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Tuesday, February 18, 2014

"अक्ल का बंद हुआ दरवाज़ा" (चर्चा मंच-1527)

मित्रों।
मंगलवार आप सबके लिए मंगलमय हो।
आज देखिए मेरी पसंद के कुछ लिंक।
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"अंधेर नगरी - चौपट राजा "......  
जनता की अक्ल का बंद हुआ दरवाज़ा ..??  

एक गुरुदेव अपने शिष्यों के साथ विचरण करते हुए पंहुचे ! सुबह की ठंडी हवा के साथ सूर्यदेव ने अपने दर्शन देकर प्रकृति की सुंदरता को जैसे दो गुना कर दिया था ! चिड़िया की चहचाहट और भँवरों का गुंजन इस सुंदरता को और भी मनमोहक बना रहा था ! चरों और फूलों की सुगन्ध फैली थी !* * " गुरुदेव ! ये हम किस नगर में प्रवेश कर चुके हैं ? देखिये न ! कितने सुन्दर पुष्प हैं यंहां ! इनकी सुगंध तो मन को मोह रही है ! ऐसा लगता है कि हम किसी ऐश्वर्यपूर्ण नगरी में आ पंहुचे हैं "! शिष्य ने प्रसन्न होते हुए कहा ! गुरुदेव बिना कोई उत्तर दिए आगे बढ़ते गए...
पीताम्बर दत्त शर्मा5TH Pillar Corruption Killer
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अंतिम बजट सुर्खियां 

वित्तमंत्री पी चिदम्बरम ने यूपीए-2 के अंतिम बजट में लोगों को लुभाने की कोशिश की। इसके तहत देश में बनी चीजों को सस्ता कर दिया है। इसके तहत बजट में कारों से एक्साइज ड्यटी घटा दी गई है।छोटी कारों पर 12 फीसदी से घटा कर 10 फीसदी तथा एसयूवी कारों पर 30 फीसदी से घटाकर 24 फीसदी डयूटी कर दी गई है। इसके साथ ही एजुकेशन लोन पर ब्याज कम कर दिया गया है...
KNOWLEDGE FACTORY पर Misra Raahul
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लक्ष्मण रेखायें 
 लौ तो बेचारी किस्मत की मारी जल ही रही थी
कमरे की मेहमान खुश्बू से उसे प्यार हो गया...
पथिक अनजाना
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बनूँगी मौन की भाषा .. 

मैं  बनूँगी मौन  की भाषा नयी 
बन के धुन  स्वर मेरे छू जाना तुम

मैं भरूँगी स्नेह से आँचल मेरा 
बन के झोंका नेह का  छू जाना तुम...
व्योम के पार पर Alpana Verma
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मुक्ति का गीत
दिल से
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वहशियों के नगर में रहना 

है नित काँटों पर चलना 
अब कोई कृष्ण नहीं आएगा
केवल दुर्योधन दांव लगाएगा 
दिल से पर Kavita Vikas
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ऐसा भी होता है 
गली के नुक्कड़ पर जब से पान की दुकान खुली है मोहल्ले के लड़कों को ठिया मिल गया। सुबह से शाम तक मज़मा लगा रहता ,बातें और ठहाके गूंजते रहते। हालांकि किसी ने कोई ऐसी वैसी बात या हरकत नहीं की थी लेकिन फिर भी लड़कियाँ और औरतें वहाँ से गुज़रते हुए सिर और नज़रें झुका लेतीं....
कासे कहूँ? पर kavita verma
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असली नकली 
आपके  पाले में  है तो असली है, दुसरे के पाले में है तो नकली है, या कुछ  यों कह ले की रूपये आपके जेब में है तो असली यदि दुसरे  के जेब में तो नकली, हम रईस तो व्हाईट मनी, वो रईस तो पक्का आपके  मन से भी काला  ब्लैक मनी,  असलियत चाहे जो कुछ भी हो उसमे आपना कीमती दिमाग जाया करने की जहमत कोई करना चाहता. दिमाग भी भला चलने की चीज है? अरे चलाना है व्यंग बाण चलिए, गाली चलाईये, धरना चलाईये...
नारद पर कमल कुमार सिंह (नारद ) 
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दर्द सहा नहीं जाता 

दर्द तो होता है मगर सहा नहीं जाता  
तू सामने भी है मगर कहा नहीं जाता...
यूं ही कभी पर राजीव कुमार झा
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रविकर तनु अस्वस्थ, देख जन-गण लाचारी- 


माने शरमाने लगे, सिर्फ स्वार्थमय भोग |
शारीरिक सुख-साधते, जाने-माने लोग |

जाने-माने लोग, कराएं परहित धंधे |
उच्चकोटि के ढोंग, फँसाये कोटिक अंधे |

बन बैठे भगवान्, बनायें विविध बहाने |
तन मन धन का दान, करोड़ों लगे कमाने ||
"लिंक-लिक्खाड़" पर रविकर 
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किताबों की दुनिया  

