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Friday, January 01, 2021

"नए साल की शुभकामनाएँ!" (चर्चा अंक- 3933)

सादर अभिवादन ! 

नव वर्ष के प्रथम दिवस की शुक्रवार की चर्चा में आप सब प्रबुद्धजनों का स्वागत एवं नव वर्ष की हार्दिक शुभ कामनाएँ ।

नए साल की शुभकामनाएँ!

खेतों की मेड़ों पर धूल भरे पाँव को

कुहरे में लिपटे उस छोटे से गाँव को

नए साल की शुभकामनाएं!

'सर्वेश्वरदयाल सक्सेना'

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आइए अब बढ़ते हैं विभिन्न ब्लॉगस् से आज के चयनित सूत्रों की ओर जिनमें गत वर्ष के अनुभूत अनुभवों और नववर्ष के लिए अंतस् में उठे उद्गारों की अनुपम अभिव्यक्ति है -

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नव-वर्ष मनायें अब कैसे - डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

हालत जैसे के हैं तैसे!
नव-वर्ष मनायें अब कैसे!
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सत्याग्रह करते हैं किसान,
सरदी से काँप रहा है तन।
धनवानों के हिन में नियमन,
मनमानी करता है शासन।
लोकतन्त्र के जंगल में,
नव-वर्ष मनायें अब कैसे!

***

31 दिसंबर

मानव मंशा से मिले जख़्मों को

स्वाभिमान की चादर से

बार-बार ढकता हुआ 

पलकें झुकाए

न हिला न डुला

न कुछ बोला

बस चला गया चुपचाप।

***

असीम शुभकामनाएँ  

जिन्दगी कल थी उन्नीस–बीस,

कल हो जाएगी इक्कीस-बाइस।

लगे हुए हैं सब कोई बेचने में

एस्किमो को आइस।

गाँठ में जोड़ कर रखें पाई-पाई

नव वर्ष की हार्दिक बधाई।

***

"नई सोच के साथ, नया साल मुबारक हो"

" 2021 "आख़िरकार नया साल आ ही गया। कितने उत्साह, कितने उमंग के साथ आज रात को पुराने साल की विदाई और नए साल के स्वागत का जश्न चलेगा। पुराने साल को ढेरों बद्दुआएं देकर कोसा जायेगा और नए साल से कई नयी उम्मीदें लगायी जायेगी। उम्मीदें लगाना, अच्छा सोचना और आशावान होना सकारात्मक सोच है जो होना ही चाहिए।

***

बस हैप्पी न्यू ईयर बोल  

क्षण भर की खुशी के चक्कर में 

खतरे न लो मोल

क्योंकि जीवन है अनमोल

बस हैप्पी न्यू ईयर बोल

बस हैप्पी न्यू ईयर बोल

***

कभी वो आपकी, अपनी कभी सुनाते हैं  

हमारे प्यार की वो दास्ताँ बताते हैं

मेरी दराज़ के कुछ ख़त जो गुनगुनाते हैं 

 

चलो के मिल के करें हम भी अपने दिल रोशन

अँधेरी रात में जब दीप झिलमिलाते हैं

 

किसी के आने की हलचल थीं इन हवाओं में

तभी पलाश के ये फूल खिलखिलाते हैं

***

साल परिवर्तन

यह सच है 

कि 2020 ने बहुत परेशान किया,

पर उसका साथ तो रहा ही है,

जिसके साथ रहे हों,

उसका जाना बुरा तो लगता ही है,

वह कितना ही बुरा क्यों न हो.

***

नववर्ष का करने कल्याण...

ज्ञान की दुशाला तान 

अवचेतन का रखते मान 

नववर्ष में... 

अवशेषजन का करने कल्याण

हे शिव! मानव रूप धर तुम धरा पर कब आओगे?

***

मुट्ठी से फिसल गया

निःसंदेह, बीता कल नहीं लौटेगा   

जो बिछड़ गया, अब नहीं मिलेगा   

फिर भी रोज़-रोज़ बढ़ती है आस   

कि शायद मिल जाए वापस   

जो जाने अनजाने, बंद मुट्ठी से फिसल गया।  

***

ग़ज़लों के आईने मेंं नया साल- डॉ. वर्षा सिंह

नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाओं सहित  साल के बदलाव की इस समययात्रा के साथ ग़ज़लयात्रा में आज प्रस्तुत हैं कुछ नई - पुरानी, ऐसी चुनिंदा ग़ज़लें जिनमें नए साल के आगमन के प्रति अनेक आशाएं दृष्टिगोचर होती हैं।

