साहित्यकार समागम

मित्रों।
दिनांक 4 फरवरी, 2018 (रविवार) को खटीमा में मेरे निवास पर साहित्यकार समागम का आयोजन किया जा रहा है।

जिसमें हिन्दी साहित्य और ब्लॉग से जुड़े सभी महानुभावों का स्वागत है।

कार्यक्रम विवरण निम्नवत् है-
दिनांक 4 फरवरी, 2018 (रविवार)
प्रातः 8 से 9 बजे तक यज्ञ
प्रातः 9 से 9-30 बजे तक जलपान (अल्पाहार)
प्रातः 10 से अपराह्न 1 बजे तक - पुस्तक विमोचन, स्वागत-सम्मान, परिचर्चा (विषय-हिन्दी भाषा के उन्नयन में
ब्लॉग और मुखपोथी (फेसबुक) का योगदान।
अपराह्न 1 बजे से 2 बजे तक भोजन।
अपराह्न 2 बजे से 4 बजे तक कविगोष्ठी
अपराह्न 5 बजे चाय के साथ सूक्ष्म अल्पाहार तत्पश्चात कार्यक्रम का समापन।
(
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री का निवास, टनकपुर-रोड, खटीमा, जिला-ऊधमसिंहनगर (उत्तराखण्ड)
अपने आने की स्वीकृति अवश्य दें।
सम्पर्क-9368499921, 7906360576

roopchandrashastri@gmail.com

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Thursday, September 29, 2016

चर्चा - 2480

आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत है 
भगतसिंह के समर्थक भी शायद भगतसिंह को नहीं समझ पाये | ज्यादातर लोगों के लिए भगतसिंह और सुभाषचन्द्र गाँधी के खिलाफ बोलने के लिए हथियार मात्र हैं | अगर गांधी अहिंसावादी थे तो भगतसिंह भी अहिंसा को मानते होंगे तभी उन्होंने असेम्बली में नकली बम्ब फैंका लेकिन लोगों के लिए आज उनके विचारों से महत्त्वपूर्ण उनकी पगड़ी और उनकी पिस्तौल है | भगतसिंह जैसे महान व्यक्तित्व को समझने के लिए उनके पिस्तौल को प्रे रखकर उनके विचारों को समझना, अपनाना होगा यही उनको सच्ची श्रद्धांजलि है |
धन्यवाद 

7 comments:

  1. शुभ प्रभात
    आभार
    सादर

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  2. उपयोगी लिंकों के साथ शानदार शीर्षक चर्चा।
    आपका आभार आदरणीय दिलबाग विर्क जी।

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  3. सुन्दर गुरुवारीय प्रसतुति दिलबाग जी । आभार 'उलूक' का सूत्र " अदिति के जन्मदिन पर' को चर्चा में स्थान देने के लिये ।

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  4. शहीद भगतसिंह को शत शत नमन..काफी पठनीय सामग्री का चयन किया है आपने आज के बुलेटिन में ..आभार मुझे भी शामिल करने केलिए..

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  5. चर्चा मंच पर किसी लिंक का आना सचमुच गर्व का विषय है, अधिक से अधिक लोगों तक अपनी बात पहुँचाने का यह एक सार्थक उपाय है, एक बार फिर आभार !

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  6. चर्चा मंच पर विभिन्न लेखकों - लेखिकाओं की उत्कृष्ट एवं प्रेरणा दायक रचनाओं को पढ़कर बहुत अच्छा लगा। पहली बार चर्चा मंच का अवलोकन किया है, लेकिन यहाँ उपलब्ध रचनाओं को पढ़कर लगता है जैसे यहीं ठहर जाऊं।

    साहित्यिक लेखन से मेरा ज्यादा नाता नहीं रहा है, लेकिन अपने ब्लॉग पर राजनीतिक एवं सम-सामयिक विषयों पर टीका-टिप्पणी कर लेता हूँ।
    सप्रेम,

    मृत्युंजय
    www.mrityunjayshrivastava.com

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  7. बहुत बहुत आभार मेरे रचना को शामिल करने के लिए ..सादर

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(चर्चा अंक-2853)

मित्रों! मेरा स्वास्थ्य आजकल खराब है इसलिए अपनी सुविधानुसार ही  यदा कदा लिंक लगाऊँगा। शुक्रवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  ...