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Wednesday, April 20, 2022

"धर्म व्यापारी का तराजू बन गया है, उड़ने लगा है मेरा भी मन" (चर्चा अंक-4406)

 मित्रों!

बुधवार की चर्चा में आपका स्वागत है।

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देखिए कुछ अद्यतन लिंक

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बालगीत "ककड़ी लम्बी हरी मुलायम" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

लम्बी-लम्बी हरी मुलायम।
ककड़ी मोह रही सबका मन।।
 
कुछ होती हल्के रंगों की,
कुछ होती हैं बहुरंगी सी,
कुछ होती हैं सीधी सच्ची,
कुछ तिरछी हैं बेढंगी सी,
ककड़ी खाने से हो जाता,
शीतल-शीतल मन का उपवन।
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दोहे "गुलमोहर खिलने लगा"  

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सूरज तन झुलसा रहादुनिया है बेहाल।
गुलमोहर का हो गयाबूटा-बूटा लाल।।
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जितनी गरमी पड़ रहीउतना निखरा रूप।
गुलमोहर खिलने लगाखा कर निखरी धूप।। 

उच्चारण 

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धर्म बनिए का तराजू बन गया है 

सबके पास धर्म के नाम पर 
हाथों में उस बनिये का तराजू हैं 
जो अपने अनुसार तौलता  है 
धर्म के असली दस्तावेज तो 
उसी दिन अपनी जगह से
खिसक गए थे जिस दिन
स्वार्थ को अपना धर्म 
बेईमानी को अपना कर्म 
चालाकी को अपना कौशल समझकर
इंसानियत के खाते में दर्ज किया था 

कावेरी 

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स्वाभिमान का टूटता दरख़्त 

”मौत कभी पृष्ठभूमि बनाकर नहीं आती,दबे पाँव कहीं भी चली आती है।”

कहते हुए सुखवीर उठकर बैठ जाता है।

”खाली रिवॉल्वर से जूझती मेरी अँगुलियाँ! उसका रिवॉल्वर मेरे सीने पर था। नज़रें टकराईं! कमबख़्त ने गोली क्यों नहीं चलाई?” 

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उड़ने लगा है मेरा भी मन 

देखो लग गए हैं पंख

मेरे सपनों को

थिरकने लगे हैं मेरे पाँव

और फ़ैलने लगे हैं

पानी के ढेर सारे

छोटे बड़े वलय मेरे चहुँ ओर 

Sudhinama 

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विवाह गीत (बियाहू: अवधी) 

अपने बपैया की मैं बहुत दुलारी, 
अम्मा की बड़ी मैं पियारि रे।
नान्हेन से बापू दिल मा बसावें, 
अम्मा करें मनुहारि रे ॥

अम्मा कहें बेटी खूब पढ़इबे, 
बाबा कहें बी ए पास रे।
दादी कहयँ बेटी घर से ही पढ़िहैं, 
बेटी क जियरा उदास रे॥ 

जिज्ञासा के गीत 

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६४५. दिल 

मैं साँस ले रहा हूँ,

चल-फिर रहा हूँ,

खा-पी रहा हूँ,

सब कुछ कर रहा हूँ,

पर मेरा दिल है 

कि ढूंढने पर भी मुझे 

मिल ही नहीं रहा है.  

कविताएँ 

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नीति के दोहे मुक्तक सुख -शांति जिस  घर   गुस्सा   वासना, मन  में  लालच  होय. उस घर नहि हो सुख शांति, यह जानत सब कोय.. शुभ काम  मर्यादित  रखो  भाषा, घर में हो शुभ काम. आचरण रखो संयमित, खर्चो कुछ भी दाम.. 

 
अशर्फी लाल मिश्र  

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चौपाई - जो समझ आयी .. बस यूँ ही ... 

वजह चिल्लाने की अज्ञात, ऊहापोह भी, क्या बहरे हैं "उनके वाले"?
प्रश्न अनुत्तरित जोह रहा बाट, आज भी कबीर का सैकड़ों सालों से।
खड़ा कर रहे अब तुम भी एक और प्रश्न, 'लाउडस्पीकर' बाँट-२ के,
कबीर भौंचक सोच रहे, बहरे हो गए साहिब ! अब "तुम्हारे वाले"

बंजारा बस्ती के बाशिंदे 

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Future & Options कैसे सीखें? 