"किताबों की दुनिया" श्रृंखला अब अपने शतक की और बढ़ रही है। मुझे लगता है कि जैसे अभी तो शुरुआत ही हुई है। न जाने कितने शायर और उनकी शायरी अभी जिक्र किये जाने योग्य है। मैं कितनी भी कोशिश करूँ पर फिर भी मेरी कोशिश समंदर से उसके सिर्फ एक कतरे को आप तक पहुँचाने से ज्यादा नहीं होगी। इन दिनों मुनव्वर राना जी के संस्मरण की किताब "जो हम पे गुज़री सो -" का पहला भाग "बगैर नक़्शे का मकान " ....
नीरजपरनीरज गोस्वामी
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"लगे खाने-कमाने में" 

मुखौटे राम के पहने हुए, रावण जमाने में। 
लुटेरे ओढ़ पीताम्बर, लगे खाने-कमाने में।।

दया के द्वार पर, बैठे हुए हैं लोभ के पहरे, 
मिटी सम्वेदना सारी, मनुज के स्रोत है बहरे, 
सियासत के भिखारी व्यस्त हैं कुर्सी बचाने में। 
लुटेरे ओढ़ पीताम्बर लगे खाने-कमाने में...
सुख का सूरज
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कुण्डलियाँ 
पीटी करते हैं सभी नीली है पोशाक 
सारे बच्चे हैं खड़े एक रहा है ताक 
एक रहा है ताक पार है उसको जाना 
खेलें हैं जो खेल देख के उसको आना 
शिक्षक हैं दो बीच एक बजा रहा सीटी 
दूजा देता सीख, करेंगे कैसे पीटी....
गुज़ारिश पर सरिता भाटिया
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साथ क्या दोगे मेरा तुम उस ठिकाने तक 
(ग़ज़ल )
जब तलक पँहुचे लहर अपने मुहाने तक 
साथ क्या दोगे मेरा तुम उस ठिकाने तक...
HINDI KAVITAYEN ,AAPKE VICHAAR पर 

Rajesh Kumari
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साथी की तलाश थी उसे 
उसने चाहा था लिखना एक नाम ,  
वह नाम मीरा या राधा तो नहीं था  
राधा की तरह बिछोह सहना  
उसे ना-मंज़ूर था ...
नयी उड़ान + पर Upasna Siag 
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अरुण निशा के बीच दिवस का बीता जाए पल 
 कुछ लम्हे हैं प्रीत के तो कुछ में भरे हैं छल| 
शिलालेख सदा कहता है कैसा रहा अतीत, 
कुछ अवसाद होते हैं ऐसे वक्त ही जिनका हल...
मधुर गुंजन पर ऋता शेखर मधु 
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"ग़ज़ल-गुरूसहाय भटनागर बदनाम" 

दर्दे-मोहब्बत
मोहब्बत दर्द बन जाएगी ये सोचा न था हमने
भरी काँटों की राहों में बनाया आशियाँ हमने
वह मंजि़ल तक हमें लाकर अकेला छोड़ जाएँगे
बनाया अपने दिल का फिर उन्हें क्यों राज़दाँ हमने
सृजन मंच ऑनलाइन
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शब्दों का अनमोल अर्घ्य दो 

शब्द नुकीले शीशे से भी होते हैं फिर लहुलुहान 
घटनाओं का ज़िक्र शीशे से क्यूँ ?...
मेरी भावनायें...पर रश्मि प्रभा.
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गाय को चार थन (दूध देने वाले) 
और बकरी को सिर्फ़ दो ही थन क्यों होते हैं? 

ज्यादा पढा लिखा नही होने के बावजूद भी ताऊ एक सरकारी स्कूल में मास्टर बन गया. उन दिनों में वैसे भी आठवीं पास को सरकारी स्कूल में मास्टर की नौकरी आराम से मिल जाती थी. काम भी कोई ज्यादा नही होता था, बस स्कूल पहुंचकर बच्चों का हाजिरी रजिस्टर भरो और जो मर्जी में आये वो पढा दो...
ताऊ डाट इन पर ताऊ रामपुरिया
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मेरे सपनों की रानी कब आये गी तू 
मोतीचूर का लड्डू क्यों जनाब ? 
आ गया न मुहं में पानी , 
लड्डू और वह भी मोतीचूर का , 
सुनते ही जी ललचा जाता है 
और अगर वह सामने 
सजी हुयी प्लेट में पड़ा हो तो क्या कहने ...
Ocean of Bliss पर Rekha Joshi

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जो तुम आवो 

Sudhinama पर sadhana vaid

14 comments:

  1. चर्चा में खुद को पढ़ना ख़ुशी देता है, शुक्रिया
    जानदार लिंक्स

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  2. सुन्दर और पठनीय सूत्र।

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  3. आकर्षक सूत्रों से सुसज्जित मंच ! मुझे भी सम्मिलित किया इसके लिये बहुत-बहुत धन्यवाद !

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  4. बहुत सुंदर चर्चा.
    मेरे पोस्ट को शामिल करने के लिए आभार.

