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Tuesday, November 12, 2019

"आज नहाओ मित्र" (चर्चा अंक- 3517)

मित्रों!
मंगलवार की चर्चा में आपका स्वागत है।
देखिए मेरी पसन्द के कुछ अद्यतन लिंक। 
(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 
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आज कार्तिक पूर्णिमा गंगास्नान का पर्व है
आज ही के दिन 550 वर्ष पूर्व  
गुरु नानक देव जी का अवतरण हुआ था
सबसे पहले देखिए गंगा स्नान पर कुछ दोहे- 
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आज देव दीपावली का पावन पर्व है 
इस उपलक्ष्य में शशि गुप्ता ने 
अपने ब्ल़ॉग व्याकुल पथिक पर 
एक आध्यात्मिक पोस्ट लगाई है- 

देव दीपावली 

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हिन्दी ब्लॉगिंग के पुरोधा आदरणीय समीरलाल समीर जी का  
एक उपयोगी आलेख उड़न तश्तरी ....पर देखिए- 
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मन के पाखी पर Sweta sinha जी ने 
एक मोहक अभिव्यक्ति को  
अपने शब्दों में कुछ इस प्रकार पिरोया है- 

इंद्रधनुष

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एक प्रेरक और मार्मिक कहानी का
आप भी आनन्द लीजिए- 

कहानी-  

बाल दिवस हर बच्चे के लिए नहीं होता!!

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हिन्दी-आभा*भारत  पर Ravindra Singh Yadav जी की  
शुक्रवार, 28 जुलाई 2017
को लिखी एक दीर्घ रचना 
आज के सन्दर्भ में बहुत समीचीन है- 
हे मनुष्य
तुम कितने ख़ुद-ग़रज़ हो ?
अपने हित-लाभ के लिये 
रोपते-सहेजते हो मुझे
अपनी सहूलियत-सुविधा हेतु  
बेरहमी से उजाड़ते हो मुझे।

आज भी घर लौटते
थकानभरी
लम्बी उड़ान से हाँफते
 हारे-थके पक्षी
मेरी सूखी जर्जर काया पर

विश्राम करते हैं... 
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आपका ब्लॉगपरआनन्द पाठक  जी ने 
एक बेहतरीन ग़ज़ल प्रस्तुत की है- 

एक ग़ज़ल :  

भले ज़िन्दगी से हज़ारों शिकायत--- 

भले ज़िन्दगी से हज़ारों शिकायत जो कुछ मिला है  
उसी की इनायत ये हस्ती न होती ,तो होते कहाँ ... 
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कुछ मेरी कलम से kuch meri kalam se पर रंजू भाटिया जी ने
कुदरत के सबसे सुन्दर रूप की व्याख्या निम्न प्रकार से की है- 

नारी का सबसे सुंदर रूप " माँ"  

( भाग 1 ) 

नारी के सब रूप अनूठे हैं ,पर माँ का रूप सबसे अदभुत है कोई भी स्त्री माँ बन कर अपनी संतान से कितना प्यार कर सकती है बदले में कुछ नही चाहती,यही नारी का सबसे प्यारा रूप होता है बस वो सब कुछ उन पर अपना लुटा देती है और कभी यह नही सोचती की बदले में उसका यह उपकार बच्चे उसको कैसे देंगे ! नारी का रूप माँ के रूप में सबसे महान है इसी रूप में वो स्नेह , वात्सलय , ममता मॆं सब उँचाइयों को छू लेती है... 
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शरारती बचपनपरsunil kumar जी ने 
एक क्रान्तिकारी की वैचारिक विरासत को प्रस्तुत किया है- 

भगत सिंह की वैचारिक विरासत -  

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aashaye पर garima  जी ने  
जिन्दगी की परिभाषित करते हुए कहा है- 

जिंदगी हसीन है 

जिंदगी हसीन होती है,  
जिंदगी हसना सीखती है,  
जिंदगी हालातो से लड़ना सिखाती है  
जिंदगी भी अजीब पहेली है,  
जिंदगी बहुत अच्छी सहेली है,.. 
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अपने बारे में कहा है- 

