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Monday, November 29, 2021

'वचनबद्ध रहना सदा, कहलाना प्रणवीर' (चर्चा अंक 4263)

 सादर अभिवादन। 

सोमवारीय प्रस्तुति में आपका स्वागत है। 

आइए पढ़ते हैं चंद चुनिंदा रचनाएँ-

दोहे "कुटिल न चलना चाल" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
वचनबद्ध रहना सदा, कहलाना प्रणवीर।
वचन निभाने के लिए, हमको मिला शरीर।।

कहना सच्ची बात को, मत होना भयभीत।
जो दे सही सुझाव को, वही कहाता मीत।।

 *****

कलम तो कलम है

कलम की सक्रीयता
यूँ तो कभी कम न होती
पर लेखक के मन पर
वह रहती निर्भर |

*****

कहानी एक दिन की

बिखरी है चाँदनी

गूंजे है रागिनी,

पलकों में बीत रही

अद्भुत यह यामिनी!

*****

 अज्ञात कविताओं का दर्द

वो पहनने से छूटी पाजेब आज भी बजना चाहती है,

उन्हीं पुरानी कविताओं के एक सूने पाँव में बंध कर।

हाँ आज भी इंतजार में है ढेर से बाहर आने को,

तुम्हारे होठों पर चढ़ कर इतराने को गुनगुनाने को।।

*****

तर्कशील औरतें

लीक पर चलना
सूरज के इशारे पर
छाँव की तलाश में 
पेड़ की परिक्रमा करना 
सामाजिक वर्जनाओं को
धारण करना भी छोड़ दिया है। 

***** 

मन का मार्ग

तुम्हारे जैसा है मनुष
न गांडीव न धनुष
                        लगा के लक्ष्य के निशाँ 
                         वो ले चला है कारवाँ 
है शीर्ष पर धरे जलज
औ पाँव चूमती है रज
                        बड़े कदम, कदम बढ़े
                           कसीदे कारवाँ पढ़े ।।।

*****

क्रिप्टोकरेंसी का मायाजाल

रूस में बिटकॉइन वैध है, पर खरीदारी केवल रूसी मुद्रा में ही हो सकती है। कुछ देश अपनी क्रिप्टोकरेंसी जारी कर रहे हैं। थाईलैंड ने 2018 में इसकी अनुमति दी। अनेक देश इससे जुड़ी पायलट परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं। इसमें उनके केंद्रीय बैंकों की भूमिका भी है। लगता है भारत भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।  

*****

नयन जागते रहे....

बोई उम्मीद की फसल बरसात ले गई,

वायदों की थाली, दाना तलाशता रहा।

मुख़्तलिफ़ किताबों के पन्ने पलट गया,

जाती ज़िंदगीका अफ़साना तलाशता रहा।

*****

आज बस यहीं तक 

फिर मिलेंगे आगामी सोमवार। 

रवीन्द्र सिंह यादव,


8 comments:

  1. बहुत सुंदर और उपयोगी चर्चा प्रस्तुति|
    आपका आभार आदरणीय रवींद्र सिंह यादव जी!

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  2. सुप्रभात !
    आदरणीय रवीन्द्र सिंह यादव जी, नमस्कार ।
    विविध रचनाओं से परिपूर्ण उत्कृष्ट अंक । मेरी रचना को स्थान देने के लिए आपका हार्दिक आभार एवम अभिनंदन ।आपको और चर्चा मंच को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं ।

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  3. सुप्रभात! सुंदर रचनाओं से सजा चर्चा मंच, आभार!

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  4. चुनिंदा रचनाओं में स्वयं को देखना काफी आनंदित करने वाला है।
    सादर आभार मेरी रचना को मान देने के लिए।
    सभी रचनाएं बहुत आकर्षक सुंदर,सभी सृजन कारों को हृदय से बधाई।
    शानदार प्रस्तुति शानदार लिंक्स।
    सादर सस्नेह।

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  5. बहुत ही सुंदर सराहनीय प्रस्तुति।
    मेरे सृजन को स्थान देने हेतु बहुत बहुत आभार सर।
    सभी को बधाई एवं शुभकामनाएँ।
    सादर

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  6. सुंदर प्रस्तुति ! सभी को शुभकामनाएं

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  7. खूबसूरत चर्चा संकलन

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  8. सुप्रभात
    धन्यवाद मेरी रचना को आज के संकलन में स्थान देने के लिए |

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