Followers

Saturday, September 14, 2013

"यशोदा मैया है मेरी हिन्दी" (चर्चा मंचः अंक-1368)

मित्रों।
        शनिवार की चर्चा में आपका स्वागत है।
गौरय्या का नीड़, चील ने हथियाया है
हलो-हाय का पाठ मातमी समझाया है

जाल बिछाया अपना, छीनी है हिन्दी की बिन्दी
अपने घर में हुई परायी, अपनी भाषा हिन्दी
खोटे सिक्के से लोगों को बहलाया है...
           दंगा...ए के ५७, छूरा, भाला बरछी, कटार, तलवार और त्रिशूल से जोते गए हैं खेत और रोप दिए गए हैं अलग अलग रंगों, नस्लों के बीज ताकि फसलें लहलहायें खेतों में लाल लाल सींचे जा रहे हैं खेत लालिमा लिए पानी से जिस से आ रही है मानुषी-बारूदी गंध दिया जा रहा है खाद जिसमे बेसमय हुए मुर्दा की हड्डियों का चूरा है....चूरन का इंग्लिश..सुबह ब्रेकफ़ास्ट टेबल पर आदि - मम्मा चूरन को English में क्या कहते है? मम्मा - चूरन पापा - पता नहीं बेटा शाम को ढूंढता हूँ? मुक्त कर दूंगी तुम्हें...न जाने क्यूँ फिसल जाते हो तुम ----- मेरी मुट्ठी से अक्सर कितनी भी कस कर बाँधी हो मैने ---- पर निकल ही जाते हो अपनी सुविधानुसार आने जाने के लिए क्या इसलिए कि तुम एक पुरुष हो ? मुखड़ा है निस्तेज, नारियां लगती माँदी...टकी टकटकी थी लगी, जन्म *बेटकी होय | अटकी-भटकी साँस से, रह रह कर वह रोय | रह रह कर वह रोय, निहारे अम्मा दादी....।
       स्वयं विधाता ने हाथों से  करके धरती का श्रृंगार, दिया मनुज को एक सलोना, सुन्दर प्यारा सा संसार, मानवता का पाठ पढ़ाया, सिया राम ने ले अवतार, लौटे फिर से मोहन बनके, और सिखाया करना प्यार...। अक्स लगा पराया ...चांदनी रात छुपती परछाईयाँ खोल रही है पन्ने महकी यादें दिल की घाटियों मे घूमता बचपन। कुण्डलिया [सीमा पर ]... सीमा के प्रहरी बनना ,चलना सीना तान पगड़ी तेरी लाल है खाकी है पहचान खाकी है पहचान,धर्म है तेरा खाकी खाकी तेरी शान,कर्म है तेरा खाकी मत करना विश्वास,चालें पाक की गहरी चलना सीना तान ...। यशोदा मैया है मेरी हिँदी....मैया यशोदा इंटेलिजेंट है उसे मालूम है ये बात कि कनहईय्या गॉड का ही एक ऐजेंट है उस को सब पता है...। हिन्दी दिवस पर समर्पित कुछ हाइकु-पुष्प...
१.
हिंद-संविधा
चौदह सितम्बर
हिन्दी दिवस|
२.
संविधा धारा
तीन सौ तेतालिस
वर्णित हिन्दी|
३.
राष्ट्र की भाषा
लिपि देवनागरी
बोलें तो हिन्दी|
४.
गरिमामयी
लेखन में सरल
सौम्य है हिन्दी|
५.
हिन्दी दीपक
रौशन हिन्दुस्तान
फैला उजास|
६.
सुख का मूल
भारतेन्दु को प्रिय
अपनी हिन्दी|
७.
माँ सी है प्यारी
मातृभाषा हमारी
जग में न्यारी|
८.
स्वदेशी हिन्दी
राष्ट्र का हो विकास
हिन्दी ही लिखें|...
         श्रीमदभगवत गीता तीसरा अध्याय (श्लोक १७ .... )....जो मनुष्य परमात्मा में ही रमण करता है तथा परमात्मा में ही तृप्त और संतुष्ट रहता है ,वैसे आत्मज्ञानी मनुष्य के लिए कोई कर्तव्य शेष नहीं रहता है। समस्त कर्तव्य ,दायित्व ,निषेध ,नियम और प्रतिबन्ध व्यक्ति को पूर्णता की ओर ले जाने के लिए ही हैं। पूर्ण योगी के लिए कोई भी सांसारिक दायित्व नहीं है  श्रीमदभगवत गीता तीसरा अध्याय :श्लोक अठारह और उन्नीस....उसका कर्म करने या न करने से कोई प्रयोजन नहीं रहता तथा वह (परमात्मा के सिवा )किसी और प्राणी पर आश्रित नहीं रहता है। अक्षम....