कभी सोचा नहीं

मैंने कभी सोचा नहीं खुद के बारे में  
समय ही नहीं मिला सब का कार्य करने में |  
जिन्दगी हुई बोझ अब तो चन्द  
घड़ियाँ रही शेष  
अकर्मण्य हुई अब तो  
अब सोचना है व्यर्थ... 
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Nitish Tiwary जी ने अपने अन्दाज में 
एक चित्र के साथ अपनी पोस्ट लगाई है- 
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मेरे विचार मेरी अनुभूति पर कालीपद "प्रसाद" ने  
एक खूबसूरत ग़ज़ल पोस्ट की है- 

ग़ज़ल 

उन्हें अतीव ख़ुशी क्यों क़ज़ा के’ आने की  
खबर मिली नहीं’ उस बेवफा के आने की |  
मुसीबतों से’ अभी हो गई मे’री यारी  
है’ इंतज़ार भयानक बला के’ आने की... 
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दिगंबर नासवा  जी की 
आने वाली पुस्तक के लिए बधाई

कोशिश ...  

माँ को समेटने की 

तमाम कोशिशों के बावजूद 
उस दीवार पे
तेरी तस्वीर नहीं लगा पाया... 
स्वप्न मेरे ...पर दिगंबर नासवा - 
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8 comments:

  1. आज कार्तिक पूर्णिमा अथार्त दीपदान एवं गंगास्नान का पर्व है। कार्तिक माह के इस आखिरी महापर्व पर आए अध्यात्मिक विचार-गंगा में स्नान कर मन में ज्ञान का दीपक जलाएँ, ताकि हम इस प्रकाश/ गुरुपर्व पर अपनी मानवीय संवेदनाओं को जागृत कर सकें।
    इस निष्पक्ष एवं जनप्रिय मंच पर मेरे लेख को प्रमुखता देने के लिये हृदय से आपका आभार, धन्यवाद और प्रणाम।
    चर्चामंच की ख्याति इसी प्रकार निरंतर बढ़ती रही और वह विविध रचनात्मक सामग्रियों को हम पाठकों तक पहुँचाता रहे, ऐसी कामना इस शुभदिन पर कर रहा हूँ।

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  2. आभारी हूँ आदरणीय सर ....आपके द्वारा रचनाओं की प्रस्तुति के नया ढंग बहुत अच्छा लगा। सुंदर बहुरंगी सूत्रों से सजी आज की चर्चा में मेरी रचना शामिल करने के लिए बहुत आभार।
    सादर।

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  3. बहुत विस्तृत चर्चा ब्लोग्स की ...
    अच्छा संकलन है ... आभार मेरी रचना को स्थान देने के लिए ...

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  4. बहुत सुंदर प्रस्तुति। गुरु नानक देव जी की 550 वीं जयंती और कार्तिक पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं।
    हिंदू धर्म की ज़ात-पात पर आधारित समाज की विकृतियों को दूर करने के लिये आडंबरविहीन ईश्वरीय मार्ग की स्थापना के लिये गुरु नानक देव जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी जो आज विश्व भर में प्रभाव कारी है। गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं अजर-अमर हैं।
    भारतीय कैलेंडर के हिसाब से अमावस्या और पूर्णिमा हिंदी महीनों की महत्वपूर्ण तिथियां हैं। आज कार्तिक पूर्णिमा है अर्थात कार्तिक मास का अंतिम दिन।
    सभी चयनित रचनाकारों को बधाई एवं शुभकामनाएं।
    मेरी रचना को इस प्रतिष्ठित मंच पर प्रदर्शित करने के लिये सादर आभार आदरणीय शास्त्री जी।

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  5. उम्दा चर्चा। मेरी रचना को चर्चा मंच में शामिल करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद, आदरणीय शास्त्री जी।

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  6. आजकी प्रस्तुती में आपका अंदाज मन को भा गया | सभी रचनाओं पर आपके शब्द रचनाकारों के लिए अनमोल आशीष भरा उपहार हैं | सभी रचनाएँ बहुत बढिया हैं | सभी को संत शिरोमणि गुरुनानकदेव के जन्मदिवस पर शुभकामनायें और बधाई |

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  7. सुप्रभात
    उम्दा सजा चर्चा मंच
    मेरी रचना शामिल करने के लिए धन्यवाद सर |

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