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Thursday, January 07, 2021

चर्चा - 3939

 आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत है 


"एक अलग ही छवि बनती है, परंपरा भंजक होने से 

तुलसी इनके लिए विधर्मी, देरीदा को खास लिखेंगे|"

अदम गोंडवी की ये पंक्तियाँ हम सब लोगों पर बड़ी सटीक बैठती हैं| हम हर बात के लिए पश्चिम की ओर झांकते हैं| पश्चिम की बातों को अपनाना तो बुरा नहीं, लेकिन अपने गौरवमयी अतीत को भूलना भी अच्छा नहीं कहा जा सकता है| महात्मा बुद्ध का मध्यम मार्ग सिर्फ अध्यात्म में ही नहीं, जीवन के हर पक्ष पर लागू होता है| "अति सर्वत्र वर्जयेत्" आखिर यूं ही तो नहीं कहा गया| 

चलते हैं चर्चा की ओर 

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दिलबागसिंह विर्क 

11 comments:

  1. सुन्दर लगी प्रस्तुति
    असीम शुभकामनाओं के संग हार्दिक आभार आपका
    श्रमसाध्य कार्य हेतु साधुवाद

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  2. असीम शुभकामनाओ के साथ

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  3. बहुत सुन्दर चर्चा प्रस्तुति।
    आपका आभार आदरणीय दिलबाग सिंह विर्क जी।

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  4. उत्कृष्ट रचनाओं का संकलन।अशेष शुभकामनाएँ।
    सादर

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  5. अच्छी लिंक्स....

    हार्दिक शुभकामनाएं 🙏💐🙏

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  6. बहुत अच्छी ब्लॉग लिंक प्रस्तुति

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  7. टेस्ट मैच से 20-20 जैसा बदला स्वरूप भी उतना ही दिलकश है !

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  8. सरल सीधे अंदाज में सुंदर चर्चा ! आभार !

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  9. बहुत बढियां ब्लॉग लिंक

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  10. अति सुन्दर प्रस्तुति।

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  11. अच्छे लिंक्स , शानदार भूमिका, सुंदर प्रस्तुति।
    सभी रचनाकारों को बधाई।
    मेरी रचना को शामिल करने के लिए हृदय तल से आभार।

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