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  5. बहुत सुंदर चर्चा । उल्लूक का सूत्र "जो सच है उसको उल्टा कर उस के पीठ पर कुछ काम करें" को स्थान दिया आभार मयंक जी का ।

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  6. सुन्दर चर्चा, मेरी रचना "असली नकली" को स्थान देने के लिए आभार

    सादर

    कमल

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  7. BAHUT SUNDAR CHARCHA HAI , GYANVARDHAK HAI . SHUKRIYAA EK SAATH ITNE VIDWANO SE MILWANE HETU .
    आपका क्या कहना है साथियो !! अपने विचारों से तो हमें भी अवगत करवाओ !! ज़रा खुलकर बताने का कष्ट करें !! नए बने मित्रों का हार्दिक स्वागत-अभिनन्दन स्वीकार करें !

    जिन मित्रों का आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं और बधाइयाँ !!"इन्टरनेट सोशियल मीडिया ब्लॉग प्रेस "
    " फिफ्थ पिल्लर - कारप्शन किल्लर "
    की तरफ से आप सब पाठक मित्रों को आज के दिन की
    हार्दिक बधाई और ढेर सारी शुभकामनाएं
    ये दिन आप सब के लिए भरपूर सफलताओं के अवसर लेकर आये , आपका जीवन सभी प्रकार की खुशियों से महक जाए " !!
    जो अभी तलक मेरे मित्र नहीं बन पाये हैं , कृपया वो जल्दी से अपनी फ्रेंड-रिक्वेस्ट भेजें , क्योंकि मेरी आई डी तो ब्लाक रहती है ! आप सबका मेरे ब्लॉग "5th pillar corruption killer " व इसी नाम से चल रहे पेज , गूगल+ और मेरी फेसबुक वाल पर हार्दिक स्वागत है !!
    आप सब जो मेरे और मेरे मित्रों द्वारा , सम - सामयिक विषयों पर लिखे लेख , टिप्प्णियों ,कार्टूनो और आकर्षक , ज्ञानवर्धक व लुभावने समाचार पढ़ते हो , उन पर अपने अनमोल कॉमेंट्स और लाईक देते हो या मेरी पोस्ट को अपने मित्रों संग बांटने हेतु उसे शेयर करते हो , उसका मैं आप सबका बहुत आभारी हूँ !
    आशा है आपका प्यार मुझे इसी तरह से मिलता रहेगा !!आपका क्या कहना है मित्रो ??अपने विचार अवश्य हमारे ब्लॉग पर लिखियेगा !!
    सधन्यवाद !!

    प्रिय मित्रो , आपका हार्दिक स्वागत है हमारे ब्लॉग पर " 5TH PILLAR CORRUPTION KILLER " the blog . read, share and comment on it daily plz. the link is -www.pitamberduttsharma.blogspot.com., गूगल+,पेज़ और ग्रुप पर भी !!ज्यादा से ज्यादा संख्या में आप हमारे मित्र बने अपनी फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज कर !! आपके जीवन में ढेर सारी खुशियाँ आयें इसी मनोकामना के साथ !! हमेशां जागरूक बने रहें !! बस आपका सहयोग इसी तरह बना रहे !! मेरा इ मेल ये है : - pitamberdutt.sharma@gmail.com. मेरे ब्लॉग और फेसबुक के लिंक ये हैं :-www.facebook.com/pitamberdutt.sharma.7
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    मेरे ब्लॉग का नाम ये है :- " फिफ्थ पिलर-कोरप्शन किल्लर " !!
    मेरा मोबाईल नंबर ये है :- 09414657511. 01509-222768. धन्यवाद !!
    आपका प्रिय मित्र ,
    पीताम्बर दत्त शर्मा,
    हेल्प-लाईन-बिग-बाज़ार,
    R.C.P. रोड, सूरतगढ़ !
    जिला-श्री गंगानगर।
    " आकर्षक - समाचार ,लुभावने समाचार " आप भी पढ़िए और मित्रों को भी पढ़ाइये .....!!!
    BY :- " 5TH PILLAR CORRUPTION KILLER " THE BLOG . READ,SHARE AND GIVE YOUR VELUABEL COMMENTS DAILY . !!
    Posted by PD SHARMA, 09414657511 (EX. . VICE PRESIDENT OF B. J. P. CHUNAV VISHLESHAN and SANKHYKI PRKOSHTH (RAJASTHAN )SOCIAL WORKER,Distt. Organiser of PUNJABI WELFARE SOCIETY,Suratgarh (RAJ.)

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  8. आकर्षक सूत्रों से सुसज्जित चर्चा मंच,बहुत-बहुत धन्यवाद !

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  9. अच्छे चर्चा-संयोजन के लिये साधुवाद !

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  10. अच्छे लिंक्स मिले .बहुत सुन्दर प्रस्तुति है .
    मेरी पोस्ट शामिल करने के लिए बहुत-बहुत आभार.

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  11. बहुत सुंदर चर्चा ,मेरी पोस्ट शामिल करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद

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  12. आ० शास्त्री जी मेरी ग़ज़ल को चर्चामंच पर शामिल करने के लिए ह्रदय तल से आभार ,खेद है नेटवर्क डाउन होने के कारण पोस्ट पर देर से आना हुआ.

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जानवर पैदा कर ; चर्चामंच 2815

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