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Thursday, October 19, 2017

"मधुर वाणी बनाएँ हम" (चर्चा अंक 2762)

मित्रों!
गुरूवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

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चर्चा मंच पर प्रतिदिन अद्यतन लिंकों की चर्चा होती है।
आश्चर्य तो तब होता है जब वो लोग भी चर्चा मंच पर 
अपनी उपस्थिति का आभास नहीं कराते है, 
जिनके लिंक हम लोग परिश्रम के साथ मंच पर लगाते हैं।
अतः आज के बाद ऐसे धुरन्धर लोगों के ब्लॉग का लिंक 
चर्चा मंच पर नहीं लगाया जायेगा।
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"धनतेरस, नर्क चतुर्दशी, दीपावली, गोवर्धनपूजा 

और भइयादूज की शुभकामनाएँ" 

आलोकित हो वतन हमारा।
हो सारे जग में उजियारा।।

कंचन जैसा तन चमका हो,
उल्लासों से मन दमका हो,
खुशियों से महके चौबारा।
हो सारे जग में उजियारा।।

आओ अल्पना आज सजाएँ,
माता से धन का वर पाएँ,
आओ दूर करें अँधियारा।
हो सारे जग में उजियारा।।

घर-घर बँधी हुई हो गैया,
तब आयेगी सोन चिरैया,
सुख का सरसेगा फव्वारा।
होगा तब जग में उजियारा।।

आलोकित हो वतन हमारा।
हो सारे जग में उजियारा।।
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दीप प्रदीप 

सु-मन (Suman Kapoor)  
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गणेश वंदना 

Image result for गणेश वन्दना
Ocean of Bliss पर 
Rekha Joshi  
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6 comments:

  1. शुभ प्रभात....
    दीप पर्व की शुभ कामनाएँ
    आभार
    सादर

    ReplyDelete
  2. शुभ प्रभात....
    दीप पर्व की शुभ कामनाएँ

    चर्चा मंच पर मेरी पोस्ट को जगह देने के लिए शुक्रिया
    आभार सादर

    ReplyDelete
  3. दीप पर्व की शुभकामनाएं। सुन्दर चर्चा।

    ReplyDelete
  4. Replies
    1. इस पंचदिवसीय उत्‍सव की आपको बहुत बहुत शुभकामनाऐं

      Delete
  5. शास्‍त्री जी, मेरी पोस्‍ट को चर्चामंच पर प्रविष्‍टि देने के लिए आपका आभार , पंचदिवसीय उत्‍सव की आपको भी बहुत बहुत शुभकामनाऐं

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

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