. बहुत सुदर चर्चा
    एक से बढ़कर एक लिंक्स
    ...................

    कुछ लोगों को ये भ्रम क्यों होता है कि वो सब कुछ जानते हैं। बात कुछ भी हो रही हो, एक्सपर्ट कमेंट जरूर आता है। वैसे अब तो मौसम भी ठीक है, ऐसा भी नहीं है कि बीमारी की वजह मौसम हो।
    भाई मेरी तो यही सलाह है किसी अच्छे डाक्टर को दिखाकर सलाह लेने में कोई बुराई नहीं है।

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  24. बेहतरीन लिंक्‍स ...

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  25. सुंदर लिंकों सजी सुंदर चर्चा,मंच में मेरी रचना को स्थान देने के लिये बहुत२ आभार,,,

    नवरात्रि की शुभकामनायें।

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  26. बहुत रोचक चर्चा...आभार

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  27. यादों की ओढ़नी,,,
    Dheerendra singh Bhadauriya
    काव्यान्जलि ...
    यादों की यह ओढ़नी, ओढ़ रहूँ दिनरात |
    उमड़-घुमड़ दृष्टान्त हर, रह रह आवत जात |
    रह रह आवत जात, बाराती द्वारे आये |
    पर बाबू का हाथ, छूट नहिं सके छुडाये |
    माँ की झिड़की प्यार, बरसता सावन भादों |
    भैया से तकरार, शेष बचपन की यादों ||

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  28. सुंदर लिंक्स रोचक चर्चा...आभार

    ReplyDelete
  29. "नवरात्र की शुभकामनाएँ" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक')

    मैया करता वन्दना, आई शुभ नवरात |
    भक्त भाव से भगवती, खुश झटपट हो जात ||

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  30. हिंदी भाषियों को ब्लोगिंग से प्रेरित करने के लिए मोहब्बत नामा की एक ख़ास पोस्ट.जिसे पढ़कर हर नए से नए लोग भी ब्लोगिंग की दुनिया में आ सकेंगे.चर्चा मंच को समर्पित.


    आप भी अपना ब्लॉग बना सकते हैं

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  31. नव रात्रि की हार्दिक शुभकामनायें!

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  32. सुसज्जित चर्चा...आभार...नवरात्र की शुभकामनाएँ!!

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  33. बहुत सुन्दर चर्चा राजेश जी....
    अपनी रचना का लिंक यहाँ पाकर अभिभूत हूँ...
    आभार आपका..
    नवरात्र की अनेकों शुभकामनाएं
    सादर
    अनु

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  34. सारे लिंक्स बहुत ही सुंदर...|
    नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ |

    सादर नमन |

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