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Monday, August 30, 2021

'जन्मे कन्हैया'(चर्चा अंक- 4172)

सादर अभिवादन। 
सोमवारीय प्रस्तुति में आपका स्वागत है। 

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ। 
वो राधा का बल्लभ श्याम
वो सुदामा का मित्र कृष्ण
वो पार्थ का सखा वासुदेव 
वो द्रोपदी का लाजरक्षक गोविन्द
वो यशोदा का कान्हा
वो देवकीनंदन
आज तुम्हारा वंदन!

-अनीता सैनी 'दीप्ति'

आइए पढ़ते हैं आज की पसंदीदा रचनाएँ-

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 "फिर से लो अवतार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

बीत गया सावन सखेआया भादौ मास।
श्री कृष्ण जन्माष्टमीहै बिल्कुल अब पास।।
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श्री कृष्ण जन्माष्टमी, मना रहा संसार।
हे मनमोहन देश में, फिर से लो अवतार।।
कब आओगे 
इस कलयुग में 
कृष्ण कन्हाई 

आ जाओ अब 
मुरली मनोहर 
लो बाधा हर 
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मथुरा रोयी होगी उस दिन 

कान्हा चले जब यमुना पार,

जिस धरती पर हुए अवतरित

 दे नहीं पायी उन्हें दुलार !

--

नंद बाबा घर बधाई

बाबा नंद घर आनंद बधाई 
माँ यशोदा विलसत न अघाई ।
नलकुबर सो  श्याम  सलौनो 
आज जन्म  लियो सुखदाई ।
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साधो, हम कपूर का ढेला !.........

कोई पक्का तो कोई कच्चा
कोई असली तो कोई गच्चा
कोई बूढ़ा खोल में भी बच्चा
कोई उत्तम तो कोई हेला !
साधो, हम कपूर का ढेला !
इस कलियुग में किस्मत के 
सब खेल निराले होते हैं 
खुशियाँ उनको मिलती हैं 
जो दिल के काले होते हैं। 
--

दुनिया फ़ानी
फिर भी मोह माया
जाग अज्ञानी

राम भरत
गद्दी पर विवाद
कोर्ट पहुंचे
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नैन
समेटे समंदर
कजरारे, रत्नारे बडे़ सुंदर
चलाते वाण करते बेचैन

केश
काले घटाओं से
बात करते सतरंगी हवाओं से
रूठते, बदल देते वेश
--
झूले कैसे, गगन का ये झूला,
भरे, पेंग कैसे, 
पड़ा, तन्हा अकेला,
तन्हाईयाँ, वो आबाद करे!

ये मन पंछी, उन्हें ही याद करे!
--
एक चिड़िया फुदकती हुई आई और सामने के सहन में बैठ गई। बच्चे के लिए मनोरंजन का यह नया सामान था। वह उसकी तरफ लपका। चिड़िया जरा भी न डरी। बच्चे ने समझा अब यह परदार खिलौना हाथ आ गया। बैठकर दोनों हाथों से चिड़िया को बुलाने लगा। चिड़िया उड़ गई, निराश बच्चा रोने लगा। मगर अंदर के दरवाजे की तरफ ताका भी नहीं। दरवाजा खुला हुआ था।
आज का सफ़र यहीं तक 
फिर मिलेंगे 
आगामी अंक में 

-अनीता सैनी 'दीप्ति'

7 comments:

  1. कृष्ण जन्माष्टमी के अमृतोत्सव पर आप सबों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई । जिस तरह से आज मानवता का क्षय हो रहा है तो कृष्ण की अत्यन्त आवश्यकता जन मानस की आर्त्त पुकार हो गई है । सुन्दर प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई ।

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  2. कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई।
    श्री कृष्ण के नाना रूपों पर सुंदर पंक्तियों के साथ शुरू होती यात्रा विभिन्न मनोभिराम लिंको को समेटे वैभव से आगे बढ़ती शानदार प्रस्तुति।
    सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई।
    सभी रचनाएं बहुत आकर्षक सुंदर।
    मेरी रचना को इस यात्रा में शामिल करने के लिए हृदय से आभार।
    सादर सस्नेह।

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  3. अनीता जी आपको और सभी रचनाकारों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई। आज के अंक का आग़ाज़ भगवान कृष्ण को समर्पित सुंदर रचनाओं से करके आपने बहुत ही सुंदर कथा से परिपूर्ण किया,उन्हीं रचनाओं में मेरी रचना को स्थान मिला,जिसका तहेदिल से आभार और अभिनंदन, असंख्य शुभकामनाओं के साथ जिज्ञासा सिंह।

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  4. कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई। बहुत सुन्दर प्रस्तुति अनीता जी ।

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  5. कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ, कृष्ण के रंग में रंगी सुंदर चर्चा!

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  6. कन्हैया के रंग में रँगी शानदार चर्चा!

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  7. मेरे ब्वॉग की पोस्ट का लिंक लगाने के लिए आपका आभार अनीता जी!

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