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Tuesday, April 27, 2021

"भगवान महावीर जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं"'(चर्चा अंक-4049)

सादर अभिवादन 

आज की प्रस्तुति में आप सभी का हार्दिक स्वागत है 

(शीर्षक आदरणीय सवाई सिंह जी की रचना से )

 विश्व शांति व करुणा के पथ प्रदर्शक, “अहिंसा परमो धर्म:” का संदेश देने वाले भगवान महावीर जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं.... 

विश्व में शांति हो,इस काल पर हमारी विजय हो.... 

इसी प्रार्थना के साथ चलते हैं,आज की रचनाओं की ओर....

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 भगवान महावीर जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं।




संपूर्ण विश्व को को अहिंसा और सत्य के मार्ग पर चलने का सन्देश 

देने वाले भगवान महावीर स्वामी जी जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं

 उनके द्वारा बताए गए मार्ग पर अगर हम चलना स्टार्ट करें तो

 हमारा जीवन सफल हो जाएगा उनके जन्म जयंती के 

अवसर पर उनके द्वारा बताए गए अनमोल वचन


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वर्तमान में वर्धमान की आवश्यकता



जीओ और जीने दो का सिद्धांत।
अपनाकर मन यह हम करते शांत।
हे भगवान हमारे महावीर वर्धमान।
आवश्यकता तेरी चाहता वर्तमान।


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कैसे बताएं कि हम जन्म के घुन्ने हैं तो हैं.

अब ऐसा ही बनाया आपने.

मन में लगी है भुनुर- भुनुर, तो क्या लिखें?

गुस्से और आँसुओं से कन्ठ अवरुद्ध है.

मतलब हद्द ही कर रखी है.


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मैंने महसूस किया कि मैं सबकी अपनी हूं पर मेरी भीतर जो 
भयावह प्रेत आत्मा का वास हो गया है वह मेरे आस-पास 
भटकने वाले मेरे अपने लोगों को, 
अपनी एक फूक से अपनी गिरफ्त में ले सकता है।


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तबाही होगी ऐसी कभी सोचा न था

मौत का पहरा हर गली

मोहल्ला और घर पर होगा।


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आँखों ही आँखों से



आँखों ही आँखों से मिले थे 

दूर-दूर ही थे मगर हर पल 

नज़रों से होते रहे नज़दीक 

संकोच झुकती नज़रों से 

हौसलों से देखती वो नज़रें 


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ऑक्सीजन की अति भी खतरनाक हो सकती है






इस बार कायनात शायद कुछ ज्यादा ही नाराज है ! 
एक छोर संभालने जाते है तो दूसरा बेकाबू हो जाता है !
 किसी तरह उसका हल निकलता है तो एक तीसरी समस्या आन खड़ी हो जाती है ! 
उसका हल निकलता लगता है तब तक कुछ और नया सामने आ जाता है ! 
बड़ी मुश्किल से दवा का इंतजाम हुआ तो
 अब ऑक्सीजन की कमी की समस्या मुंह बाए सामने आ गयी। 


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हिम्मत रखिए, जीतेंगे। इस कोरोना काल में मौत को मात देकर जो लौट आए हैं, उनके अनुभव साझा करिए, और सकारात्मक रहिए, ठीक है। ऊपर वाले पर भरोसा रखिए जब तक आपका पत्ता वह साफ नहीं करता तब तक आप यही अटके रहेंगे और इन व्यवस्थाओं को कोसने का सुनहरा अवसर मिलेगा।

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वर्षा जी की स्वर्गीय माता डॉ. विद्यावती "मालविका"जी  को विनम्र श्रद्धांजलि,परमात्मा उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें -------------

अल्विदा मेरी मां डॉ. विद्यावती "मालविका" | डॉ.वर्षा सिंह



   प्रिय ब्लॉग पाठकों, मेरी स्वर्गीय माता जी डॉ. विद्यावती "मालविका" 
की जन्मभूमि मध्यप्रदेश के मालवा की उज्जैयिनी है 
और उनका कर्मक्षेत्र रहा है बुंदेलखंड का पन्ना और सागर। 
मालवा और बुंदेलखंड दोनों क्षेत्रों के प्रति स्नेहांजलि स्वरूप 
लिखा उनका यह गीत आज उन्हीं को श्रद्धांजलि स्वरूप यहां प्रस्तुत है-

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आज का सफर यही तक
आप सभी स्वस्थ रहें,सुरक्षित रहें 
मानवता की विजय अवश्य होगी 

कामिनी सिन्हा 

12 comments:

  1. इस संकट काल में भगवान महावीर की सात्विक आभा से प्रकृति का कण कण आभासित और पुलकित हो। सुंदर चर्चा की बधाई और आभार।

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  2. बहुत सुंदर चर्चा अंक। बेहतरीन रचनाओं से भरपूर। सुंदर और सराहनीय।

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  3. महावीर जयंती की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ हमारे ब्लॉग की लिंक शेयर करने के लिए आभार।
    बढ़िया चर्चा पटल बिछाया गया है, पढ़ते हैं जल्दी ही।

    ReplyDelete
  4. अच्छी रचनाएं हैं, सभी को खूब बधाई। मन से मथी गई रचनाओं में समय को मैं बार-बार वार्तालाप करते सुनता हूं। खुब बधाई कामिनी जी।

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  5. समसामयिक,यथार्थपूर्ण और पठनीय संकलन, आपके श्रमसाध्य कार्य हेतु आपको बहुत बधाई तथा शुभकामनाएं,मेरी रचना को शामिल करने के लिए आपका बहुत आभार कामिनी जी ।

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  6. महावीर जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं...पठनीय संकलन...हमारे ब्लॉग की लिंक शेयर करने के लिए आपका बहुत आभार...!

    ReplyDelete
  7. महावीर जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं...पठनीय संकलन...हमारे ब्लॉग की लिंक शेयर करने के लिए आपका बहुत आभार...!

    ReplyDelete
  8. बहुत अच्छी सामयिक चर्चा प्रस्तुति
    महावीर जयंती के साथ ही हनुमान की हार्दिक शुभकामनाएं सभी को

    ReplyDelete
  9. चर्चा मंच पर उपस्थित होने के लिए आप सभी स्नेहीजनों को तहेदिल से शुक्रिया एवं सादर नमस्कार

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  10. जागरूकपूर्ण, स्नेहिल, उत्कृष्ट रचनाओं का संकलन।
    सादर।

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