माया, ममता, करुणा, राग, द्वेष, लिप्सा, सन्तोष आदि स्वाभाविक गुण-अवगुण परमात्मा ने असीमित ढंग से मनुष्यों में बाँट रखे हैं. स्त्रियों को पुरुषों की अपेक्षा अधिक संवेदनशील भी बनाया है...। कौन सा गीत गाऊँ मैं? क्या क्या मुझे रुलाता है- इसकी एक सूची बनाने बैठूं तो सूची में सबसे पहले किसका जिक्र होगा…? दुनिया का? मेरी खुद की सीमाओं का? या फिर जीवन का? या सबसे पहले अपना वजूद प्रस्तावित कर, सूची में सबसे ऊपर… मुस्करा रही होगी मौत? क्या होगा वह अव्यय जो सूची में पहले स्थान पर होगा- यह प्रश्न फिर रुला रहा है मुझे! नम आँखों से आखिर कौन सी सूची बनाऊं मैं? 
     सेवा भारती एक संस्कारित संस्था... *सेवा भारती **राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा चालित एक प्रकल्प है। यह मुख्यत: वनवासी क्षेत्रों में कार्य करता है...। रंज ओ गम में कोई टूट रहा, कोई ख़्वाबों में ही मगरूर रहा, ख्वाहिश दिल की बस इतनी थी. क्या उसकी हालत भी मेरे जैसी थी !!!    हिन्दी –दिवस...मैं बस इतना कहना चाहती*** *हिंदी है मेरे राष्ट्र की भाषा*** *संविधान ने उसे बनाया*** *देश और जन –जन की भाषा*** *मन के अन्दर होती पीड़ा*** *टूटती है जब दिल की आशा* *सहना पड़ता घात हमें * *झेलनी पड़ती है निराशा ...भारती दास..। परीक्षा...कितना कठिन है प्रतिदिन सामना करना एक नयी परीक्षा का, बिना किसी पूर्व सूचना विषय या पाठ्यक्रम के. निरंतर देते परीक्षाएं थक गया तन व मन, नहीं चाहता देना कोई और परीक्षा पर नहीं कोई उपाय बचने का इससे.....। 
     "प्रीत का मौसम" हाथ लेकर चल  पड़े हम साथ मेंप्रीत का मौसमसुहाना हो गया है। क्या गोवा के कैथोलिक सांस्कृतिक दृष्टि से हिन्दू हैं? वर्तमान में हमारे देश में धार्मिक राष्ट्रवाद का बोलबाला है और जाहिर है कि इस माहौल में धार्मिक पहचान, हमारी सभी अन्य पहचानों से अधिक महत्वपूर्ण बन गई है। इस सिलसिले में हम सब को आरएसएस-भाजपा से जुड़े मुरली मनोहर जोशी की याद आना स्वाभाविक है जिन्होंने मुसलमानों के लिए अहमदिया हिन्दू और ईसाईयों...! नहीं जज साहब नहीं …। अदालत ने सबूत नहीं देखे, साक्ष्य नहीं देखे, उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि नहीं देखी, उनका पश्चात्ताप वाला चेहरा नहीं देखा, बस फैसला सुना दिया । ऐसी भी क्या जल्दी थी ? कम से उनके आंसुओं का निरीक्षण किया होता, चेहरे के भावों का अध्ययन किया होता । बहुत नाइंसाफी है ये । ऐसे कानून का क्या करें जो चारों के आंसुओं के पीछे छिपी हुई पीड़ा को नहीं देख सकता । इस कानून में संशोधन की सख्त आवश्यकता है । कानून को ऐसा होना चाहिए कि वह अपराधियों के अपराध को न देखे बल्कि अपराध करने के बाद उनके आंसुओ को देखे ।... कुछ विम्ब इस शहर के!...स्टॉकहोम में हमारे साथ एक हफ्ते रहकर वापस लंदन जा रही थी अनामिका, एअरपोर्ट के लिए बस में बैठ चुकी थी और ये तस्वीर हमनें बाहर से क्लीक की थी…! ये ख़ुशी जो चेहरे पर झलक रही है यह मुझसे छुटकारा पाने की ख़ुशी भी हो सकती है, पर शायद ऐसा नहीं है… ये मुस्कराहट खिली है क्यूंकि मोबाइल पर इन्टरनेट एक्सेस हो रहा है....। 