आज हम बात करेंगे कि शेयर बाज़ार में Future & Options कैसे सीखें? Future & Options को short में FnO भी कहा जाता है। जो भी शेयर आपको FnO में मिलेंगे, साधारणतया: उनमें जबरदस्त price action देखने को मिलता है, आज 199 कंपनियों को शेयर FnO में trade hote हैं। इसे Derivatives भी कहा जाता है।

Future & Options के बारे में आपको नेट पर बहुत सारा ज्ञान उपलब्ध है, इसलिये हम उस पर बात नहीं करेंगे, अगर आपको जानना है तो कमेंट में बताइयेगा, हम उसे भी explain कर देंगे। 

कल्पतरू 

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वकीलों का ड्रेस कोड 

प्रत्येक पेशे का एक निश्चित ड्रेस कोड होता है जो एक पेशे से जुड़े हुए लोगों की पहचान से गहरा ताल्लुक रखता है. यही ड्रेस कोड आम जनता में सफेद शर्ट, नेक बैंड और काले कोट पहने व्यक्ति के लिए तुरंत कानूनी पेशे से जुड़े व्यक्तित्व का परिचय देता है. जहां यह ड्रेस कोड अधिवक्ताओं को आम जनता में " ऑफिसर ऑफ द कोर्ट" के रूप में पहचान देता है वहीं यह ड्रेस कोड अधिवक्ताओं में आत्मविश्वास और अनुशासन को भी जन्म देता है.  कानूनी ज्ञान 

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रसोई गैस की बचत के लिए आजमाएं ये 10 टिप्स और बने स्मार्ट गृहिणी! 

 
रसोई गैस के दाम दिन-प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे है। ऐसे में बहुत जरूरी है कि हम रसोई गैस की बचत करें। आइए, जानते है रसोई गैस की बचत करने के लिए कारगर टिप्स...   

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चाँद बनकर 

मैंने चाँद बनकर धरा को देखा 

लहू से सराबोर 

लोगों को झूमते गाते देखा 

संग बहते हुए हवाओं के 

इक बूँद श्वास के लिए तरसते देखा 

मन पाए विश्राम जहाँ 

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चंदा मामा कभी उतरकर, धरती पर आ जाओ ना ! 

Moon and children

चंदा मामा कभी उतरकर 

धरती पर आ जाओ ना !

कैसे मामा हो मामा तुम ?

नाता कुछ तो निभाओ ना ! 

Nayisoch सुधा देवरानी

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मनुहार 

फहराया आनंद प्लावित श्यामघन ध्वज
नव वर्ष का हुआ सहर्ष सादर सत्कार 
चिङिया संप्रदाय गा उठा समवेत स्वर
करतल ध्वनि कर रहे मगन नव पल्लव 
नदी के शांत जल की लयबद्ध कल कल
नमस्ते namaste नूपुरं

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दक्षिण एशिया में उम्मीदों की सरगर्मी 

 
इस हफ्ते तीन ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिनसे भारत की विदेश-नीति और भू-राजनीति पर असर पड़ेगा। सोमवार को भारत और अमेरिका के बीच चौथी 'टू प्लस टू' मंत्रिस्तरीय बैठक हुई, की, जिसमें यूक्रेन सहित वैश्विक-घटनाचक्र पर बातचीत हुई। पर सबसे गम्भीर चर्चा रूस के बरक्स भारत-अमेरिका रिश्तों, पर हुई। इसके अलावा पाकिस्तान में हुए राजनीतिक बदलाव और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीनी गतिविधियों के निहितार्थ को समझना होगा। धीरे-धीरे एक बात साफ होती जा रही है कि यूक्रेन के विवाद का जल्द समाधान होने वाला नहीं है। अमेरिका के नेतृत्व में पश्चिमी देश अब रूस को निर्णायक रूप से दूसरे दर्जे की ताकत बनाने पर उतारू हैं...   

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किताबों की दुनिया - 255 

 पूरी किताब अब इंटरनेट पर 
'कविताकोश' की साइट पर पढ़ी जा सकती है।   
किस-किस का दीन उसकी शरारत से लुट गया 
मुझसे न पूछ अपनी ही क़ाफ़िर नज़र से पूछ 

ढल जायेंगी ये हुस्न की उठती जवानियां 
ये राज़े-इंकलाब तू शम्स-ओ-क़मर से पूछ 
शम्स-ओ-क़मर :सूरज और चांद 

नीरज 

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पायस पत्रिका अप्रैल मास 2022 में प्रकाशित 

 
*बालकहानी *  
*गौरी की नूरी *  *सुधा भार्गव * बालकुंज 

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1198-दोहे 

 

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मनुष्य से पहले:  P से Pteranodon 

इस शृंखला की पिछली पोस्ट में हमने समुद्रतल में पाये जाने वाले एक जीव के विषय में जाना। इस लेख  में हम लोग ऐसे जीवों के विषय में जानेंगे जो हवा में विचरण करते थे। यह जीव टिरैनोडॉन (Pteranodon) कहलाते थे। 

क्या होते थे टिरैनोडॉन (Pteranodon)?