***

नव वर्ष का अभिवादन - -

गुज़िश्ता साल ने ज़ख्म देने

में यूँ तो कोई कंजूसी नहीं की,

उम्मीद है, नए साल की

भोर दे, ज़िन्दगी को

एक नए अंदाज़

में, जीने की

दिलासा।

***

नए    साल   में    हर   नई   बात हो।

खुशियों  की  हरदम ही बरसात हो।


हो  इंसानियत    की    तरफदारियां

सभी  के  दिलों  में   ये  जज्बात हो।


मुश्किल  जो   आई    गए  साल में

नए साल में   उसकी   भी  मात हो।

***

सांझी धरती गगन एक है

है सृष्टि क्रम अनंत काल से 

चाँद-सितारे भी युग-युग से, 

किन्तु पुरातन कभी न होते 

पल-पल खुद को नूतन करते !

***

आज का सफर यहीं तक…

नववर्ष मंगलमय हो 🙏 🙏 फिर मिलेंगें...

"मीना भारद्वाज"

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16 comments:

  1. बढ़िया प्रस्तुति.आभार

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  2. नववर्ष मंगलमय हो सभी के लिये।

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  3. बहुत अच्छी चर्चा प्रस्तुति में मेरी ब्लॉग पोस्ट शामिल करने हेतु आभार!
    नववर्ष सबके लिए शुभकारी हो, यही मंगलकामना है!

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  4. असीम शुभकामनाओं के संग हार्दिक आभार आपका
    हर पल मंगलकारी हो
    श्रमसाध्य कार्य हेतु साधुवाद

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  5. सर्वेश्वरदयाल सक्सेना के ज़र‍िये नए साल का आग़ाज जबरदस्त है मीना जी, आपको व चर्चामंच पर मौजूद सभी महानुभावों को नववर्ष की हार्द‍िक शुभकामनायें

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  6. बहुत सुंदर प्रस्तुति। आप सभी को नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं 💐💐

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  7. बहुत सुन्दर और सारगर्भित प्रस्तुति।
    नव वर्ष 2021 की हार्दिक शुभकामनाएँ।

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  8. चर्चा मंच के समस्त सहभागियों और सुधी पाठकों को नूतन वर्ष 2021 की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🏻💐🙏🏻

    प्रिय मीना भारद्वाज जी,
    आपके प्रति हार्दिक आभार... मेरी पोस्ट को चर्चा में शामिल कर आपने इसे जो महत्व प्रदान किया है, वह मेरे लिए अत्यंत प्रसन्नता का विषय है। पुनः अनंत शुभकामनाओं सहित,
    सस्नेह,
    डॉ. वर्षा सिंह

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  9. नववर्ष की शुभकामनाओं से जगमगाता सुंदर प्रस्तुति मीना जी, मेरी रचना को स्थान देने के लिए हृदयतल से शुक्रिया, आप को और ब्लोग जगत के सभी स्नेहीजनों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं

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  10. मीना भारद्वाज जी,
    यह मेरे लिए नववर्ष के उपहार के समान है कि मेरी ग़ज़ल आपने चर्चा मंच में शामिल की। हार्दिक आभार एवं धन्यवाद 🙏

    नववर्ष आपके लिए सुख और समृद्धिकारी हो ⭐🌹🙏🌹⭐ - डॉ शरद सिंह

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  11. आज की चर्चा में शामिल सभी रचनाएं उत्कृष्ट हैं।

    चर्चा मंच से जुड़े सभी साहित्य मनीषियों को नववर्ष 2021 की हार्दिक शुभकामनाएं 🌹🙏🌹

    वर्ष 2021 सभी के लिए सुख,समृद्धि और स्वास्थ्यवर्द्धक हो 🚩🙏🚩

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  12. नए साल की नई उम्मीदों से लबरेज़, चर्चा मंच मुग्ध करता हुआ, मुझे शामिल करने हेतु ह्रदय तल से आभार आदरणीया मीना जी - - नमन सह। सभी को नूतन वर्ष की असंख्य शुभकामनाएं।

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  13. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।

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  14. सुख,शांन्ति एवं समृध्दि की मंगलकामनाओं के साथ आपको नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं।

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  15. बहुत ही सुंदर सराहनीय प्रस्तुति आदरणीय मीना दी।
    मुझे स्थान देने के लिए दिल से आभार।
    सादर

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  16. बेहतरीन सूत्र ... लाजवाब चर्चा नए साल की ...
    आभार मुझे आज शामिल करने का ...

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