कार्टून :- गाओ री मंगल गान कि‍ शुभ दि‍न आए


अन्त में
"मेरे ज्येष्ठ पुत्र नितिन का जन्मदिन"
मित्रों!
कल मेरे ज्येष्ठ पुत्र नितिन का जन्मदिन था।
अपनी शुभकामनाओं के साथ मैं नितिन के कुछ दुर्लभ चित्र प्रस्तुत कर रहा हूँ।
जीवन के क्रीड़ांगन में, तुम रहो विजेता।
जन्मदिवस की बेला पर, आशीष तुम्हें मैं देता।

आदर्शों की नींव हमेशा, अपने बच्चों में डालो।
जैसे मैंने पाला तुमको, वैसे ही तुम भी पालो।।

जीवनसाथी के संग में तुम, वाद-विवाद न पनपाना।
आदर्शो की बेल हमेशा, घर-आँगन में उपजाना।।

दादा-दादी, मात-पिता की सेवा करना मन से।
कभी अनुज को अलग न करना, बेटा अपने जीवन से।।

सच्चाई के साथ हमेशा निष्ठा से तुम काम करो।
लम्बा जीवन जियो, और दुनिया में अपना नाम करो।।
(मेरी गोद में छोटा पुत्र निनीत और अपनी मम्मी के साथ बीच में नितिन)
(हिन्दी के कवि बाबा नागार्जुन के साथ नितिन)
(मेरी गोद में दो साल का नितिन, साथ में मेरी भतीजी)
(सवा दो साल का नितिन मेरे साथ राजदूत मोटर साइकल पर)

20 comments:

  1. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete
  2. बेहतरीन लिंकों के साथ सुन्दर चर्चा ,नितिन जी की जन्म दिन की हादिक शुभकामनाये।

    ReplyDelete
  3. सभी पाठकों को हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल परिवार की ओर से हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ...
    --
    सादर...!
    ललित चाहार

    ReplyDelete
  4. नितिन जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं!
    सुन्दर चर्चा!

    आभार!

    ReplyDelete
  5. हिंदी का दिन
    हिंदी की चर्चा
    नितिन का जन्मदिन
    साथ में मनायें
    हिन्दी दिवस की
    हार्दिक शुभकामनायें ।

    ReplyDelete
  6. शुभ हिंदी दिवस पर सुंदर चर्चा...
    मैंने हिंदी प्रेमियों के लिये आज यानी 14 सितंबर [हिंदी दिवस] से उजाले उनकी यादों के नाम से एक ब्लौग बनाया है... जहां आप प्रति दिन 2 रचनाएं पढ़ेंगे... आप से अनुरोद है कि आप यहां आकर पुरानी रचनाओं का रसपान करें...