टिरैनोडॉन (Pteranodon) उड़ने वाले सरीसर्पों टेरोसोर (pterosaur) का एक वंश हुआ करते थे। टिरैनोडॉन (Pteranodon) ग्रीक भाषा के दो शब्दों टेरोन (pteron) और ऐनोडोन (anodon) से बना है जिसमें का टेरोन (pteron) अर्थ पंख होता है और ऐनोडोन (anodon) का अर्थ बिना दाँत वाला होता है।  इस वंश में उड़ने वाले सरीसर्पों (reptiles) में पाये जाने वाले सबसे बड़े सरीसर्प (reptile) मौजूद थे। 

दुई बात 

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मैंने क्या सोचा 

क्यों किसी को दिल दिया

प्यार किस चिड़िया को कहा

 अब तक अर्थ न समझा |

|दूर के ढोल सुहाने होते  

कहावत सही नजर आई 

Akanksha -asha.blog spot.com 

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प्राण ऊर्जा बहे अबाध जब आयुर्वेद के अनुसार शरीर के सभी अंगों में प्राण-ऊर्जा का प्रवाह वैसे तो चौबीस घण्टे होता है,पर हर समय एक सा प्रवाह नहीं होता. प्रायः जिस समय जो अंग सर्वाधिक सक्रिय हो उस समय उससे सम्बन्धित कार्य करने से हम उसकी पूर्ण क्षमता का उपयोग कर सकते हैं. प्रातः तीन बजे से पांच बजे तक फेफड़ों में प्राण ऊर्जा का प्रवाह सर्वाधिक रहता है, इसी कारण ब्रह्म मुहूर्त में उठकर खुली हवा में घूमने अथवा  प्राणायाम आदि करने से शरीर स्वस्थ बनेगा

 

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आज के लिए बस इतना ही...!

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17 comments:

  1. सुन्दर प्रस्तुति, वकीलों के ड्रेस कोड को स्थान देने के लिए हार्दिक धन्यवाद 🙏🙏

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  2. सुप्रभात
    धन्यवाद सर आज के अंक में मेरी रचना को स्तान देने के लिए |उम्दा लिंक्सआज की |

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  3. जी ! नमन संग आभार आपका महाशय ! .. अपने मंच पर अपनी आज की बहुरंगी प्रस्तुति में मेरी बतकही शामिल करने के लिए ...

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  4. सुप्रभात,शास्त्री जी । हार्दिक आभार । मनुहार भी जोङने के लिए ।
    बहुत रोचक अंक लग रहा है । पढ़ने को बेताब!
    पढ़ कर फिर मिलते हैं ।

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  5. उम्दा चर्चा। सुधा दी,सच में यदि चंदा मामा है तो उसकी कोई मामी भी होगी यह बात तो कभी दिमाग मे आई ही नही! बहुत सुंदर रचना दी।

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    Replies
    1. तहेदिल से धन्यवाद एवं आभार ज्योति जी !

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  6. सभी प्रस्तुतियाँ उम्दा.

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  7. बढ़िया संकलन

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  8. रोचक लिंक्स से सुसज्जित चर्चा... मेरी पोस्ट को स्थान देने हेतु हार्दिक आभार...

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  9. सुन्दर प्रस्तुति.मेरी रचना को स्थान देने के लिए धन्यवाद.

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  10. बहुत श्रम से सँजोये गए ढेर सारे पठनीय लिंक्स, मेरी रचनाओं को स्थान देने हेतु बहुत बहुत आभार !

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  11. शानदार सूत्रों से सुसज्जित आज का संकलन शास्त्री जी ! मेरी रचना को स्थान दिया आपका हृदय से बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार ! सादर वन्दे !

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  12. अद्भुत! कमाल की विविधता है । हर रंग की रचना है । जानकारी है । इन उत्कृष्ट रचनाओं के बीच स्थान देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद, शास्त्री जी ।

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  13. बहुत ही सुंदर संकलन आदरणीय सर।

    'स्वाभिमान का टूटता दरख़्त' को स्थान देने हेतु हृदय सर आभार।
    सादर

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  14. उत्कृष्ट लिंकों से सजी लाजवाब चर्चा प्रस्तुति
    मेरी रचना को स्थान देने हेतु तहेदिल से धन्यवाद एवं आभार आ. शास्त्री जी !

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  15. आदरणीय शास्त्री जी, नमस्कार !
    विविध रचनाओं से सज्जित रोचक, पठनीय और सराहनीय अंक ।
    इतना विस्तृत और सुंदर संकलन सजाने के लिए आपकी श्रमशीलता को नमन ।
    मेरे लोकगीत को शामिल करने के लिए आपका बहुत बहुत आभार ।
    सभी को मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ ।

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