Followers

Friday, January 14, 2022

'सुधरेगा परिवेश अब, सबको यह विश्वास' (चर्चा अंक 4309)

सादर अभिवादन।

शुक्रवारीय प्रस्तुति में आपका स्वागत है।

 मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएँ। 

      मकर संक्रांति पर्व पर सूर्य दक्षिणायण से उत्तरायण दिशा में आकर मकर राशि में प्रवेश करता है। अर्थात दक्षिण पूर्व दिशा से उत्तर-पूर्व दिशा की ओर सूर्य का दिखाई देना बढ़ने लगता है। यह घटनाक्रम पृथ्वी द्वारा सूर्य के चारों ओर सालाना चक्कर पूरा करते रहने से नियमित अंतराल पर घटित होता रहता है। इसीलिए अन्य भारतीय त्योहारों की तरह मकर संक्रांति की अँग्रेज़ी कलेंडर के अनुसार हर वर्ष तारीख़ नहीं बदलती है अर्थात यह पर्व हर वर्ष 14 जनवरी को ही मनाया जाता है। मान्यता है कि रुके हुए शुभ कार्य संक्रांति पर्व से शुरु किए जाते हैं। भारतीय समाज पर शास्त्र निर्धारित ज्ञान व मान्यताओं का गहरा प्रभाव है अतः पौष (पूष) माह में शुभ कार्य आरंभ करने से लोग परहेज़ करते हैं।

माघ माह 18 जनवरी 2022 से आरंभ होगा।      

आइए पढ़ते हैं चंद चुनिंदा रचनाएँ-

दोहे "लोहिड़ी-लोगों में उल्लास" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्रीमयंक’)

गुड़ में भरी मिठास हैतिल में होता स्नेह।

खाकर मीठा बोलिएबना रहेगा नेह।३।

--

चारों ओर भरा हुआलोगों में उल्लास।

सुधरेगा परिवेश अबसबको यह विश्वास।४।

*****

मकर संक्रांति

जैसे ही कोई मित्र आए

मम्मी को पसंद नहीं आता

वह इशारे से मना कर देती

छत के ऊपर जाने को

रंगबिरंगी पतंग काटने को |

*****

प्री वेडिंग फोटो शूट - उचित या अनुचित 

मेरे विचार से इन विदेशी परम्पराओं और रीतियों से हमारे समाज को और हमारे बच्चों को बचना चाहिए ! कुछ बातें बहुत ही निजी और अन्तरंग होती हैं उनका प्रदर्शन सबके सामने किया जाए यह कतई ज़रूरी नहीं होता !

*****

६३३. हमसफ़र

अचानक ऐसा क्या हुआ

कि तुम्हारी कोई मंज़िल ही नहीं रही,

अब तुम तैयार हो

किसी भी उस जगह उतरने को,

जहाँ मुझे नहीं उतरना है.

*****

उत्सव एक रूप अनेक

मकर संक्रांति का उत्सव किसी किसी रूप में सम्पूर्ण भारतवर्ष में मनाया जाता है।पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू  में इसे फसल का त्योहार माना  जाता है, कृषकगण  लोहरी और माघी के रूप में मनाते हैं; अग्नि के चारों ओर नृत्य करते हुए युवा नाचते और गाते हैं।

*****

ज़िन्दगी के सुरों का रियाज़

*****

Watch: भारतीय डॉक्टर ने 1997 में ही इनसान में कर दिया था सुअर का दिल इंप्लांट

लेकिन डॉ बार्टले ग्रिफिथ दुनिया में पहले तरह के इस इम्पलांट का दावा कर रहे थे तो एक शख्स का नाम लेना भूल गए. वो शख्स हैं भारत के असम राज्य की राजधानी गुवाहाटी में रहने वाले डॉ धनीराम बरूआ का. डॉ बरूआ इसी तरह से सुअर के दिल को किसी इनसान में 25 साल पहले ही फिट कर चुके थे. गुवाहाटी के बाहरी इलाके सोनापुर में डॉ बरूआ ने धनीराम बरूआ हार्ट इंस्टीट्यूट एंड इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड ह्यूमन जेनेटिक इंजीनियरिंग में ये इम्पलांट किया था.

*****

1021-चैन की साँस

आखिर क्या है

प्रेम की परिभाषा

कोई जाने

राधामीरापद्मिनी

सीता या यशोधरा?

*****

अगर मान सको तो..

चंद्र बिन्दु जहाँ है

वहीं अच्छा है

मैं माथे की बिंदिया सी

ख्यालों का चंद्रबिंदु क्यूँ बनूं..

*****

 आज बस यहीं तक 

फिर मिलेंगे आगामी सोमवार। 

रवीन्द्र सिंह यादव  

 

13 comments:

  1. बेहतरीन प्रस्तुति..
    मकरसंक्रांति की हार्दिक हार्दिक हार्दिक शुभकामनाएं व ढेर सारी बधाइयाँ🎉🎊
    आप सभी का दिन मंगलमय हो🙏

    ReplyDelete
  2. मकर संक्रांति के अवसर पर बहुत बढ़िया चर्चा प्रस्तुति|
    सभी पाठकों को मकर संक्रांति (उत्तरायणी) की हार्दिक शुभकामनाएँ|
    आपका आभार आदरणीय रवीन्द्र सिंह यादव जी|

    ReplyDelete
  3. मेरी रचना को इस सुंदर मंच पर स्थान देने के लिए आदरणीय रवींद्र सिंह यादव जी का हार्दिक आभार!

    आप सभी को मकर संक्रांति की अनेक शुभकामनाएँ।

    ReplyDelete
  4. मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर सभी रचनाकारों, पाठकों व चर्चा मंच के संचालकों को हार्दिक शुभकामनाएँ, अति श्रम से सजायी सुंदर प्रस्तुति, आभार!

    ReplyDelete
  5. उम्दा चर्चा। मकर संक्रांति की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं...

    ReplyDelete
  6. बहुत अच्‍छी चर्चा प्रस्‍तुति
    सबको मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं

    ReplyDelete
  7. बहुत सुन्दर सूत्रों से सुसज्जित आज की चर्चा ! मेरे आलेख को आज की चर्चा में सम्मिलित किया आपका ह्रदय से बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार रवीन्द्र जी ! सादर वन्दे ! सभी मित्रों व पाठकों को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं !

    ReplyDelete
  8. बहुत सुंदर रचनाओं का संग्रह... आपको मकर संक्रांति की बहुत बहुत बधाई 🙏

    ReplyDelete
  9. बहुत खूबसूरत चर्चा संकलन

    ReplyDelete
  10. बढ़िया रचनाएं

    ReplyDelete
  11. सुप्रभात
    उम्दा संकलन आज का |मेरी रचना को शामिल करने के लिए आभार रविन्द्र जी |

    ReplyDelete
  12. सुंदर संग्रह.मेरी रचना को स्थान देने के लिए आभार.

    ReplyDelete
  13. सभी लिंक्स प्रसंशनीय।

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।