    ReplyDelete

  7. हिंदी का है मान बढ़ाया ,

    है निज का सम्मान बढाया

    आला चर्चा मंच सजाया ,


    गौरय्या का नीड़, चील ने हथियाया है
    हलो-हाय का पाठ मातमी समझाया है

    जाल बिछाया अपना, छीनी है हिन्दी की बिन्दी
    अपने घर में हुई परायी, अपनी भाषा हिन्दी
    खोटे सिक्के से लोगों को बहलाया है...

    ReplyDelete

  8. दुःख भरे दिन बीते रे भैया ,
    अब चुनाव आयो रे ,

    मनवा खूब हर्षायो रे।


    कार्टून :- गाओ री मंगल गान कि‍ शुभ दि‍न आए
    काजल कुमार के कार्टून

    चुनाव का चुनाव बकर ईद की बकर ईद

    ReplyDelete
  9. बेहतरीन लिंकों के साथ सुन्दर चर्चा हिन्दी दिवस की
    हार्दिक शुभकामनायें ।


    आज मुझसे मिल गले इंसानियत रोने लगी - हिंदी ब्लॉग समूह चर्चा-अंकः17

    ReplyDelete
  10. धन्यवाद ,हिन्दी -दिवस की शुभ कामना .सुन्दर चयन के साथ

    ReplyDelete
  11. सुन्दर लिंक्स...रोचक प्रस्तुति...हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनायें!

    ReplyDelete
  12. कार्टून को भी सम्‍मि‍लि‍त करने का आभार जी

    ReplyDelete
  13. बहुत सुन्दर चर्चा.. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी चर्चा हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल में शामिल की गयी और आप की इस चर्चा की चर्चा {रविवार} 15/09/2013 को ज़िन्दगी एक संघर्ष ..... - हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल - अंकः005 पर लिंक की गयी है , ताकि अधिक से अधिक लोग आपकी रचना पढ़ सकें। कृपया आप भी पधारें, आपके विचार मेरे लिए "अमोल" होंगें | सादर ....ललित चाहार

    ReplyDelete
  14. गुरु जी प्रणाम
    मेरी रचना को शामिल करने के लिए हार्दिक आभार
    सभी को हिंदी दिवस की मंगल कामनाएं

    ReplyDelete
  15. पहर वसन अंगरेजिया ,हिंदी करे विलाप ,

    अब अंग्रेजी सिमरनी जपिए प्रभुजी आप।

    पहर वसन अंगरेजिया उछले हिंदी गात ,

    नांच बली नांच ,देदे सबकू मात।

    ReplyDelete
  16. पहर वसन अंगरेजिया ,हिंदी करे विलाप ,

    अब अंग्रेजी सिमरनी जपिए प्रभुजी आप।

    पहर वसन अंगरेजिया उछले हिंदी गात ,

    नांच बलिए नांच ,देदे सबकू मात।

    ReplyDelete
  17. पहर वसन अंगरेजिया ,हिंदी करे विलाप ,

    अब अंग्रेजी सिमरनी जपिए प्रभुजी आप।

    पहर वसन अंगरेजिया उछले हिंदी गात ,

    नांच बलिए नांच ,देदे सबकू मात।

    अब अंग्रेजी हो गया हिंदी का सब गात ,

    अपनी हद कू भूलता देखो मानुस जात।

    ReplyDelete
  18. नितिन को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें...........

    ReplyDelete
  19. बहुत ही सुन्दर सूत्र..नितिनजी को जन्मदिन की बधाइयाँ..

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

चर्चा - 2817

आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत है  चलते हैं चर्चा की ओर सबका हाड़ कँपाया है मौत का मंतर न फेंक सरसी छन्द आधारित गीत   ...